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Baghpat News: मुआवजा मिले बिना जमीन पर नहीं करने देंगे कब्जा
Mon, 14 Apr 2025 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 14 Apr 2025 12:31 AM IST
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पिता की जमीन बचाने के लिए जलालपुर में इकोनॉमिक कॉरिडोर अंडरपास में परिवार के साथ धरने पर बैठी व
- फोटो : mathura
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बड़ौत। बिजरौल गांव में किसान देशपाल की जमीन पर एनएचएआई के अधिकारियों के कब्जा लेने के दौरान हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। किसान देशपाल ने आरोप लगाया कि उसको जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया है और अधिकारी जमीन पर कब्जा लेने आ गए। जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा, वह कब्जा नहीं देगा और उसके साथ जबरदस्ती की कई तो वह परिवार के साथ भूख हड़ताल शुरू कर देगा।
पिता देशपाल की जमीन बचाने के लिए शादी से पहले दुल्हन वंशिका के धरने पर बैठने के बाद गांव के लोग भावनात्मक रूप से जुड़ते गए। वहां काफी लोग पहुंचकर धरने पर बैठ गए। उसके बाद एनएचएआई के अधिकारी वापस जरूर चले गए, मगर आरोप है कि वह परिवार पर सख्ती करने की बात कहकर गए। इसको लेकर किसान देशपाल ने भी साफ कर दिया कि वह मुआवजा मिले बिना जमीन पर कब्जा नहीं देंगे।
किसान का कहना है कि एक बीघा जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजे को लेकर आपत्ति पर सुनवाई के लिए एडीएम की कोर्ट में 16 अप्रैल की तारीख लगी हुई है। इसकी सुनवाई के बाद ही किसी तरह की कार्रवाई का अधिकारियों को अधिकार है। जब तक कोई फैसला नहीं हो जाता, तब तक जमीन पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
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कहा कि आखिरी सांस तक जमीन के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। उसने अधिकारियों की लखनऊ तक शिकायत करने की बात भी कही, क्योंकि उनको डर है कि अधिकारी उनपर दबाव बनाने के लिए कार्रवाई कर सकते हैं।
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पिता देशपाल की जमीन बचाने के लिए शादी से पहले दुल्हन वंशिका के धरने पर बैठने के बाद गांव के लोग भावनात्मक रूप से जुड़ते गए। वहां काफी लोग पहुंचकर धरने पर बैठ गए। उसके बाद एनएचएआई के अधिकारी वापस जरूर चले गए, मगर आरोप है कि वह परिवार पर सख्ती करने की बात कहकर गए। इसको लेकर किसान देशपाल ने भी साफ कर दिया कि वह मुआवजा मिले बिना जमीन पर कब्जा नहीं देंगे।
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किसान का कहना है कि एक बीघा जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजे को लेकर आपत्ति पर सुनवाई के लिए एडीएम की कोर्ट में 16 अप्रैल की तारीख लगी हुई है। इसकी सुनवाई के बाद ही किसी तरह की कार्रवाई का अधिकारियों को अधिकार है। जब तक कोई फैसला नहीं हो जाता, तब तक जमीन पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
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कहा कि आखिरी सांस तक जमीन के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। उसने अधिकारियों की लखनऊ तक शिकायत करने की बात भी कही, क्योंकि उनको डर है कि अधिकारी उनपर दबाव बनाने के लिए कार्रवाई कर सकते हैं।