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बैंक से लेकर कलक्ट्रेट तक बस कैश का झमेला

Fri, 18 Nov 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 18 Nov 2016 12:41 AM IST
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Welter of cash from the bank to the bus kalaktreta
बड़ौत में दिल्ली रोड स्थित एटीएम के बाहर लगी लाइन। - फोटो : amar ujala
बागपत। रुपये अपने हैं। जेब में भी और बैंक में भी, लेकिन अपने ही रुपये लोगों को नहीं मिल रहे हैं। कैश बदलने, खातों से रुपये निकालने, रुपये जमा करने और एटीएम पर फैली अव्यवस्था के चलते बैंक शाखाओं से लेकर कलक्ट्रेट तक हंगामे हुए। लंबी कतारें लोगों की विवशता बताती रही। नो कैश के चलते लोगों को मुश्किलें झेलनी पड़ी।
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आर्थिक सुधार के लिए उठाया कदम अब बोझ बनता दिख रहा है। बृहस्पतिवार को निवाड़ा, सिसाना, गौरीपुर, खेड़ा हटाना समेत अन्य गांवों के काफी संख्या में लोग कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम ह्दय शंकर तिवारी को शिकायती पत्र सौंपा। आरोप लगाया कि कलक्ट्रेट  स्थित सिंडिकेट बैंक में लोगों को चार दिन से कैश नहीं दिया जा रहा है। इस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 
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बैंक मैनेजर ने कह दिया कैश आने की कोई उम्मीद नहीं है। जबकि अपने परिचितों को रुपये दिए जा रहे हैं। लोगों के घरों में समस्याओं का अंबार लग गया है। माजिद, इकबाल, वाहिद, तबसुम, सुशीला, मकसुदी, गीता, सुनीता, रीता, मीना, हसरत, वसीम, अनास, आसिफ, समीना, काजल, नीरज, आस मोहम्मद, अशोक,, रामपाल, सूरज पाल और राममेहर मौजूद रहे। 
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उधर, दोघट के हरपाल, दिनेश, रईस, सईद, नूर मोहम्मद, जमशेद, बिलाल ने बताया  वे पिछले पांच दिन से लाइन  में लगकर कैश निकालने के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कैश नहीं मिल रहा है। उनके गांवों में बैंक न होने से उन्हें परेशानी हो रही है। 

बैंक के पीछे खिड़की खुलने पर हंगामा
अमीनगर सराय।
पीएनबी में हंगामा बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। यहां कई-कई घंटे से कतार में खड़े लोगों को रुपये नहीं मिले। कुछ लोगों ने कहा बैंक के पीछे खिड़की से चहेतों को रुपये बांटे जा रहे हैं। 
 दिनभर यहां पीछे की खिड़की पर आवाजाही रही। हालांकि बैंक मैनेजर ने इस तरह के किसी भी मामले से इंकार किया। उन्होंने कहा ऐसा नहीं है। बैंक शाखा में ंगामा हुआ। लोगों के गुस्से के कारण पुलिस भी बेबस दिखाई दी।

नोट बंदी से किसान और मजदूर परेशान
दोघट। बामनौली गांव में हेमंत कुमार एडवोकेट के आवास पर किसान, मजदूरों एवं छोटे व्यापारियों की नोट बंदी को लेकर पंचायत हुई। इसमें निर्णय लिया यदि समस्या को जल्द दूर नहीं किया तो क्षेत्र की जनता जिसमें छोटा व्यापारी, किसान, मजदूर आगामी 2017 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे और किसी भी नेता को क्षेत्र में घुसने नहीं देंगे। बैठक चौधरी महेंद्र सिंह की अध्यक्षता और हेमंत कुमार एडवोकेट के संचालन में हुई। इसमें जयप्रकाश, कुशल पाल, हरबीर सिंह, सत्य चौधरी, ब्रहम पाल सिंह, चौधरी रामचंद्र, सुखपाल सिंह, डॉ. संजीव, लाला गजेंद्र, नरेंद्र सिंह पहलवान, ब्रहमपाल सिंह, हरपाल सिंह, मयंक चौधरी, सौरभ चौधरी, अन्नत कुमार रहे। 

दोघट डाकघर में नहीं है कैश, सिंडिकेट से मिले  सिक्के
दोघट। कस्बे में डाकघर और बैंक में कैश न मिलने से क्षुब्ध लोगों ने प्रदर्शन कर धरना दिया और चेतावनी दी यदि शुक्रवार तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे शनिवार को अनिश्चित कालीन धरना शुरू करेंगे। यहां सिंडिकेट बैंक शाखा पर लोगों को दस-दस रुपये के सिक्के दिए जा रहे हैं। इससे नाराज लोगों ने प्रदर्शन कर डाकघर के बाहर धरना दिया। इसमें मिल्टन पंवार, हरि किशन, महीपाल, साधू पंवार, रामबीर, विपिन, कुलदीप, सोनू, मोहित, पप्पू, रहीसू, अरविंद, नीरज, रामफल, सोराज, कृष्णपाल, बिजेंद्र आदि रहे। पोस्ट मास्टर संजीव कुमार ने बताया डाकघर में कैश ही नहीं है। 

शबगा बैंक पर ग्राहकों का हंगामा
छपरौली। क्षेत्र के शबगा गांव स्थित सेंट्रल बैंक में भी ग्राहकों ने टोकन को लेकर  हंगामा किया। इस बीच ग्राहकों में हाथापाई होने लगी तो पुलिस ने मोर्चा संभाला और भीड़ पर काबू पाया। ग्राहकों को आरोप था कि ग्राहकों को टोकन बनवाने का कार्य अलग मकान में कराया। इससे वहां पर भीड़ के चलते अफरातफरी मंच गई और पक्षपात को लेकर हंगामा होने लगा । बड़ी मुश्किल से मामला शांत हो पाया। 

इसके बाद ग्राहकों  ने टोकन नंबर पर बैंक में जाने को लेकर विवाद हो गया और ग्राहक आपस में ही उलझ गए और शोर शराबे के चलते बैंक का भी काम बाधित होने लगा तो पुलिस ने मोर्चा संभाला और बड़ी मशक्कत से भीड़ पर काबू पाया जा सका। बैंक अधिकारी ने बताया  भीड़ बढ़ने से ही कई बार परेशानी आ जाती है, लेकिन समय रहते उसे ठीक कर लिया। नोट की बदली या भुगतान करने की व्यवस्था कैश की उपलब्धता पर निर्भर करती है ।
 
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