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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   When the water of Hindon increased towards the villages, the cremation grounds were submerged.

Baghpat News: हिंडन का पानी गांवों की तरफ बढ़ा तो श्मशान घाट जलमग्न

Tue, 29 Aug 2023 12:23 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Aug 2023 12:23 AM IST
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When the water of Hindon increased towards the villages, the cremation grounds were submerged.
बालैनी के पूरा महादेव गांव में हिंडननदी के पानी से डूब शमशान घाट। संवाद
बालैनी। हिंडन नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने से हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई तो गांवों की तरफ भी पानी बढ़ने लगा है। जिससे तीन गांवों के श्मशान घाट जलमग्न हो गए। ग्रामीणों ने अफसरों से नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की।
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हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से गांवों की तरफ पानी बढ़ने लगा है। जिससे पुरा, बालैनी और मुकारी गांव के श्मशान घाट में पानी भर गया। जिसके चारों तरफ जलभराव होने से दीवारें गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। उधर ग्रामीणों ने भी हिंडन नदी का जलस्तर घटने के लिए प्रार्थना भी की। ग्रामीण विकास, सतीश आदि ने बताया कि हिंडन नदी का पहले जलस्तर बढ़ने से किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया था, जिससे किसान कर्ज में डूब गये है। उन्होंने कहा कि बार-बार फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की गई, लेकिन मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने सरकार से किसानों को नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।
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दोबारा उगाई फसल भी हो गई बर्बाद
रटौल। हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के हरसिया, चमरावल, ललियाना, गौना, सिंगौली, सरफबाद, गढ़ी समेत कई गांवों की फसल जलमग्न हो गई और कई रास्तों में भी पानी भर गया। किसान जाकिर, रामफल, भोपाल, बिजेंद्र ने बताया कि पानी कम होने पर सब्जी, चारे, गन्ने, धान और गेंदे की फसल की बुआई कर दी थी, जो बर्बाद हो गई। इसके अलावा सरफाबाद के किसान विनेश की झोपड़ी भी बह गई।
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किसान बोले, 100 करोड़ के नुकसान का मुआवजा दिलाओ
फोटो 14
बागपत। यमुना नदी में आई बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर पुराने कस्बे के किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां किसान श्रीनिवास चौहान, इस्तखार, इंतजार, वजीर, नेपाल सिंह, विनोद, धर्मसिंह आदि ने बता या कि यमुना में बाढ़ आने से काफी भूमि का कटान हो गया और करोड़ों रुपये की मिर्च, ज्वार, धान, ईंख की फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने से किसानों को 100 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान हेा गया। उन्होंने नुकसान का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की। साथ ही यमुना नदी में ठोकर बनवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को नुकसान का मुआवजा नहीं मिला तो किसान धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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