{"_id":"638e3293742b3a5f6b28d071","slug":"website-closed-for-a-week-farmers-problems-increased-baghpat-news-mrt6165268103","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: वेबसाइट एक सप्ताह से बंद, किसानों की बढ़ी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: वेबसाइट एक सप्ताह से बंद, किसानों की बढ़ी परेशानी
विज्ञापन
सहकारी चीनी मिल रमाला
- फोटो : BAGHPAT
बागपत। गन्ना विभाग की वेबसाइट पिछले एक सप्ताह से बंद चल रही है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साइट बंद होने के कारण किसानों के कलेंडर में संशोधन नहीं हो पा रहा है। किसान कलेंडर में संशोधन कराने के लिए समितियों के चक्कर लगा रहे हैं।
गन्ना विभाग की ओर से किसानों की परेशानियों का सामना करना के लिए एप (ई गन्ना केन यूपी) जारी किया है। गन्ना विभाग की ओर से इस एप पर किसानों कलेंडर और पर्ची के कॉलम के अलावा पूरा ब्योरा जारी किया गया है। मगर पिछले एक सप्ताह से विभाग की साइट बंद चल रही है।
किसानों का कहना है कि साइट बंद होने के कारण उनके कलेंडर में संशोधन नहीं हो पा रहा है, जिससे गन्ने की छिलाई समय पर न होने से गेहूं की बुआई प्रभावित हो सकती है और पशुओं के लिए चारे की समस्या का बढ़ सकती है।
विज्ञापन
- गांव के मुनेश और इंद्रपाल का कोटा गन्ना विभाग की साइट पर शून्य आ रहा है। साइट बंद होने के कारण कलेंडर में संशोधन न होने से गन्ने की छिलाई नहीं हो रही है। -राजू तोमर
- कुछ गन्ना किसानों की पेडी की पर्ची पौध में चढ़ गई है। साइट बंद होने के कारण कलेंडर में संशोधन नहीं हो पा रहा है, जिससे गन्ने की छिलाई प्रभावित हो रही है। - सुभाष नैन
- कलेंडर में संशोधन न होने के कारण पर्ची सही कॉलम में दर्ज नहीं हो पाई है। जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। - किसान धर्मपाल
- गन्ना विभाग की ओर से जारी किए गए कलेंडर में गन्ना गलत कॉलम में दर्ज हो गया है, वेबसाइट बंद होने के समस्या का समाधान नही हो रहा है। - किसान सतेंद्र
जिले में गन्ना मिलों में पेराई की स्थिति
मिल किसान रकबा (हेक्टेयर में) पेराई (लाख क्विंटल में)
बागपत 18800 11246 6.37
रमाला 30500 18747 16.0
मलकपुर 41000 25564 9.15
- तीनों मिलों में पूरी क्षमता से गन्ने की पेराई की जा रही है। किसानों के कलेंडर उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकार्ड के आधार पर ही जारी किए हैं। अगर किसी किसान के कलेंडर में परेशानी आ रही है, तो वेबसाइट चलने पर संशोधन कराया जाएगा। - डॉ. अनिल कुमार भारती, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
गन्ना विभाग की ओर से किसानों की परेशानियों का सामना करना के लिए एप (ई गन्ना केन यूपी) जारी किया है। गन्ना विभाग की ओर से इस एप पर किसानों कलेंडर और पर्ची के कॉलम के अलावा पूरा ब्योरा जारी किया गया है। मगर पिछले एक सप्ताह से विभाग की साइट बंद चल रही है।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि साइट बंद होने के कारण उनके कलेंडर में संशोधन नहीं हो पा रहा है, जिससे गन्ने की छिलाई समय पर न होने से गेहूं की बुआई प्रभावित हो सकती है और पशुओं के लिए चारे की समस्या का बढ़ सकती है।
विज्ञापन
- गांव के मुनेश और इंद्रपाल का कोटा गन्ना विभाग की साइट पर शून्य आ रहा है। साइट बंद होने के कारण कलेंडर में संशोधन न होने से गन्ने की छिलाई नहीं हो रही है। -राजू तोमर
- कुछ गन्ना किसानों की पेडी की पर्ची पौध में चढ़ गई है। साइट बंद होने के कारण कलेंडर में संशोधन नहीं हो पा रहा है, जिससे गन्ने की छिलाई प्रभावित हो रही है। - सुभाष नैन
- कलेंडर में संशोधन न होने के कारण पर्ची सही कॉलम में दर्ज नहीं हो पाई है। जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। - किसान धर्मपाल
- गन्ना विभाग की ओर से जारी किए गए कलेंडर में गन्ना गलत कॉलम में दर्ज हो गया है, वेबसाइट बंद होने के समस्या का समाधान नही हो रहा है। - किसान सतेंद्र
जिले में गन्ना मिलों में पेराई की स्थिति
मिल किसान रकबा (हेक्टेयर में) पेराई (लाख क्विंटल में)
बागपत 18800 11246 6.37
रमाला 30500 18747 16.0
मलकपुर 41000 25564 9.15
- तीनों मिलों में पूरी क्षमता से गन्ने की पेराई की जा रही है। किसानों के कलेंडर उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकार्ड के आधार पर ही जारी किए हैं। अगर किसी किसान के कलेंडर में परेशानी आ रही है, तो वेबसाइट चलने पर संशोधन कराया जाएगा। - डॉ. अनिल कुमार भारती, जिला गन्ना अधिकारी

किसान धर्मपाल- फोटो : BAGHPAT

किसान सतेंद्र- फोटो : BAGHPAT

सुभाष नैन- फोटो : BAGHPAT

राजू तोमर सिरसली- फोटो : BAGHPAT