बड़ौत। क्षेत्र के पंचवटी मंदिर में हटीले हनुमान की मूर्ति आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जो उनके पास मनोकामना लेकर जाते हैं, उनकी मनोकामना पूरी होती है। मंगलवार को यहां पर हटीले हनुमान की पूजा करने वाले दूरदराज से लोग आते हैं।
बाबा उत्तम दास और संतोष पुरी की प्रेरणा से करीब 125 साल पहले हटीले हनुमान की मूर्ति की स्थापना की गई थी। वह ढाई फीट सिंदूर वाली प्रतिमा है, जिन बाबा ने इन्हें स्थापित किया था, उनका मंदिर में समाधि भी बनी हुई है। दस साल पहले मंदिर मेें इस मूर्ति को हटाकर खड़ी मूर्ति लगाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन जब इस मूर्ति को हटाने का प्रयास किया गया तो वह वहां से हटी तो नहीं, इससे लोगों की अकाल मृत्यु हुई और अन्य परेशानियों उत्पन्न होने लगी तो लोगों ने इससे हटाने की बात टाल दी थी, तभी से उनका नाम हटीले हुनमान रखा गया। पंडित कुुदन भारद्वाज ने बताया कि तभी से हटीले हनुमान की आस्था बढ़ गयी, मंगलवार को दूरदराज से भक्त सिंदूर , देसी घी, प्रसाद आदि चढ़ाकर अपनी मन्नते मांगते हैं और हनुमान उनकी मनोकामना भी पूरी करते हैं, मंदिर परिसर में शनिवार को सुंदर काड का पाठ भी किया जाता है। पुजारी बताते है कि आज भी यदि हटीले हनुमान को इधर-उधर करने की बात करते हैं तो वे अपने उग्र रूप दिखा देते हैं।