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स्कूल के कमरों में भर दिए उपले बच्चों को बना दिया मजदूर
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 06 Oct 2017 12:46 AM IST
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प्राथमिक विद्यालय में काम करते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। बसौद गांव के स्कूल के कमरे में उपले भर दिए गए। यही नहीं यहां बच्चों से फर्श की ईंटे लगवाई गई, झाडू लगाई और बच्चों ने उपले ढोने का काम किया। इसके फोटो वायरल हो गए हैं। शौचालयों की हालत भी दयनीय है। दरवाजे क्षतिग्रस्त है। बीएसए योगराज सिंह का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
बेसिक स्कूलों की पढ़ाई व्यवस्था चौपट हो गई है। सरकार के तमाम आदेश ताक पर रख दिए गए। बसौद गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में बच्चों से मजदूरी कराई जाने के फोटो व्हाट्सएप के जरिए वायरल हो गए। छात्राओं से गंदगी साफ कराई गई। यही नहीं विद्यालय के कमरे में उपले भी भरे हुए है, जिन्हें छात्रों सेस्त्रत्त् भरवाया गया है।
बीएसए योगराज सिंह ने कहा कि मामला गंभीर है। बच्चों से मजदूरी कराई गई है और स्कूल के कक्षों में उपले भरे है यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी पिलाना को इसके लिए निर्देशित किया गया है।
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भवन नवीन, फर्नीचर टूटा-फूटा ः बसौद गांव के प्राथमिक विद्यालय के सभी भवन नए है, लेकिन दरवाजे और फर्नीचर पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। इधर-उधर टूटाफूटा सामान पड़ा हुआ है। कक्षाओं को स्टोर बना दिया गया है। रसोई घर का बुराहाल है, जहां चूल्हे पर खाना बनवाया जाता है।
विद्यालय में अच्छी शिक्षा, फोटो हैं गलत ःप्रधान के पति चौधरी यामीन ने कहा कि जो फोटो वायरल हो रहे वो गलत है। शिक्षकों द्वारा बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जा रही है, जिससे गांव के लोग संतुष्ट है। जो ये हरकत कर रहा है वो पूरी तरह गलत है। गांव और विद्यालय को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
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बेसिक स्कूलों की पढ़ाई व्यवस्था चौपट हो गई है। सरकार के तमाम आदेश ताक पर रख दिए गए। बसौद गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में बच्चों से मजदूरी कराई जाने के फोटो व्हाट्सएप के जरिए वायरल हो गए। छात्राओं से गंदगी साफ कराई गई। यही नहीं विद्यालय के कमरे में उपले भी भरे हुए है, जिन्हें छात्रों सेस्त्रत्त् भरवाया गया है।
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बीएसए योगराज सिंह ने कहा कि मामला गंभीर है। बच्चों से मजदूरी कराई गई है और स्कूल के कक्षों में उपले भरे है यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी पिलाना को इसके लिए निर्देशित किया गया है।
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भवन नवीन, फर्नीचर टूटा-फूटा ः बसौद गांव के प्राथमिक विद्यालय के सभी भवन नए है, लेकिन दरवाजे और फर्नीचर पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। इधर-उधर टूटाफूटा सामान पड़ा हुआ है। कक्षाओं को स्टोर बना दिया गया है। रसोई घर का बुराहाल है, जहां चूल्हे पर खाना बनवाया जाता है।
विद्यालय में अच्छी शिक्षा, फोटो हैं गलत ःप्रधान के पति चौधरी यामीन ने कहा कि जो फोटो वायरल हो रहे वो गलत है। शिक्षकों द्वारा बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जा रही है, जिससे गांव के लोग संतुष्ट है। जो ये हरकत कर रहा है वो पूरी तरह गलत है। गांव और विद्यालय को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।