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बाघ से दहशत
Updated Mon, 30 Jul 2018 10:32 PM IST
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बाघ की दहाड़ से उड़ी ग्रामीणों की नींद
जमुनिहा और भवानीपुर गांव में दहशत
गायों के झुंड पर हमला, एक को बनाया निवाला
बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट रेंज के भवानीपुर और जमुनिहा गांव में रविवार रात को बाघ की दहाड़ से ग्रामीण सो नहीं सके। पूरी रात गांव के लोग हांका लगाते हुए जागते रहे। दिन में बाघ ने गायों के झुंड पर हमला कर एक को निवाला बना लिया। दूसरे मवेशी को जख्मी कर दिया। भवानीपुर में भी एक बछड़ा बाघ का निवाला बना। ताबड़तोड़ हमलों से गांव के लोग दहशतजदा हैं। सूचना रेंज कार्यालय पर दी गई है। वन क्षेत्राधिकारी टीम भेजकर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत जमुनिहा गांव जंगल से सटा है। रविवार देर शाम को गांव के ग्रामीणों के मवेशी जंगल के पास चरागाह से लौट रहे थे। तभी जंगल से निकले बाघों के झुंड ने मवेशियों पर हमला कर दिया। गांव निवासी फतेराम यादव की गाय को बाघों ने निवाला बना लिया। चरवाहों ने भागकर जैसे-तैसे जान बचाई। चरवाहों के मुताबिक झुंड में तीन बाघ हैं।
इसी रेंज के भवानीपुर गांव निवासी नंद प्रसाद के बछड़े को बाघ ने निवाला बनाया। दोनों गांव के निकट रात में भी बाघ ने आमद की। रह-रह कर दहाड़ सुनाई पड़ती रही। गांव के लोग सो नहीं सके। फतेराम और नंदप्रसाद ने बताया कि घटना की सूचना रेंज कार्यालय पर दी गई। 24 घंटे मवेशियों के शव मौके पर पड़े रहे। लेकिन वन विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा है। सोमवार शाम को मवेशियों के शव को दफना दिया गया। वन क्षेत्राधिकारीे पीयूष श्रीवास्तव ने कहा कि सूचना मिली है। टीम को मौके पर भेजा गया है।
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जमुनिहा और भवानीपुर गांव में दहशत
गायों के झुंड पर हमला, एक को बनाया निवाला
बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट रेंज के भवानीपुर और जमुनिहा गांव में रविवार रात को बाघ की दहाड़ से ग्रामीण सो नहीं सके। पूरी रात गांव के लोग हांका लगाते हुए जागते रहे। दिन में बाघ ने गायों के झुंड पर हमला कर एक को निवाला बना लिया। दूसरे मवेशी को जख्मी कर दिया। भवानीपुर में भी एक बछड़ा बाघ का निवाला बना। ताबड़तोड़ हमलों से गांव के लोग दहशतजदा हैं। सूचना रेंज कार्यालय पर दी गई है। वन क्षेत्राधिकारी टीम भेजकर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत जमुनिहा गांव जंगल से सटा है। रविवार देर शाम को गांव के ग्रामीणों के मवेशी जंगल के पास चरागाह से लौट रहे थे। तभी जंगल से निकले बाघों के झुंड ने मवेशियों पर हमला कर दिया। गांव निवासी फतेराम यादव की गाय को बाघों ने निवाला बना लिया। चरवाहों ने भागकर जैसे-तैसे जान बचाई। चरवाहों के मुताबिक झुंड में तीन बाघ हैं।
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इसी रेंज के भवानीपुर गांव निवासी नंद प्रसाद के बछड़े को बाघ ने निवाला बनाया। दोनों गांव के निकट रात में भी बाघ ने आमद की। रह-रह कर दहाड़ सुनाई पड़ती रही। गांव के लोग सो नहीं सके। फतेराम और नंदप्रसाद ने बताया कि घटना की सूचना रेंज कार्यालय पर दी गई। 24 घंटे मवेशियों के शव मौके पर पड़े रहे। लेकिन वन विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा है। सोमवार शाम को मवेशियों के शव को दफना दिया गया। वन क्षेत्राधिकारीे पीयूष श्रीवास्तव ने कहा कि सूचना मिली है। टीम को मौके पर भेजा गया है।
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