{"_id":"5b6729d74f1c1bcb2e8b4a7a","slug":"161533487575-bahraich-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरयू भी उफनाई, घरों में भरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरयू भी उफनाई, घरों में भरा पानी
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
बहराइच। घाघरा नदी का जलस्तर के बढ़ने के साथ ही सरयू भी उफना गई है। सरयू नदी के उफनाने के कारण शहर से सटे मरीमाता इलाके व आसपास के गांवों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया है। घरों में पानी भरने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर पानी भरने के कारण जान जोखिम में डालकर लोग आवागमन कर रहे हैं।
घाघरा नदी में नेपाल का पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर तेजी से बढ़ा है। लगातार हो रही बरसात व बाढ़ का पानी सरयू में पहुंचने के कारण नदी भी उफनानी शुरू हो गई है। शहर से सटे गोलवाघाट के निकट मरीमाता मंदिर जाने वाले मार्ग पर चार से पांच फीट तक पानी भर गया है। पास स्थित सिसई हैदर समेत अन्य गांवों में भी जलभराव की स्थिति है।
नदी का पानी खेतों में भर गया है। खेतों में पानी भरने से फसलों के खराब होने की आशंका है। सरयू नदी का पानी लोगों के घरों में भी चल रहा है। मार्ग पर पानी चलने के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के गोलवाघाट क्षेत्र के लगभग छह गांव बुरी तरह से प्रभावित हैं।
विज्ञापन
नेपाल से सटे गांवों में भरा पानी, फसल डूबी
बिछिया। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण कतर्नियाघाट क्षेत्र के जंगली इलाकों में भी पानी भरना शुरू हो गया है। नेपाल से सटे वर्दिया, विशुनापुर, रमपुरवा, फकीरपुरी आदि गांवों में नेपाल के नालों से आने वाला पानी जंगल के रास्ते गांवों में घुस गया है।
ग्रामीणों की धान की फसल भी नदी में डूब गई है। लगभग 100 एकड़ धान की फसल पानी में डूबी हुई है। विशुनापुर-रमपुरवा मार्ग पर भी पानी चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में वह हर साल बांध बना देते थे, जिससे बाढ़ का पानी गांव तक नहीं आता था। लेकिन इस बार बांध टूट जाने के कारण बारिश का पानी आबादी में घुस गया है।
विज्ञापन
घाघरा नदी में नेपाल का पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर तेजी से बढ़ा है। लगातार हो रही बरसात व बाढ़ का पानी सरयू में पहुंचने के कारण नदी भी उफनानी शुरू हो गई है। शहर से सटे गोलवाघाट के निकट मरीमाता मंदिर जाने वाले मार्ग पर चार से पांच फीट तक पानी भर गया है। पास स्थित सिसई हैदर समेत अन्य गांवों में भी जलभराव की स्थिति है।
विज्ञापन
नदी का पानी खेतों में भर गया है। खेतों में पानी भरने से फसलों के खराब होने की आशंका है। सरयू नदी का पानी लोगों के घरों में भी चल रहा है। मार्ग पर पानी चलने के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के गोलवाघाट क्षेत्र के लगभग छह गांव बुरी तरह से प्रभावित हैं।
विज्ञापन
नेपाल से सटे गांवों में भरा पानी, फसल डूबी
बिछिया। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण कतर्नियाघाट क्षेत्र के जंगली इलाकों में भी पानी भरना शुरू हो गया है। नेपाल से सटे वर्दिया, विशुनापुर, रमपुरवा, फकीरपुरी आदि गांवों में नेपाल के नालों से आने वाला पानी जंगल के रास्ते गांवों में घुस गया है।
ग्रामीणों की धान की फसल भी नदी में डूब गई है। लगभग 100 एकड़ धान की फसल पानी में डूबी हुई है। विशुनापुर-रमपुरवा मार्ग पर भी पानी चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में वह हर साल बांध बना देते थे, जिससे बाढ़ का पानी गांव तक नहीं आता था। लेकिन इस बार बांध टूट जाने के कारण बारिश का पानी आबादी में घुस गया है।