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खतरे के निशान से ऊपर पहुंची यमुना, कटान ने बढ़ाईं परेशानियां
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किसान इस्लाम
- फोटो : BAGHPAT
बागपत। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है और पानी के तेज बहाव के कारण किनारों पर कटान हो रहा है। जिस कारण किसानों की परेशानियां बढ़ गईं हैं।
यमुना में जलस्तर बढ़ने के कारण एक हजार बीघा फसल पानी में डूब गई है। वहीं प्रशासन के बाढ़ नियंत्रण के दावे केवल कागजों तक सीमित है। जलस्तर से लेकर कटान पर नजर रखने के लिए जिले में बनी 12 बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी नहीं पहुंच रहे हैं। इस तरह ही सोमवार को हालात रहे और किसी भी चौकी पर लेखपाल व अन्य कर्मचारी नहीं मिले।
जगह : निवाड़ा बाढ़ चौकी
समय : 12:40 बजे दोपहर
यमुना नदी किनारे बसे 11 गांवों में यमुना के जलस्तर पर नजर रखने के लिए निवाड़ा पुलिस चौकी के पास बाढ़ चौकी स्थापित की गई है और तीन लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। सोमवार को निवाड़ा बाढ़ चौकी पर जलस्तर पर नजर रखने के लिए कोई लेखपाल मौजूद नहीं मिला और बाढ़ चौकी खाली रही। इस बारे में जब बाढ़ चौकी के लिए तैनात किए गए लेखपाल बलबीर से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि वह किसी काम से अग्रवाल मंडी टटीरी आए हैं। यमुना के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
स्थान : काठा गांव
समय : 1:50 बजे दोपहर
यमुना नदी में कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर दो ठोकरें लगवाई थीं, लेकिन उसके बाद भी मिट्टी कटान जारी है। अब दो दिन से यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम के कर्मचारी स्थिति देखने नहीं पहुंचे। जहां सोमवार को यमुना किनारे पर एक नाव खड़ी मिली और जलस्तर पर नजर रखने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला।
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स्थान : सिसाना गांव
समय : 2:00 बजे दोपहर
सिसाना गांव में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर होने के चलते यमुना नदी किनारों से खेतों की तरफ बढ़ती जा रही है। जिसको लेकर किसान भी परेशान हो गए है। किसान संजय, विक्रम ने बताया कि कई दिन से कोई कर्मचारी यमुना का जलस्तर देखने नहीं आया। ज्यादा जलस्तर बढ़ा, कटान भी ज्यादा होने लगेगा।
स्थान : हिंडन बाढ़ चौकी
समय : 3:00 बजे दोपहर
पहाड़ों पर बारिश के चलते हिंडन नदी भी उफान पर है जो कई बार खतरे के निशान से ऊपर बह चुकी है। जिसका जलस्तर बढ़ने से फसल जलमग्न हो चुकी है। उधर छह गांवों में जलस्तर पर नजर रखने के लिए हिंडन पुलिस चौकी पर बाढ़ चौकी बनाई गई है। जहां सिर्फ पुलिसकर्मी तैनात है, जबकि बाढ़ नियंत्रण के लिए तैनात किए गए लेखपाल सोमवार को नहीं मिले।
एक हजार बीघा से ज्यादा में सब्जी व चारा की फसल डूबी
यमुना में जलस्तर बढ़ने के कारण उसकी पूरी तलहटी में पानी हो गया है। जिससे उसके किनारों पर बुआई की गई घीया, सीताफल, तोरई, चारा की फसल डूब गई है। यमुना में अभी तक करीब एक हजार बीघा फसल डूब चुकी है। बागपत के ठाकुरद्वारा के रहने वाले किसान हरि व ईदगाह के रहने वाले किसान हाजी इस्लाम ने बताया कि यमुना में पानी बढ़ने के बाद फसल डूब गई है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और वहां कोई भी स्थिति को देखने नहीं आया है।
- यमुना व हिंडन के जलस्तर पर नजर रखने के लिए बाढ़ चौकियों पर लेखपाल व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारी समय-समय पर स्थिति का जायजा लेते रहते हैं। अगर वहां कोई नहीं जाता है तो इसकी जांच कराई जाएगी। - राजकमल यादव, डीएम
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यमुना में जलस्तर बढ़ने के कारण एक हजार बीघा फसल पानी में डूब गई है। वहीं प्रशासन के बाढ़ नियंत्रण के दावे केवल कागजों तक सीमित है। जलस्तर से लेकर कटान पर नजर रखने के लिए जिले में बनी 12 बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी नहीं पहुंच रहे हैं। इस तरह ही सोमवार को हालात रहे और किसी भी चौकी पर लेखपाल व अन्य कर्मचारी नहीं मिले।
जगह : निवाड़ा बाढ़ चौकी
समय : 12:40 बजे दोपहर
यमुना नदी किनारे बसे 11 गांवों में यमुना के जलस्तर पर नजर रखने के लिए निवाड़ा पुलिस चौकी के पास बाढ़ चौकी स्थापित की गई है और तीन लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। सोमवार को निवाड़ा बाढ़ चौकी पर जलस्तर पर नजर रखने के लिए कोई लेखपाल मौजूद नहीं मिला और बाढ़ चौकी खाली रही। इस बारे में जब बाढ़ चौकी के लिए तैनात किए गए लेखपाल बलबीर से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि वह किसी काम से अग्रवाल मंडी टटीरी आए हैं। यमुना के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
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स्थान : काठा गांव
समय : 1:50 बजे दोपहर
यमुना नदी में कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर दो ठोकरें लगवाई थीं, लेकिन उसके बाद भी मिट्टी कटान जारी है। अब दो दिन से यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम के कर्मचारी स्थिति देखने नहीं पहुंचे। जहां सोमवार को यमुना किनारे पर एक नाव खड़ी मिली और जलस्तर पर नजर रखने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला।
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स्थान : सिसाना गांव
समय : 2:00 बजे दोपहर
सिसाना गांव में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर होने के चलते यमुना नदी किनारों से खेतों की तरफ बढ़ती जा रही है। जिसको लेकर किसान भी परेशान हो गए है। किसान संजय, विक्रम ने बताया कि कई दिन से कोई कर्मचारी यमुना का जलस्तर देखने नहीं आया। ज्यादा जलस्तर बढ़ा, कटान भी ज्यादा होने लगेगा।
स्थान : हिंडन बाढ़ चौकी
समय : 3:00 बजे दोपहर
पहाड़ों पर बारिश के चलते हिंडन नदी भी उफान पर है जो कई बार खतरे के निशान से ऊपर बह चुकी है। जिसका जलस्तर बढ़ने से फसल जलमग्न हो चुकी है। उधर छह गांवों में जलस्तर पर नजर रखने के लिए हिंडन पुलिस चौकी पर बाढ़ चौकी बनाई गई है। जहां सिर्फ पुलिसकर्मी तैनात है, जबकि बाढ़ नियंत्रण के लिए तैनात किए गए लेखपाल सोमवार को नहीं मिले।
एक हजार बीघा से ज्यादा में सब्जी व चारा की फसल डूबी
यमुना में जलस्तर बढ़ने के कारण उसकी पूरी तलहटी में पानी हो गया है। जिससे उसके किनारों पर बुआई की गई घीया, सीताफल, तोरई, चारा की फसल डूब गई है। यमुना में अभी तक करीब एक हजार बीघा फसल डूब चुकी है। बागपत के ठाकुरद्वारा के रहने वाले किसान हरि व ईदगाह के रहने वाले किसान हाजी इस्लाम ने बताया कि यमुना में पानी बढ़ने के बाद फसल डूब गई है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और वहां कोई भी स्थिति को देखने नहीं आया है।
- यमुना व हिंडन के जलस्तर पर नजर रखने के लिए बाढ़ चौकियों पर लेखपाल व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारी समय-समय पर स्थिति का जायजा लेते रहते हैं। अगर वहां कोई नहीं जाता है तो इसकी जांच कराई जाएगी। - राजकमल यादव, डीएम

किसान हरिसिंह- फोटो : BAGHPAT

बागपत के निवाड़ा गांव में जलमग्न हुई किसानों की फसल- फोटो : BAGHPAT

बागपत के पक्काघाट के पास डूबी लौकी की फसल दिखाता किसान।- फोटो : BAGHPAT

सिसाना खादर में डूबी फसल- फोटो : BAGHPAT

बागपत : काठा गांव में यमुना किनारे हुआ कटान।- फोटो : BAGHPAT