{"_id":"5f41584b8ebc3e4104548f0f","slug":"water-reaches-baghpat-yamuna-s-water-level-rises-40-cm-baghpat-news-mrt4974787149","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागपत पहुंचा पानी, 40 सेंटीमीटर बढ़ा यमुना का जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागपत पहुंचा पानी, 40 सेंटीमीटर बढ़ा यमुना का जलस्तर
विज्ञापन
बागपत के निवाड़ा गंव स्थित यमुना पुल पर खतरें के निशान पर पहुंचा यमुना का पानी
- फोटो : BAGHPAT
प्रशासन ने किया अलर्ट जारी, कंट्रोल रुम स्थापित, आपात स्थिति में 01234-251131 पर करें कॉल
हथिनी कुंड से शनिवार को छोड़ा गया और दस हजार क्यूसेक पानी, जो रविवार तक पहुंचेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। हथिनी कुंड से शुक्रवार को यमुना में छोड़ा गया नौ हजार क्यूसेक पानी शनिवार को बागपत पहुंच गया है। इससे जलस्तर 40 सेंटीमीटर तक बढ़ गया। अब यमुना नदी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। शनिवार को यमुना में दस हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है, जो रविवार तक बागपत पहुंच जाएगा। इसे देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
हथिनीकुंड से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे किसानों की चिंता भी बढ़ रही है। जिले के 23 गांव यमुना के किनारे बसे है, जिससे इन गांवों के किसानों का फसल बर्बाद होने का डर है। शुक्रवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर नीचे था, जो शनिवार को 40 सेंटीमीटर बढ़ गया है। यमुना अब खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ौत में कंट्रोल रूम भी स्थापित कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति में 01234-251131 पर कॉल कर स्थिति से अवगत कराया जा सकता है।
डीएम शकुंतला गौतम ने शुक्रवार को यमुना के जलस्तर का निरीक्षण किया था। उनके निर्देश पर यमुना के किनारे बसे गांवों को चिह्नित किया जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण के लिए जिले में 16 बाढ़ चौकियां बनाई गई है। इनमें 12 चौकियां यमुना नदी के तट पर तथा चार चौकियां हिंडन नदी के तट पर स्थापित की गई है।
विज्ञापन
कटान रोकने के लिए स्टॉक पूरा
बागपत। बाढ़ नियंत्रण के नोडल अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि यमुना खतरे के निशान से नीचे बह रही है, जिले में अभी बाढ़ की संभावना नही है। प्रशासन ने बाढ़ से निबटने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। कटान रोकने के लिए सीमेंट के बोरों व लकड़ी की बल्लियों का स्टॉक पूरा कर लिया गया है। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
हथिनी कुंड से शनिवार को छोड़ा गया और दस हजार क्यूसेक पानी, जो रविवार तक पहुंचेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। हथिनी कुंड से शुक्रवार को यमुना में छोड़ा गया नौ हजार क्यूसेक पानी शनिवार को बागपत पहुंच गया है। इससे जलस्तर 40 सेंटीमीटर तक बढ़ गया। अब यमुना नदी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। शनिवार को यमुना में दस हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है, जो रविवार तक बागपत पहुंच जाएगा। इसे देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
हथिनीकुंड से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे किसानों की चिंता भी बढ़ रही है। जिले के 23 गांव यमुना के किनारे बसे है, जिससे इन गांवों के किसानों का फसल बर्बाद होने का डर है। शुक्रवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर नीचे था, जो शनिवार को 40 सेंटीमीटर बढ़ गया है। यमुना अब खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ौत में कंट्रोल रूम भी स्थापित कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति में 01234-251131 पर कॉल कर स्थिति से अवगत कराया जा सकता है।
विज्ञापन
डीएम शकुंतला गौतम ने शुक्रवार को यमुना के जलस्तर का निरीक्षण किया था। उनके निर्देश पर यमुना के किनारे बसे गांवों को चिह्नित किया जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण के लिए जिले में 16 बाढ़ चौकियां बनाई गई है। इनमें 12 चौकियां यमुना नदी के तट पर तथा चार चौकियां हिंडन नदी के तट पर स्थापित की गई है।
विज्ञापन
कटान रोकने के लिए स्टॉक पूरा
बागपत। बाढ़ नियंत्रण के नोडल अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि यमुना खतरे के निशान से नीचे बह रही है, जिले में अभी बाढ़ की संभावना नही है। प्रशासन ने बाढ़ से निबटने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। कटान रोकने के लिए सीमेंट के बोरों व लकड़ी की बल्लियों का स्टॉक पूरा कर लिया गया है। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।