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स्वरोजगार से आगे बढ़ रही हसनपुर की महिलाएं
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बागपत। हसनपुर जिवानी गांव की महिलाएं स्वरोजगार कर आगे बढ़ रही है। गांव के 17 स्वयं सहायता समूह हैं। जिनकी 25 महिलाएं गांव में स्कूल बैग, पर्स और सूटकेस तैयार कर आजीविका चला रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
गांव का सहिबा समूह ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका चलाने में सहयोग कर रहा है। समूह में गांव के 17 समूह की 25 महिलाओं ने एक समूह तैयार कर स्कूल बैग, पर्स और सूटकेस बनाकर अन्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। गांव की महिलाएं 110 रुपये से लेकर 300 रुपये तक के स्कूल बैग, सात सौ रुपये से लेकर 1500 रुपये तक के महिला पर्स और 500 रुपये तक के सूटकेस तैयार कर रही है।
बेटे से मिला पर्स बनाने का प्रशिक्षण
- समूह की कोषाध्यक्ष फातिमा ने बताया कि दिल्ली में बेटे आमिर का स्कूल बैग, सूटकेस और महिला पर्स बनाने का कारखाना है। बेटे ने ही उसे प्रशिक्षण देकर इस रोजगार से जोड़ा है। अब उसके ग्रुप में अलग-अलग समूह की 25 महिलाएं कार्य कर रही हैं।
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दिल्ली से आता है कच्चा माल, बाजारों में करते हैं सप्लाई
- बैग, पर्स और सूटकेस बनाने के लिए दिल्ली से कच्चा माल लाया जा रहा है। जिससे सामान तैयार किया जा रहा है। तैयार सामान जिले के बाजार ही नहीं बल्कि दिल्ली सप्लाई किया जा रहा है।
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गांव का सहिबा समूह ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका चलाने में सहयोग कर रहा है। समूह में गांव के 17 समूह की 25 महिलाओं ने एक समूह तैयार कर स्कूल बैग, पर्स और सूटकेस बनाकर अन्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। गांव की महिलाएं 110 रुपये से लेकर 300 रुपये तक के स्कूल बैग, सात सौ रुपये से लेकर 1500 रुपये तक के महिला पर्स और 500 रुपये तक के सूटकेस तैयार कर रही है।
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बेटे से मिला पर्स बनाने का प्रशिक्षण
- समूह की कोषाध्यक्ष फातिमा ने बताया कि दिल्ली में बेटे आमिर का स्कूल बैग, सूटकेस और महिला पर्स बनाने का कारखाना है। बेटे ने ही उसे प्रशिक्षण देकर इस रोजगार से जोड़ा है। अब उसके ग्रुप में अलग-अलग समूह की 25 महिलाएं कार्य कर रही हैं।
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दिल्ली से आता है कच्चा माल, बाजारों में करते हैं सप्लाई
- बैग, पर्स और सूटकेस बनाने के लिए दिल्ली से कच्चा माल लाया जा रहा है। जिससे सामान तैयार किया जा रहा है। तैयार सामान जिले के बाजार ही नहीं बल्कि दिल्ली सप्लाई किया जा रहा है।