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पटाखे चलाते हुए सतर्कता जरूरी, सांस के मरीजों व बच्चों को हो सकती है परेशानी
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बागपत में छोटी दीपावली पर्व पर आतिशबाजी करते हुए
- फोटो : BAGHPAT
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- चिकित्सक दे रहे हरित पटाखे चलाने और आंखों का ख्याल रखने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दीपावली के पर्व पर पटाखे चलाने के लिए सतर्कता जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। पटाखों से निकलने वाला धुएं से सांस के मरीजों और बच्चों को परेशानी हो सकती है। चिकित्सक लोगों को हरित पटाखे चलाने और आंखों का ध्यान रखने की सलाह दे रहे है। चिकित्सकों का कहना है कि त्योहार पर थोड़ी सी लापरवाही से हादसा हो सकता है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत का कहना है कि तेज आवाज के पटाखे चलाने से ध्वनि और पटाखों से निकलने वाले धुएं से वायु प्रदूषण फैलता है। इससे सांस के मरीजो को अधिक परेशानी होती है। तेज आवाज के पटाखे चलाने से कान और रोशन के कारण आंखों में परेशानी हो सकती है। उन्होंने त्योहार पर इको फ्रैंडली पटाखे चलाने का आह्वान किया है।
क्या बरते सावधानी
- इको फ्रैंडली पटाखों का ही प्रयोग करें।
- बर्तनों व डिब्बों में पटाखे न चलाएं।
- पटाखे चलाने के लिए बच्चों को अकेला ना छोड़ें।
- आंखों में जलन होने पर मसले नहीं, बल्कि चिकित्सक को दिखाएं।
- सांस के रोगी घर से बाहर कम ही निकले, परेशानी होने पर चिकित्सक का परामर्श लें।
- दुर्घटना के बाद घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाए चिकित्सक का परामर्श लें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दीपावली के पर्व पर पटाखे चलाने के लिए सतर्कता जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। पटाखों से निकलने वाला धुएं से सांस के मरीजों और बच्चों को परेशानी हो सकती है। चिकित्सक लोगों को हरित पटाखे चलाने और आंखों का ध्यान रखने की सलाह दे रहे है। चिकित्सकों का कहना है कि त्योहार पर थोड़ी सी लापरवाही से हादसा हो सकता है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत का कहना है कि तेज आवाज के पटाखे चलाने से ध्वनि और पटाखों से निकलने वाले धुएं से वायु प्रदूषण फैलता है। इससे सांस के मरीजो को अधिक परेशानी होती है। तेज आवाज के पटाखे चलाने से कान और रोशन के कारण आंखों में परेशानी हो सकती है। उन्होंने त्योहार पर इको फ्रैंडली पटाखे चलाने का आह्वान किया है।
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क्या बरते सावधानी
- इको फ्रैंडली पटाखों का ही प्रयोग करें।
- बर्तनों व डिब्बों में पटाखे न चलाएं।
- पटाखे चलाने के लिए बच्चों को अकेला ना छोड़ें।
- आंखों में जलन होने पर मसले नहीं, बल्कि चिकित्सक को दिखाएं।
- सांस के रोगी घर से बाहर कम ही निकले, परेशानी होने पर चिकित्सक का परामर्श लें।
- दुर्घटना के बाद घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाए चिकित्सक का परामर्श लें।