फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   ...when Chhote Chaudhary did not allow the anti-farmer law to be implemented

Baghpat News: ...जब छोटे चौधरी ने लागू नहीं हाेने दिया किसान विरोधी कानून

Tue, 06 May 2025 12:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Tue, 06 May 2025 12:38 AM IST
विज्ञापन
...when Chhote Chaudhary did not allow the anti-farmer law to be implemented
जब छोटे चौधरी ने लागू नहीं हाेने दिया किसान विरोधी कानून की खबर से संबं​धित फोटो। बागपत में बैठ
बागपत। रालोद के संस्थापक और बागपत से सात बार सांसद रहे स्व. चौ. अजित सिंह आज भी पश्चिम उप्र के किसानों के दिलों में यूं ही नहीं बसे हैं। छोटे चौधरी ने किसान हितो की कीमत पर समझौता करने के बजाय मंत्री पद त्यागना बेहतर समझा।
विज्ञापन

संसद का घेराव कर किसानों कि हित में गन्ना नियंत्रण संशोधन आदेश लागू नहीं होने दिया। यही वजह है कि कोई विपरीत बात होने पर किसान खुद को यह कहे बिना नहीं रोक पाते कि काश! आज चौ. अजित सिंह जिंदा होते तो...।
विज्ञापन

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि बागपत को उनके बेटे एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने वर्ष 1989 में पहली बार सांसद बनकर विरासत के रूप में संभाला। वह लगातार चुनाव जीतते रहे और वर्ष 1996 में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री बने।
विज्ञापन
विज्ञापन

लेकिन वर्ष 1998 में सोमपाल शास्त्री ने उन्हें हरा दिया, लेकिन उसके बाद वर्ष 1999 के चुनाव में बागपत की जनता ने उनको लाखों वोटों से जीत दिलाई। वर्ष 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कृषि मंत्री बने।

वर्ष 2011 में मनमोहन सिंह सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रहे। मगर वर्ष 2014 में बागपत व वर्ष 2019 में मुजफ्फरनगर से चुनाव हारे। छह मई 2021 को कोरोना संक्रमण से उनका निधन हुआ। nकिसानों के लिए कई आंदोलन किए : स्व. चौ. अजित सिंह किसानों के लिए कई बार सरकार से टकराए और बड़े आंदोलन किए। गन्ने का भाव बढ़वाने, कैपेसिटर चार्ज के खिलाफ, किसानों का ऋण माफ कराने समेत कई आंदोलन किए और सरकार को झुकना भी पड़ा। चौ. अजित सिंह ने कृषि मंत्री रहते किसानों के लिए कम ब्याज पर ऋण व्यवस्था कराई। धरा पुत्र चौधरी चरण सिंह और उनकी विरासत नामक पुस्तिका के अनुसार किसानों को पर्याप्त सूखा राहत नहीं मिलने तथा खेती में काम आने वाले डीजल के दाम बढ़ने पर अजित सिंह ने कृषि मंत्री पद से इस्तीफा देने में देर नहीं की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed