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पर्यटकों के स्वागत को तैयार हुआ कतर्निया
Updated Sun, 12 Nov 2017 10:46 PM IST
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बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र पर्यटकों के लिए 15 नवंबर से खोल दिया जाएगा। इसके लिए वन विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। पर्यटक भी वन क्षेत्र की सुरम्यता का लुत्फ उठाने के लिए उत्साहित हैं। ठंड की आहट ने कतर्निया के सौंदर्य में चार चांद भी लगा रखा है। इस बार पर्यटकों के स्वागत के लिए विशेष तैयारियों में वन विभाग जुटा हुआ है।
कतर्नियाघाट सेंच्युरी में बाघ, तेंदुआ, हिरन, हाथी, चीतल, बारहसिंघा व अन्य दुर्लभ वन्यजीव विहार करते हैं। लेकिन बरसात के मौसम में जंगल की पगडंडियां क्षतिग्रस्त होने और वन्यजीवों के हमले की आशंका बढ़ने के मद्देनजर पर्यटकों के आगमन पर रोक लगा दी जाती है। 15 जुलाई से 14 नवंबर तक वन्यजीव विहार में पर्यटकों का प्रवेश वर्जित रहता है। यह अवधि बीतने में सिर्फ एक दिन बचा है। ऐसे में पर्यटकों के स्वागत के लिए कतर्नियाघाट सेंच्युरी में तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। इस बार कतर्नियाघाट पहुंचने वाले पर्यटक मोतीपुर और ककरहा रेंज में इको टूरिज्म के रूप में विकसित विश्राम भवन के अलावा वातानुकूलित थारूहट, 16 बेड के डबल स्टोरी डारमेट्री, कैंटीन, शुलभ शौंचालय और जनरेटर का भी आराम उठा सकेंगे। प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि इको टूरिज्म के लिए नए सिरे से निर्मित भवनों के अलावा ककरहा, मोतीपुर, निशानगाड़ा, धर्मापुर, मुर्तिहा और कतर्नियाघाट गेस्ट हाउस में भी पर्यटक ठहर सकेंगे। कतर्नियाघाट के सभी थारूहट पर्यटकों के लिए बुक किए जाएंगे।
देना होगा निर्धारित शुल्क
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि कतर्नियाघाट सेंच्युरी के विहार के लिए निर्धारित शुल्क पर्यटकों को अदा करना होगा। शुल्क अदायगी के बाद भी भवन और थारूहट की बुकिंग होगी।
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आवाज करना होगा प्रतिबंधित
डीएफओ ने कहा कि कतर्नियाघाट आने वाले पर्यटक अपने साथ रेडियो, रिवाल्वर, बंदूक आदि नहीं ला सकेंगे। जंगल में तेज आवाज करना प्रतिबंधित है।
पांच और थारूहट का हुआ निर्माण
जंगल के कतर्नियाघाट रेंज में पर्यटकों के लिए और पांच थारूहट का निर्माण हुआ है। हालांकि इसकी भी बुकिंग ऑनलाइन ही होगी।
दो और मोटरबोट मंगवाई गई
कतर्नियाघाट रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह ने बताया कि 15 नवंबर से कतर्नियाघाट पर्यटकों के लिए खुल रहा है। अभी तक दो मोटरबोट होने से पर्यटकों को बोटिंग के लिए इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब दो और मोटरबोट दिल्ली से मंगवा ली गई है। ऐसे में बोटिंग के लिए इंतजार की जरूरत नहीं होगी।
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कतर्नियाघाट सेंच्युरी में बाघ, तेंदुआ, हिरन, हाथी, चीतल, बारहसिंघा व अन्य दुर्लभ वन्यजीव विहार करते हैं। लेकिन बरसात के मौसम में जंगल की पगडंडियां क्षतिग्रस्त होने और वन्यजीवों के हमले की आशंका बढ़ने के मद्देनजर पर्यटकों के आगमन पर रोक लगा दी जाती है। 15 जुलाई से 14 नवंबर तक वन्यजीव विहार में पर्यटकों का प्रवेश वर्जित रहता है। यह अवधि बीतने में सिर्फ एक दिन बचा है। ऐसे में पर्यटकों के स्वागत के लिए कतर्नियाघाट सेंच्युरी में तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। इस बार कतर्नियाघाट पहुंचने वाले पर्यटक मोतीपुर और ककरहा रेंज में इको टूरिज्म के रूप में विकसित विश्राम भवन के अलावा वातानुकूलित थारूहट, 16 बेड के डबल स्टोरी डारमेट्री, कैंटीन, शुलभ शौंचालय और जनरेटर का भी आराम उठा सकेंगे। प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि इको टूरिज्म के लिए नए सिरे से निर्मित भवनों के अलावा ककरहा, मोतीपुर, निशानगाड़ा, धर्मापुर, मुर्तिहा और कतर्नियाघाट गेस्ट हाउस में भी पर्यटक ठहर सकेंगे। कतर्नियाघाट के सभी थारूहट पर्यटकों के लिए बुक किए जाएंगे।
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देना होगा निर्धारित शुल्क
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि कतर्नियाघाट सेंच्युरी के विहार के लिए निर्धारित शुल्क पर्यटकों को अदा करना होगा। शुल्क अदायगी के बाद भी भवन और थारूहट की बुकिंग होगी।
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आवाज करना होगा प्रतिबंधित
डीएफओ ने कहा कि कतर्नियाघाट आने वाले पर्यटक अपने साथ रेडियो, रिवाल्वर, बंदूक आदि नहीं ला सकेंगे। जंगल में तेज आवाज करना प्रतिबंधित है।
पांच और थारूहट का हुआ निर्माण
जंगल के कतर्नियाघाट रेंज में पर्यटकों के लिए और पांच थारूहट का निर्माण हुआ है। हालांकि इसकी भी बुकिंग ऑनलाइन ही होगी।
दो और मोटरबोट मंगवाई गई
कतर्नियाघाट रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह ने बताया कि 15 नवंबर से कतर्नियाघाट पर्यटकों के लिए खुल रहा है। अभी तक दो मोटरबोट होने से पर्यटकों को बोटिंग के लिए इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब दो और मोटरबोट दिल्ली से मंगवा ली गई है। ऐसे में बोटिंग के लिए इंतजार की जरूरत नहीं होगी।