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वकील की मौत, चिकित्सक पर हत्या का आरोप
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बागपत : खेकड़ा कोतवाली मे कोतवाली प्रभारी से आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते ग्राम?
- फोटो : KAHKRA
खेकड़ा (बागपत)। खेकड़ा तहसील न्यू बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष की उपचार के बाद मौत हो गई। ग्रामीणों और अधिवक्ताओं ने चिकित्सक पर गलत उपचार करने का आरोप लगाते हुए खेकड़ा कोतवाली पहुंचकर हंगामा किया। चिकित्सक और उसके स्टाफ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। दूसरी ओर आरोपी चिकित्सक के सीने में तेज दर्द होने के कारण उन्हें खेकड़ा सीएचसी पर भर्ती कराया गया है।
खेकड़ा क्षेत्र के ग्राम मुबारिकपुर निवासी नरेंद्र त्यागी पहले खेकड़ा तहसील में प्रेक्टिस करते थे। उस दौरान वे खेकड़ा न्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे थे। बाद में वह बागपत में प्रैक्टिस करने लगे। नरेंद्र त्यागी के पुत्र अंकुर त्यागी का कहना है कि एक वर्ष पूर्व उनके पिता नरेंद्र त्यागी की बागपत कोर्ट में जाते समय सड़क दुर्घटना में कंधे की हड्डी टूट गई थी। तभी उन्हें बागपत के निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था। अस्पताल में चिकित्सक जीके सिंह ने उनके कंधे में स्टील की प्लेट डाली थी।
बुधवार की सुबह वह प्लेट निकलवाने के लिए डॉ. जीके सिंह के पास पहुंचे। चिकित्सक ने स्वयं ही उन्हें इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद उन्हें ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थियेटर में ले गए। वहां उनकी तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टर उन्हें लेकर एंबुलेंस से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी चिकित्सक जीके सिंह को हिरासत में ले लिया। लेकिन उनके सीने में दर्द होने के कारण उन्हें खेकड़ा सीएचसी पर भर्ती करा दिया गया।
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घटना का पता चलने पर अधिवक्ता और ग्राम मुबारिकपुर के ग्रामीण कोतवाली मे पहुंच गए और हंगामा कर आरोपी चिकित्सक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि डॉ. जीके सिंह ने बताया कि उन्होंने नरेंद्र त्यागी को सही उपचार दिया। उन्हें भी मरीज की मौत का दुख है। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
अपहरण की सूचना से हड़कंप
नरेंद्र त्यागी की हालत खराब होने के चलते चिकित्सक जीके सिंह उन्हें एंबुलेंस से दिल्ली लेकर जा रहे थे। अस्पताल के कर्मचारियों ने बागपत सीएमओ सहित पुलिस को उनके अपहरण की सूचना दे दी। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जब एंबुलेंस खेकड़ा पहुंची। तो पुलिस एंबुलेंस को रुकवाकर उसमें सवार चिकित्सक जीके सिंह व नरेंद्र त्यागी के परिजनों को कोतवाली पर ले गई। जहां डॉ. जीके सिंह ने अपहरण की बात से इनकार किया।
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खेकड़ा क्षेत्र के ग्राम मुबारिकपुर निवासी नरेंद्र त्यागी पहले खेकड़ा तहसील में प्रेक्टिस करते थे। उस दौरान वे खेकड़ा न्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे थे। बाद में वह बागपत में प्रैक्टिस करने लगे। नरेंद्र त्यागी के पुत्र अंकुर त्यागी का कहना है कि एक वर्ष पूर्व उनके पिता नरेंद्र त्यागी की बागपत कोर्ट में जाते समय सड़क दुर्घटना में कंधे की हड्डी टूट गई थी। तभी उन्हें बागपत के निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था। अस्पताल में चिकित्सक जीके सिंह ने उनके कंधे में स्टील की प्लेट डाली थी।
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बुधवार की सुबह वह प्लेट निकलवाने के लिए डॉ. जीके सिंह के पास पहुंचे। चिकित्सक ने स्वयं ही उन्हें इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद उन्हें ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थियेटर में ले गए। वहां उनकी तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टर उन्हें लेकर एंबुलेंस से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी चिकित्सक जीके सिंह को हिरासत में ले लिया। लेकिन उनके सीने में दर्द होने के कारण उन्हें खेकड़ा सीएचसी पर भर्ती करा दिया गया।
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घटना का पता चलने पर अधिवक्ता और ग्राम मुबारिकपुर के ग्रामीण कोतवाली मे पहुंच गए और हंगामा कर आरोपी चिकित्सक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि डॉ. जीके सिंह ने बताया कि उन्होंने नरेंद्र त्यागी को सही उपचार दिया। उन्हें भी मरीज की मौत का दुख है। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
अपहरण की सूचना से हड़कंप
नरेंद्र त्यागी की हालत खराब होने के चलते चिकित्सक जीके सिंह उन्हें एंबुलेंस से दिल्ली लेकर जा रहे थे। अस्पताल के कर्मचारियों ने बागपत सीएमओ सहित पुलिस को उनके अपहरण की सूचना दे दी। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जब एंबुलेंस खेकड़ा पहुंची। तो पुलिस एंबुलेंस को रुकवाकर उसमें सवार चिकित्सक जीके सिंह व नरेंद्र त्यागी के परिजनों को कोतवाली पर ले गई। जहां डॉ. जीके सिंह ने अपहरण की बात से इनकार किया।