{"_id":"622e2c0b58e13c08f63ce735","slug":"wished-for-world-welfare-by-offering-sacrifice-in-yagya-baraut-news-mrt5802697188","type":"story","status":"publish","title_hn":"यज्ञ में आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यज्ञ में आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का रविवार को समापन
फोटो संख्या 6
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। महाभारत कालीन लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में चल रहे आठ दिवसीय 63 वें विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण के कामना करते हुए यज्ञ में आहुतियां दी।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा कि विश्व कल्याण के लिए यज्ञ जरूरी है। यज्ञ करने से धर्म की प्राप्ति होती है। भगवान श्रीराम ने भी विश्व की शांति के लिए यज्ञ किया था। यज्ञ से ही विश्व का कल्याण होता है। किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले यज्ञ कर भगवान की उपासना की जाती है। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने सभी यज्ञमानों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य विनोद कुमार शास्त्री, आचार्य सोमदत्त भारद्वाज, सुनील शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री, आचार्य रविदत्त शास्त्री आदि विद्वानों ने भी वेदोपदेश दिए। गुरुकुल के ब्रह्मचारी जयकृष्ण शास्त्री, रोहित शास्त्री, मोहित शास्त्री, कपिल शास्त्री ने सस्वर मंत्रोच्चारण के बीच वेदपाठ किया। बीएसएनएल के पूर्व जीएम चंद्रहास, प्रधान यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी, गंगाशरण, सेवाराम आर्य, राजगुरु तोमर, अजय त्यागी, ब्रह्मप्रकाश त्यागी, अरुण त्यागी, कविराज त्यागी आदि श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति देकर विश्वकल्याण की कामना की।
विज्ञापन
फोटो संख्या 6
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। महाभारत कालीन लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में चल रहे आठ दिवसीय 63 वें विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण के कामना करते हुए यज्ञ में आहुतियां दी।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा कि विश्व कल्याण के लिए यज्ञ जरूरी है। यज्ञ करने से धर्म की प्राप्ति होती है। भगवान श्रीराम ने भी विश्व की शांति के लिए यज्ञ किया था। यज्ञ से ही विश्व का कल्याण होता है। किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले यज्ञ कर भगवान की उपासना की जाती है। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने सभी यज्ञमानों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य विनोद कुमार शास्त्री, आचार्य सोमदत्त भारद्वाज, सुनील शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री, आचार्य रविदत्त शास्त्री आदि विद्वानों ने भी वेदोपदेश दिए। गुरुकुल के ब्रह्मचारी जयकृष्ण शास्त्री, रोहित शास्त्री, मोहित शास्त्री, कपिल शास्त्री ने सस्वर मंत्रोच्चारण के बीच वेदपाठ किया। बीएसएनएल के पूर्व जीएम चंद्रहास, प्रधान यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी, गंगाशरण, सेवाराम आर्य, राजगुरु तोमर, अजय त्यागी, ब्रह्मप्रकाश त्यागी, अरुण त्यागी, कविराज त्यागी आदि श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति देकर विश्वकल्याण की कामना की।
विज्ञापन