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आर्य समाज ने जिले में 51 गांवों में यज्ञ के माध्यम से मनाई होली
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आर्य समाज ने जिले में 51 गांवों में यज्ञ के माध्यम से होली मनाई
बड़ौत। होली पर आर्य समाज वाजिदपुर में यज्ञ किया। आर्य समाज ने जिले में 51 गांवों में यज्ञ के माध्यम से होली मनाई।
क्षेत्र के गांव वाजिदपुर में मास्टर सत्येंद्र सिंह के आवास पर होली पर यज्ञ हुआ। यज्ञ के ब्रह्मा पूर्व प्रधानाचार्य राजपाल सिंह रहे। आचार्य धर्मवीर सिंह आर्य ने भजनों के माध्यम से समाज के लोगों का मार्गदर्शन करते हुए कहा होली हमारा ऋतु पर्व है, जब ऋतु का परिवर्तन होता है तो रोग आने की संभावनाएं बढ़ जाती है, इसीलिए वैदिक संस्कृति में वातावरण को शुद्ध करने के लिए गांव गांव में बड़े-बड़े यज्ञ का आयोजन किया जाता है। इस यज्ञ में सुगंध युक्त कीटनाशक स्वास्थ्य वर्धक औषधियों की सामग्री बनाकर डाली जाती है। पूर्व प्रधानाचार्य राम पाल सिंह तोमर ने कहा यज्ञ के माध्यम से ही करोना जैसी भयंकर बीमारी का खात्मा संभव है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश आर्य वीर दल के मंत्री डॉ. रवि शास्त्री ने कहा प्राचीन काल में बड़े-बड़े यज्ञ से वातावरण को शुद्ध करने का काम किया जाता था।
आर्य समाज ने जनपद बागपत में सोमवार को 51 गांव में यज्ञों के माध्यम से प्राचीन होली के स्वरूप को लोगों के बीच में प्रचारित किया। इस दौरान दाहा, अंगदपुर, वाजिदपुर, सबका, टटीरी आदि गांव में यज्ञ के माध्यम से प्रचार प्रसार का व्यापक कार्यक्रम संपन्न किया गया। इसमें प्रधानाचार्य रामपाल सिंह, आचार्य धर्मवीर सिंह आर्य, यतेंद्र राणा, यशवीर आर्य, प्रधान सुशील राणा, मास्टर सत्येंद्र सिंह चौधरी, बुध सिंह, चोल सिंह, मास्टर रणबीर, भीम सिंह, महक सिंह, भूदेव, हरि सिंह, सुनील, राजवीर, हरवीर, निरंजन आदि रहे।
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बड़ौत। होली पर आर्य समाज वाजिदपुर में यज्ञ किया। आर्य समाज ने जिले में 51 गांवों में यज्ञ के माध्यम से होली मनाई।
क्षेत्र के गांव वाजिदपुर में मास्टर सत्येंद्र सिंह के आवास पर होली पर यज्ञ हुआ। यज्ञ के ब्रह्मा पूर्व प्रधानाचार्य राजपाल सिंह रहे। आचार्य धर्मवीर सिंह आर्य ने भजनों के माध्यम से समाज के लोगों का मार्गदर्शन करते हुए कहा होली हमारा ऋतु पर्व है, जब ऋतु का परिवर्तन होता है तो रोग आने की संभावनाएं बढ़ जाती है, इसीलिए वैदिक संस्कृति में वातावरण को शुद्ध करने के लिए गांव गांव में बड़े-बड़े यज्ञ का आयोजन किया जाता है। इस यज्ञ में सुगंध युक्त कीटनाशक स्वास्थ्य वर्धक औषधियों की सामग्री बनाकर डाली जाती है। पूर्व प्रधानाचार्य राम पाल सिंह तोमर ने कहा यज्ञ के माध्यम से ही करोना जैसी भयंकर बीमारी का खात्मा संभव है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश आर्य वीर दल के मंत्री डॉ. रवि शास्त्री ने कहा प्राचीन काल में बड़े-बड़े यज्ञ से वातावरण को शुद्ध करने का काम किया जाता था।
आर्य समाज ने जनपद बागपत में सोमवार को 51 गांव में यज्ञों के माध्यम से प्राचीन होली के स्वरूप को लोगों के बीच में प्रचारित किया। इस दौरान दाहा, अंगदपुर, वाजिदपुर, सबका, टटीरी आदि गांव में यज्ञ के माध्यम से प्रचार प्रसार का व्यापक कार्यक्रम संपन्न किया गया। इसमें प्रधानाचार्य रामपाल सिंह, आचार्य धर्मवीर सिंह आर्य, यतेंद्र राणा, यशवीर आर्य, प्रधान सुशील राणा, मास्टर सत्येंद्र सिंह चौधरी, बुध सिंह, चोल सिंह, मास्टर रणबीर, भीम सिंह, महक सिंह, भूदेव, हरि सिंह, सुनील, राजवीर, हरवीर, निरंजन आदि रहे।
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