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शिक्षण संस्थानों में विरासत स्वराज यात्रा का स्वागत
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बागपत के सरूरपुर गांव स्थित इंटर कालेज में छात्राओं को संबोधित करते जलपुरूष राजेन्द्र सिंह
- फोटो : BAGHPAT
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जलपुरुष राजेंद्र बोले, शिक्षा पन्नों पर उतारी गई सूचना जबकि विद्या अनुभवों के आधार पर चलती है
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। विरासत स्वराज यात्रा का मंगलवार को इंटरमीडिएट कॉलेज और योगीनाथ डिग्री कॉलेज में स्वागत किया गया। जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उन्होंने ने कहा कि आज की शिक्षा लाभ के लिए है। भारत तब तक ही विश्वगुरु था, जब तक हमारी विद्या में पंचमहाभूतों को सम्मान दिया गया। शिक्षा पन्नों पर उतारी गई सूचनाओं के आधार पर चलती है, जबकि विद्या अनुभवों के आधार पर चलती है। देश में जल का एक लाख करोड़ से ऊपर का व्यापार है। प्रकृति को पुनर्जीवित करने के लिए विद्या की ओर जाना होगा और पंचमहाभूतों को फिर से वहीं सम्मान देना होगा। कार्यक्रम में संजय राणा, कृष्णपाल, देशवीर नैन ने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर निदेशक संजय राणा, प्रधानाचार्य राजबीर सिंह, डॉ प्रवीण कुमार, सुभाष नैन, कोमल नैन, नरेश नैन, बालेश देवी, प्रवेश कुमार, अरविंद कुमार, अंग्रेज पाल, शिवकुमार शास्त्री मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। विरासत स्वराज यात्रा का मंगलवार को इंटरमीडिएट कॉलेज और योगीनाथ डिग्री कॉलेज में स्वागत किया गया। जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उन्होंने ने कहा कि आज की शिक्षा लाभ के लिए है। भारत तब तक ही विश्वगुरु था, जब तक हमारी विद्या में पंचमहाभूतों को सम्मान दिया गया। शिक्षा पन्नों पर उतारी गई सूचनाओं के आधार पर चलती है, जबकि विद्या अनुभवों के आधार पर चलती है। देश में जल का एक लाख करोड़ से ऊपर का व्यापार है। प्रकृति को पुनर्जीवित करने के लिए विद्या की ओर जाना होगा और पंचमहाभूतों को फिर से वहीं सम्मान देना होगा। कार्यक्रम में संजय राणा, कृष्णपाल, देशवीर नैन ने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर निदेशक संजय राणा, प्रधानाचार्य राजबीर सिंह, डॉ प्रवीण कुमार, सुभाष नैन, कोमल नैन, नरेश नैन, बालेश देवी, प्रवेश कुमार, अरविंद कुमार, अंग्रेज पाल, शिवकुमार शास्त्री मौजूद रहे।
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