{"_id":"5cf55d1ebdec22077b459a6b","slug":"155958402619-bahraich-news110","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्ज दबाकर बैठीं औद्योगिक इकाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्ज दबाकर बैठीं औद्योगिक इकाइयां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से वर्ष 1995-2000 के बीच कर्ज लेने वाली 109 इकाइयों ने पैसा दबा लिया। बकाया जमा करने में सभी औद्योगिक इकाइयां फेल रही हैं। महज 21 इकाइयों ने ही अब तक पूरा भुगतान किया है। कई साल से नोटिस देने के बाद भी कर्ज जमा नहीं हो पा रहा है। करीब दो करोड़ का कर्ज वसूलने के लिए अब ग्रामोद्योग बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है।
उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड बहराइच की ओर से सीबीसी योजना के तहत उद्योग व सेवा उद्योग के लिए वित्तीय वर्ष 1995-96 से 1999-2000 तक जनपद की कुल 130 इकाइयों का वित्त पोषण किया गया था। जिसके सापेक्ष जिले की 21 इकाइयों द्वारा पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। जबकि 109 इकाइयों पर चक्रवृद्धि ब्याज सहित कुल दो करोड़ 7 लाख 49 हजार रुपये का बकाया है।
अवशेष इकाइयों से बकाया ऋण जमा कराये जाने के लिए व्यक्तिगत संपर्क करने तथा नोटिस जारी करने के बावजूद उनके द्वारा कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है। इकाइयों से व्यक्तिगत संपर्क करने पर कुछ उद्यमियों द्वारा यह कहा गया कि उनका ऋण सरकार की ओर से माफ कर दिया गया है। जबकि कोई भी उद्योग ऋण शासन द्वारा माफ नहीं किया गया है।
विज्ञापन
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी आरएस श्रीवास्तव ने सभी डिफाल्ट वित्त पोषित इकाइयों को सुझाव दिया है कि किसी भी कार्यदिवस में जिला उद्योग केंद्र परिसर स्थित जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के कार्यालय सेे संपर्क कर एक सप्ताह के अंदर बकाया ऋण की अदायगी सुनिश्चित करें। बकाया नहीं जमा होने पर आरसी जारी कर भू राजस्व की तरह बकाया ऋण वसूली की कार्रवाई की जायेगी। जिसके लिए संबंधित से बकाया धनराशि के अलावा 10 प्रतिशत संग्रह शुल्क भी प्राप्त किया जायेगा।
कोर्ट से स्थगन आदेश वाली इकाइयों को राहत
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि कोर्ट से स्थगन आदेश जारी होने वाली इकाइयों को राहत दी जाएगी। किसी इकाई के बारे में न्यायालय के स्तर से कोई स्थगन आदेश जारी गया हो तो उद्यमी न्यायालय द्वारा जारी आदेश की प्रमाणित प्रति एक सप्ताह के अंदर कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दें।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड बहराइच की ओर से सीबीसी योजना के तहत उद्योग व सेवा उद्योग के लिए वित्तीय वर्ष 1995-96 से 1999-2000 तक जनपद की कुल 130 इकाइयों का वित्त पोषण किया गया था। जिसके सापेक्ष जिले की 21 इकाइयों द्वारा पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। जबकि 109 इकाइयों पर चक्रवृद्धि ब्याज सहित कुल दो करोड़ 7 लाख 49 हजार रुपये का बकाया है।
विज्ञापन
अवशेष इकाइयों से बकाया ऋण जमा कराये जाने के लिए व्यक्तिगत संपर्क करने तथा नोटिस जारी करने के बावजूद उनके द्वारा कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है। इकाइयों से व्यक्तिगत संपर्क करने पर कुछ उद्यमियों द्वारा यह कहा गया कि उनका ऋण सरकार की ओर से माफ कर दिया गया है। जबकि कोई भी उद्योग ऋण शासन द्वारा माफ नहीं किया गया है।
विज्ञापन
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी आरएस श्रीवास्तव ने सभी डिफाल्ट वित्त पोषित इकाइयों को सुझाव दिया है कि किसी भी कार्यदिवस में जिला उद्योग केंद्र परिसर स्थित जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के कार्यालय सेे संपर्क कर एक सप्ताह के अंदर बकाया ऋण की अदायगी सुनिश्चित करें। बकाया नहीं जमा होने पर आरसी जारी कर भू राजस्व की तरह बकाया ऋण वसूली की कार्रवाई की जायेगी। जिसके लिए संबंधित से बकाया धनराशि के अलावा 10 प्रतिशत संग्रह शुल्क भी प्राप्त किया जायेगा।
कोर्ट से स्थगन आदेश वाली इकाइयों को राहत
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि कोर्ट से स्थगन आदेश जारी होने वाली इकाइयों को राहत दी जाएगी। किसी इकाई के बारे में न्यायालय के स्तर से कोई स्थगन आदेश जारी गया हो तो उद्यमी न्यायालय द्वारा जारी आदेश की प्रमाणित प्रति एक सप्ताह के अंदर कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दें।