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कूड़े से बनेगी बिजली और खाद

Tue, 10 Jul 2018 11:32 PM IST
Updated Tue, 10 Jul 2018 11:32 PM IST
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कूड़े से बनेगी बिजली और खाद
बहराइच/रिसिया। बहराइच शहर के साथ ही अब जिले के कस्बे और गांव भी साफ-सुथरे दिखेंगे। कारण, शहर और कस्बों से निकलने वाले कूड़े से अब जिले में बिजली और जैविक खाद बनाने की तैयारी है।
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इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है। तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्लांट पर लगभग एक अरब खर्च आएगा। जिले में प्रतिदिन लगभग 800 टन से अधिक कूड़ा निकलता है।
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सिर्फ बहराइच शहर से ही लगभग 270 टन से अधिक कूड़ा प्रतिदिन शहर के बाहर सड़क के किनारे फेंका जाता है। इससे राहगीरों को सड़ांध का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब इस समस्या से निजात मिल सकेगी।
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एक अरब की लागत से रिसिया विकासखंड क्षेत्र के बंगलाचक गांव में सॉलिड बेस्ड प्लांट स्थापित होगा। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। बंगलाचक ग्राम पंचायत में गाटा संख्या 2301 की नौ हेक्टेयर भूमि को चिन्हित किया गया है।

इस पर कूड़ा से जैविक उर्वरक बनाने और बिजली बनाने का संयत्र स्थापित होगा। जमीन के अधिग्रहण की कवायद शुरू कर दी गई है।

नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि जमीन चिन्हित कर ली गई है। लेकिन जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम है। एनओसी के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है।

कोशिश है कि 10 से 15 दिन के अंदर एनओसी मिल जाएगी। इसके बाद सीएंडडीएस के साथ मिलकर कार्ययोजना को अमली जामा पहनाया जाएगा।

नगर पालिका प्रशासन बीते 13 साल से कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन की तलाश कर रहा है। लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।

इस पर पूर्व जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने रिसिया नगर क्षेत्र से सटे ग्राम पंचायत बंगलाचक में मेडिकल कॉलेज के लिए पूर्व में चिन्हित जमीन को सॉलिड बेस्ड प्लांट के लिए उचित बताया था। पूर्व जिलाधिकारी के आदेश पर इसी जमीन के अधिग्रहण की कवायद शुरू की गई है।

परियोजना में अभी फंसा है पेंच
अधिशासी अधिकारी ने बताया कि जिस जमीन को सालिड वेस्ट प्लांट के लिए चिन्हित किया गया है, वह जमीन पूर्व में मेडिकल कॉलेज के लिए चिकित्सा शिक्षा अनुभाग एक, उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ के नाम अंकित है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनओसी मिलने के बाद जमीन ग्राम पंचायत के नाम दर्ज होगी। इसके बाद नगर निकाय के नाम बैनामा होगा।

रोजाना पांच मेगावाट बिजली का होगा उत्पादन
अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि सीएंडडीएस कूड़े से जैविक उर्वरक और बिजली बनाने का संयंत्र लगाएगी। जो कार्ययोजना है, उसके तहत रोजाना कम से कम चार या पांच मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। योजना को अमली जामा पहनाने में जमीन बैनामा होने के बाद करीब छह माह का समय लगेगा।

सूखा और गीला कूड़ा रखना होगा अलग
जैविक खाद और बिजली बनाने के लिए गीला और सूखा कूड़ा अलग रखना होगा। इसके लिए निकाय प्रशासन की ओर से पहले ही कवायद शुरू कर दी गई है। प्रत्येक घर व प्रतिष्ठान को कूड़ा एकत्रीकरण के लिए दो-दो बाल्टी दी गई है। जिससे कूड़ा एकत्रीकरण में दिक्कत न हो।


इन क्षेत्रों का कूड़ा होगा एकत्र
रिसिया में स्थापित होने वाले सॉलिड वेस्ट प्लांट स्थल पर बहराइच और नानपारा नगर पालिका परिषद के अलावा रिसिया एवं जरवल नगर पंचायत का कूड़ा तो एकत्रित होगा ही। कस्बों और गांवों से भी कूड़ा एकत्रित करवाया जाएगा। जिससे शहर, कस्बे और गांव स्वच्छ नजर आएंगे।
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