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महिला समेत 11 कैदी मिले एचआईवी पॉजिटिव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2016 10:10 PM IST
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बहराइच। बहराइच की जेल में निरुद्ध सजायाफ्ता व विचाराधीन 11 कैदी एचआईवी पॉजिटिव निकले हैं। इनमें एक महिला भी शामिल है। इसका खुलासा उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल से हुआ है।
रिपोर्ट आने के बाद कारागार प्रशासन में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेजते हुए संक्रमित कैदियों के इलाज की व्यवस्था मुकम्मल की है।
जिला कारागार बहराइच में अभी सजायाफ्ता व विचाराधीन कैदियों को मिलाकर करीब 1500 पुरुष व महिला बंदी निरुद्ध हैं। बता दें कि शासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार जिला कारागार में व्यापक स्तर पर कैंप आयोजित किया।
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इससे पहले लक्षण के आधार पर ही एचआईवी की जांच के लिए कैदी भेजे जाते थे। बीते पखवारे चार दिनों तक लगातार चले इस कैंप के जरिए जेल में निरुद्ध 1185 कैदियों की एचआईवी जांच के लिए ब्लड सैंपल लिए गए।
इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी ने तीन अधिकारियों की टीम भेजी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग ने भी सहयोग किया। अब रिपोर्ट सामने आ चुकी है।
कारागार प्रशासन के मुताबिक 11 कैदियों का टेस्ट पॉजिटिव आया है। इनमेें एक महिला भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी रिपोर्ट कारागार प्रशासन को सौंप दी और मामले से शासन को भी अवगत कराया है।
बरती जा रही सावधानी
जेल अधीक्षक ललित मोहन पांडेय ने बताया कि महिला समेत 11 कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा चार ऐसे कैदी हैं, जो नशेड़ी थे, वो भी एचआईवी पॉजिटिव है। इन कैदियों के साथ अन्य कैदियों जैसा ही व्यवहार किया जा रहा है। इलाज भी शुरू हो गया है।
इलाज की व्यवस्था दुरुस्त
मुुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि कैंप के माध्यम से प्राथमिक तौर पर करीब 11 कैदियों के एचआईवी पॉजिटिव होने की बात सामने आई है। इन कैदियों की इलाज की व्यवस्था कर दी गई है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और एंटी रेट्रो वायल थेरेपी सेंटर को पत्र भेजा जा चुका है। शासन को भी अवगत कराया जा चुका है।
नशे के आदी चार कैदी भी एचआईवी पॉजिटिव
जिला कारागार में विभिन्न अपराधों में निरुद्ध करीब 35 कैदी नशे के आदी हैं। इनमें चार कैदियों में एचआईवी पॉजिटिव मिला है। इसका खुलासा उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और ओपियाड सब्सीट्यूशंस थेरेपी सेंटर की जांच से हो चुका है।
कारागार प्रशासन ने इन नशेड़ी कैदियों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए जिला अस्पताल के तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. माहेश्वरी पांडेय से मदद मांगी थी। इस क्रम में सोसायटी के प्रोग्राम अफसर व थेरेपी सेंटर के नोडल अधिकारी ने टीम के साथ कारागार का भ्रमण किया था।
स्मैक व इंजेक्शन के जरिए नशा करने वाले कैदियों के इलाज की सहमति भी बनी थी लेकिन बाद में यह कवायद परवान नहीं चढ़ सकी।
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रिपोर्ट आने के बाद कारागार प्रशासन में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेजते हुए संक्रमित कैदियों के इलाज की व्यवस्था मुकम्मल की है।
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जिला कारागार बहराइच में अभी सजायाफ्ता व विचाराधीन कैदियों को मिलाकर करीब 1500 पुरुष व महिला बंदी निरुद्ध हैं। बता दें कि शासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार जिला कारागार में व्यापक स्तर पर कैंप आयोजित किया।
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इससे पहले लक्षण के आधार पर ही एचआईवी की जांच के लिए कैदी भेजे जाते थे। बीते पखवारे चार दिनों तक लगातार चले इस कैंप के जरिए जेल में निरुद्ध 1185 कैदियों की एचआईवी जांच के लिए ब्लड सैंपल लिए गए।
इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी ने तीन अधिकारियों की टीम भेजी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग ने भी सहयोग किया। अब रिपोर्ट सामने आ चुकी है।
कारागार प्रशासन के मुताबिक 11 कैदियों का टेस्ट पॉजिटिव आया है। इनमेें एक महिला भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी रिपोर्ट कारागार प्रशासन को सौंप दी और मामले से शासन को भी अवगत कराया है।
बरती जा रही सावधानी
जेल अधीक्षक ललित मोहन पांडेय ने बताया कि महिला समेत 11 कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा चार ऐसे कैदी हैं, जो नशेड़ी थे, वो भी एचआईवी पॉजिटिव है। इन कैदियों के साथ अन्य कैदियों जैसा ही व्यवहार किया जा रहा है। इलाज भी शुरू हो गया है।
इलाज की व्यवस्था दुरुस्त
मुुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि कैंप के माध्यम से प्राथमिक तौर पर करीब 11 कैदियों के एचआईवी पॉजिटिव होने की बात सामने आई है। इन कैदियों की इलाज की व्यवस्था कर दी गई है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और एंटी रेट्रो वायल थेरेपी सेंटर को पत्र भेजा जा चुका है। शासन को भी अवगत कराया जा चुका है।
नशे के आदी चार कैदी भी एचआईवी पॉजिटिव
जिला कारागार में विभिन्न अपराधों में निरुद्ध करीब 35 कैदी नशे के आदी हैं। इनमें चार कैदियों में एचआईवी पॉजिटिव मिला है। इसका खुलासा उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और ओपियाड सब्सीट्यूशंस थेरेपी सेंटर की जांच से हो चुका है।
कारागार प्रशासन ने इन नशेड़ी कैदियों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए जिला अस्पताल के तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. माहेश्वरी पांडेय से मदद मांगी थी। इस क्रम में सोसायटी के प्रोग्राम अफसर व थेरेपी सेंटर के नोडल अधिकारी ने टीम के साथ कारागार का भ्रमण किया था।
स्मैक व इंजेक्शन के जरिए नशा करने वाले कैदियों के इलाज की सहमति भी बनी थी लेकिन बाद में यह कवायद परवान नहीं चढ़ सकी।