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43 डिग्री पहुंचा तराई का पारा, गर्मी बढ़ी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
Updated Sun, 11 Jun 2017 04:15 AM IST
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43 डिग्री पहुंचा पारा, उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल
बहराइच। तराई में गर्मी से निजात नहीं मिल पा रही है। उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। तराई का पारा शनिवार को फिर 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ऐसे में घर से बाहर निकलने पर लोगों को झुलसन का अहसास हुआ।
तराई में मौसम का उतार-चढ़ाव लोगों को बेहाल किए हुए है। शुक्रवार को पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में बौछारें पड़ने के बाद लगा था कि तराई में भी वर्षा होगी, लेकिन आसमान पर छाए बादलों ने निराश किया। स्थिति यह रही कि शनिवार को सुबह से ही चिलचिलाती धूप का सामना लोगों को करना पड़ा। गर्म हवाएं नहीं चलीं। लेकिन तापमान में कमी के बजाय बढ़ोतरी दर्ज की गई। जिससे उमस और चिपचिपाहट से लोग बेहाल रहे। नरेंद्रदेव कृषि अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि इस समय जो छिटपुट वर्षा हो रही है, वह क्षेत्रीय विक्षोभ का परिणाम है। उन्होंने कहा कि तराई में सप्ताह भर बाद मानसून की दस्तक पर ही वर्षा की उम्मीद है। कहा कि शनिवार को बहराइच और श्रावस्ती का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्र्दता 55 प्रतिशत रही। जिससे उमस और चिपचिपाहट का अहसास हो रहा है। उन्होंने कहा कि तराई का मौसम सूखा होने के चलते किसानों को खेतों की सिंचाई बराबर करते रहना होगा, जिससे कि फसलों को नुकसान न हो।
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बहराइच। तराई में गर्मी से निजात नहीं मिल पा रही है। उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। तराई का पारा शनिवार को फिर 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ऐसे में घर से बाहर निकलने पर लोगों को झुलसन का अहसास हुआ।
तराई में मौसम का उतार-चढ़ाव लोगों को बेहाल किए हुए है। शुक्रवार को पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में बौछारें पड़ने के बाद लगा था कि तराई में भी वर्षा होगी, लेकिन आसमान पर छाए बादलों ने निराश किया। स्थिति यह रही कि शनिवार को सुबह से ही चिलचिलाती धूप का सामना लोगों को करना पड़ा। गर्म हवाएं नहीं चलीं। लेकिन तापमान में कमी के बजाय बढ़ोतरी दर्ज की गई। जिससे उमस और चिपचिपाहट से लोग बेहाल रहे। नरेंद्रदेव कृषि अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि इस समय जो छिटपुट वर्षा हो रही है, वह क्षेत्रीय विक्षोभ का परिणाम है। उन्होंने कहा कि तराई में सप्ताह भर बाद मानसून की दस्तक पर ही वर्षा की उम्मीद है। कहा कि शनिवार को बहराइच और श्रावस्ती का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्र्दता 55 प्रतिशत रही। जिससे उमस और चिपचिपाहट का अहसास हो रहा है। उन्होंने कहा कि तराई का मौसम सूखा होने के चलते किसानों को खेतों की सिंचाई बराबर करते रहना होगा, जिससे कि फसलों को नुकसान न हो।
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