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यमुना खादर की जमीन का विवाद कमिश्नर तक पहुंचा, डीएम जांच करेंगे
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बागपत। फैजपुर निनाना का यमुना खादर की जमीन का विवाद मेरठ में कमिश्नर के पास तक पहुंच गया है। वहां यमुना खादर की जमीन कब्जाने के लिए हरियाणा के सोनीपत प्रशासन को गलत रिपोर्ट भेजने का आरोप लगाया गया। इसके साथ ही जिन किसानों को जमीन मिलनी चाहिए, उनके नाम नहीं भेजने की बात कही गई। जिस पर कमिश्नर ने डीएम बागपत को जांच के निर्देश दिए हैं।
मेरठ में कमिश्नर से सोमवार को मिलने पहुंचे फैजपुर निनाना गांव के प्रधान प्रतिनिधि रोहित धनकड़, नरेश प्रधान, उदयवीर सिंह, ओमप्रकाश, राजपाल आदि ने बताया कि उनके गांव की यमुना खादर की काफी जमीन हरियाणा के सोनीपत की तरफ गई हुई है। जिसको लेकर वर्ष 2014 में जमीन का बंदोबस्त किया गया था। उस बंदोबस्त में काफी किसानों के नाम जमीन दर्ज नहीं की गई और उसकी रिपोर्ट भी सोनीपत नहीं भेजी गई। जिससे गांव में वर्ष 2017-18 में चकबंदी होने के बाद उनके नाम जमीन दर्ज होने से छूट गई। गांव के कई अन्य लोगों के नाम जमीन दर्ज कराने के लिए गलत रिपोर्ट भेजी गई। वे किसान अपने नाम दर्ज कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। प्रधान प्रतिनिधि रोहित धनकड़ ने बताया कि इस मामले में कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने डीएम राजकमल यादव को जांच कराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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मेरठ में कमिश्नर से सोमवार को मिलने पहुंचे फैजपुर निनाना गांव के प्रधान प्रतिनिधि रोहित धनकड़, नरेश प्रधान, उदयवीर सिंह, ओमप्रकाश, राजपाल आदि ने बताया कि उनके गांव की यमुना खादर की काफी जमीन हरियाणा के सोनीपत की तरफ गई हुई है। जिसको लेकर वर्ष 2014 में जमीन का बंदोबस्त किया गया था। उस बंदोबस्त में काफी किसानों के नाम जमीन दर्ज नहीं की गई और उसकी रिपोर्ट भी सोनीपत नहीं भेजी गई। जिससे गांव में वर्ष 2017-18 में चकबंदी होने के बाद उनके नाम जमीन दर्ज होने से छूट गई। गांव के कई अन्य लोगों के नाम जमीन दर्ज कराने के लिए गलत रिपोर्ट भेजी गई। वे किसान अपने नाम दर्ज कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। प्रधान प्रतिनिधि रोहित धनकड़ ने बताया कि इस मामले में कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने डीएम राजकमल यादव को जांच कराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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