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Baghpat News: वेदवती का ज्ञान, पशुपालकों के लिए वरदान

Sat, 21 Jan 2023 11:34 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Sat, 21 Jan 2023 11:34 PM IST
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Vedavati's knowledge, a boon for cattle herders
लहचौड़ा गांव में पराली व गन्ने की फसल से तैयार मीठा पोष्टिक पशुपालकों को देती महिला किसान वेदवती
रटौल। लहचौड़ा गांव की वेदवती ने पराली के सहारे पशु आहार तैयार कर रही हैं। पराली से पौष्टिक आहर बनाने से जहां वह प्रदूषण कम करने का प्रयास कर रही हैं, वहीं पौष्टिक आहार बेचकर अपनी आय भी बढ़ा रही हैं।
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वेदवती ने बताया कि उसने कृषि विभाग की वेबसाइट की मदद से पराली और गन्ने की फसल से पशुओं के लिए आहार बनाने का तरीका खोज निकाला। तीन साल पहले पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी उस पर आ गई थी। वह 60 बीघा में खेती करती है और उसके पास 50 दुधारू पशु है। जिनके लिए काफी चारे की जरूरत होती है। ऐसे में बेटे आदेश व यशवंत के सहयोग से खेतों में पराली जलाने व बेचने की जगह पशुओं के लिए आहर तैयार किया। जब उसका प्रयोग सफल रहा तो उसने अन्य किसानों की पराली खरीद कर स्टॉक किया और पराली व गन्ने की फसल से पशु आहार तैयार किया।
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ऐसे तैयार कर रही पशुओं के लिए पौष्टिक आहार
वेदवती यादव ने बताया कि वह पराली व गन्ने की फसल को काटकर जमीन में 20 फुट गहरे व डेढ़ सौ मीटर लंबे बंकर में डालकर ट्रैक्टर से दबाया जाता है। इसके बाद उसे तिरपाल से ढककर एक महीने तक बंद कर दिया जाता है। एक महीने में पशुओं के लिए आहार तैयार हो जाता है। पशु आहार बनाने में 300 रुपये प्रति क्विंटल की लागत आती है और वह उसे 700-800 रुपये में बेचती है।
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पशुपालक खरीद कर ले जा रहे पौष्टिक आहार
तैयार किया गया पशु आहार गांव के अलावा गौना, रटौल और सिंगोली के किसान लेकर जा रहे है। पशुपालक इकराम, भूषण शर्मा, संजय, हिमांशु, राजबीर त्यागी का कहना है कि वेदवती के द्वारा तैयार किया गया पशु आहार सस्ता होने के साथ ही मीठा है। इसे खाने के बाद दूध का उत्पादन बढ़ता है।

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इस तरह का आहार हाजमेदार होता है और यह गन्ना मिलने से मीठा हो जाता है। यह पशुओं के लिए फायदेमंद होता है और दुधारू पशुओं को खिलाने से उनका दूध भी बढ़ता है। - रवीश कसाना, पशु चिकित्सक
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