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सूनी हो गई थी गलियां और हाईवे पर था मजदूरों का कारवां
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26 मार्च 2020 को शौकत मार्किट बंद करवाने के बाद गस्त करते पुलिसकर्मियों का फाइल फोटो
- फोटो : BAGHPAT
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कोरोनाकाल का एक साल
जिले में 19 मार्च को दुबई से लौटे युवक में 26 मार्च को संक्रमण की पुष्टि हुई थी
लॉकडाउन में चौपट हो गया था व्यापार, लोगों को झेलनी पड़ी थी परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। करीब एक वर्ष पूर्व कोरोना संक्रमण फैलने पर जिले के बाजार, गलियां और हाईवे सूने हो गए थे। लॉकडाउन के कारण व्यापार चौपट हो गया था। मजदूरी खत्म होने के कारण लोग भूखमरी की कगार पर पहुंच गए थे। प्रवासी मजदूर का कारवां हाईवे पर पैदल दिखाई दे रहा था। प्रशासन की टीम ने फायर बिग्रेड से सैनिटाइजर का छिड़काव कराया था। जिले में 19 मार्च को दुबई से लौटे युवक में 26 मार्च को संक्रमण की पुष्टि हुई थी। एहतियात के तौर पर गांव के नौ लोगों को आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। हालांकि अब पिछले लगभग दस दिन से जिले में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला है और न ही जिले में एक भी केस एक्टिव नहीं है।
22 मार्च को जनता कर्फ्यू और 23 मार्च से 12 राज्यों के 100 जिलों में 31 मार्च तक लॉकडाउन लगाया गया था। लॉकडाउन के दौरान जरूरत की चीजें जैसे दूध व राशन, सब्जी, अस्पताल, बैंक, मेडिकल स्टोर, ऊर्जा निगम के कार्यालय, अखबार वितरण को छूट प्रदान की गई थी। लॉकडाउन लगने के बाद बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया था। व्यापार ठप हो गया था। लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए जिले भर में पुलिस मुस्तैद थी। प्रशासन ने लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए सैनिटाइजर का छिड़काव कराया था। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा था।
गांव में मच गई थी अफरातफरी
सरुरपुर गांव के युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने पर गांव में अफरातफरी मच गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आननफानन में गांव में सैनिटाइजर का छिड़काव कराकर सर्वे कर लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए थे।
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संक्रमण के साथ बढ़ गई थी परेशानियां
संक्रमण के साथ लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई थी। संक्रमण के कारण मास्क और सैनिटाइजर की डिमांड बढ़ गई थी। बाजारों में दस रुपये का मास्क 50 रुपये तक बिका था। लॉकडाउन में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने स्वदेशी मास्क तैयार किए थे।
मांगलिक कार्य पर भी लग गई रोक, बंद हो गए थे मंदिरों के कपाट
बागपत। कोरोना संक्रमण में लॉकडाउन के दौरान मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई और मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए थे। शादी-समारोह पर रोक लगने के कारण लोगों को कार्यक्रम पीछे हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा। लॉकडाउन में मांगलिक कार्यक्रम न होने के कारण मंडल, हलवाई का कारोबार ठप हो गया था।
बनाए गए कोविड़ अस्पताल
संक्रमितों इलाज के लिए जिले में खेकड़ा पीएचसी, सरुरपुर पीएचसी, सर्वोदय अस्पताल अग्रवाल मंडी टटीरी को कोविड अस्पताल में बदल दिया गया था।
कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा
कुल सैंपल - 397860
संक्रमित - 2339
कुल मौत - 36
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जिले में 19 मार्च को दुबई से लौटे युवक में 26 मार्च को संक्रमण की पुष्टि हुई थी
लॉकडाउन में चौपट हो गया था व्यापार, लोगों को झेलनी पड़ी थी परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। करीब एक वर्ष पूर्व कोरोना संक्रमण फैलने पर जिले के बाजार, गलियां और हाईवे सूने हो गए थे। लॉकडाउन के कारण व्यापार चौपट हो गया था। मजदूरी खत्म होने के कारण लोग भूखमरी की कगार पर पहुंच गए थे। प्रवासी मजदूर का कारवां हाईवे पर पैदल दिखाई दे रहा था। प्रशासन की टीम ने फायर बिग्रेड से सैनिटाइजर का छिड़काव कराया था। जिले में 19 मार्च को दुबई से लौटे युवक में 26 मार्च को संक्रमण की पुष्टि हुई थी। एहतियात के तौर पर गांव के नौ लोगों को आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। हालांकि अब पिछले लगभग दस दिन से जिले में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला है और न ही जिले में एक भी केस एक्टिव नहीं है।
22 मार्च को जनता कर्फ्यू और 23 मार्च से 12 राज्यों के 100 जिलों में 31 मार्च तक लॉकडाउन लगाया गया था। लॉकडाउन के दौरान जरूरत की चीजें जैसे दूध व राशन, सब्जी, अस्पताल, बैंक, मेडिकल स्टोर, ऊर्जा निगम के कार्यालय, अखबार वितरण को छूट प्रदान की गई थी। लॉकडाउन लगने के बाद बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया था। व्यापार ठप हो गया था। लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए जिले भर में पुलिस मुस्तैद थी। प्रशासन ने लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए सैनिटाइजर का छिड़काव कराया था। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा था।
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गांव में मच गई थी अफरातफरी
सरुरपुर गांव के युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने पर गांव में अफरातफरी मच गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आननफानन में गांव में सैनिटाइजर का छिड़काव कराकर सर्वे कर लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए थे।
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संक्रमण के साथ बढ़ गई थी परेशानियां
संक्रमण के साथ लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई थी। संक्रमण के कारण मास्क और सैनिटाइजर की डिमांड बढ़ गई थी। बाजारों में दस रुपये का मास्क 50 रुपये तक बिका था। लॉकडाउन में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने स्वदेशी मास्क तैयार किए थे।
मांगलिक कार्य पर भी लग गई रोक, बंद हो गए थे मंदिरों के कपाट
बागपत। कोरोना संक्रमण में लॉकडाउन के दौरान मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई और मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए थे। शादी-समारोह पर रोक लगने के कारण लोगों को कार्यक्रम पीछे हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा। लॉकडाउन में मांगलिक कार्यक्रम न होने के कारण मंडल, हलवाई का कारोबार ठप हो गया था।
बनाए गए कोविड़ अस्पताल
संक्रमितों इलाज के लिए जिले में खेकड़ा पीएचसी, सरुरपुर पीएचसी, सर्वोदय अस्पताल अग्रवाल मंडी टटीरी को कोविड अस्पताल में बदल दिया गया था।
कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा
कुल सैंपल - 397860
संक्रमित - 2339
कुल मौत - 36