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जंगल की नदियों में कांबिंग के लिए विशेष टीम
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बहराइच। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में शिकारियों की निरंतर घुसपैठ को देखते हुए। सेंक्चुरी क्षेत्र के जंगल से होकर गुजरने वाली नदियों में विशेष सुरक्षा टीमें लगाई गई हैं। नव वर्ष के मौके पर 24 घंटे कांबिंग चलेगी।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित होने के साथ ही निरंतर कांबिंग चल रही है। अब जंगल के साथ जंगल से होकर बहने वाली गेरुआ, कौड़ियाला और आंशिक घाघरा नदी में भी वन विभाग की टीमें मोटरबोट से 24 घंटे गश्त करेंगी। यह कदम वन विभाग ने शिकारियों की बढ़ती घुसपैठ को देखते हुए उठाया है।
कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि तीन दिन बाद नव वर्ष का आगमन होगा। इस दौरान जंगल में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। पर्यटकों के वेष में शिकारी न पहुंच सकें। इसके लिए जंगल में पहले से ही कांबिंग का दौर चल रहा है। जिसमें सफलता भी मिली है। मोतीपुर रेंज में दो शिकारी पकड़े गए हैं। लेकिन जंगल की सीमा नेपाल की तरफ खुली हुई है। इसके अलावा नेपाल से आने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदियां जंगल के बीच से गुजरती हैं।
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आंशिक घाघरा नदी भी जंगल के किनारे से बहती है। इन तीनों नदियों में कतर्नियाघाट तथा सुजौली रेंज के वन दरोगा व अन्य वनकर्मियों की छह टीमें गठित कर मोटरबोट से 24 घंटे कांबिंग शुरू कर दी गई है। 29 से 31 दिसंबर तक और भी सतर्कता रहेगी।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित होने के साथ ही निरंतर कांबिंग चल रही है। अब जंगल के साथ जंगल से होकर बहने वाली गेरुआ, कौड़ियाला और आंशिक घाघरा नदी में भी वन विभाग की टीमें मोटरबोट से 24 घंटे गश्त करेंगी। यह कदम वन विभाग ने शिकारियों की बढ़ती घुसपैठ को देखते हुए उठाया है।
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कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि तीन दिन बाद नव वर्ष का आगमन होगा। इस दौरान जंगल में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। पर्यटकों के वेष में शिकारी न पहुंच सकें। इसके लिए जंगल में पहले से ही कांबिंग का दौर चल रहा है। जिसमें सफलता भी मिली है। मोतीपुर रेंज में दो शिकारी पकड़े गए हैं। लेकिन जंगल की सीमा नेपाल की तरफ खुली हुई है। इसके अलावा नेपाल से आने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदियां जंगल के बीच से गुजरती हैं।
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आंशिक घाघरा नदी भी जंगल के किनारे से बहती है। इन तीनों नदियों में कतर्नियाघाट तथा सुजौली रेंज के वन दरोगा व अन्य वनकर्मियों की छह टीमें गठित कर मोटरबोट से 24 घंटे कांबिंग शुरू कर दी गई है। 29 से 31 दिसंबर तक और भी सतर्कता रहेगी।