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UP: 100 साल पुराने शिव मंदिर में कुएं पर कब्जा, पूजन करने कहां जाएं लोग... पीएमओ ने दिए जांच के आदेश
Sun, 05 Jan 2025 04:01 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 05 Jan 2025 04:01 PM IST
सार
काठा के ग्रामीणों का कहना है कि जब भी कब्जा हटाने के लिए कहा जाता है तो मारपीट और अभद्रता की जाती है। अब पीएमओ ने इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है।
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सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
काठा गांव में शिव मंदिर का 100 साल पुराना कुआं दबाकर वहां कब्जा कर लिया गया। इसके साथ ही गांव के सैकड़ों साल पुराने तालाब पर भी कब्जे का आरोप है। इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय व गृह मंत्रालय तक हुई। अब पीएमओ व गृह मंत्रालय से मामले में जांच का आदेश दिया गया है। साथ ही इसकी रिपोर्ट मांगी गई है।
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काठा के गजेंद्र सिंह, सुधीर कुमार, रंजीत, विनीत, सुभाष, ओमपाल सिंह, देशपाल, सतबीर, राममेहर, प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के कार्यालय में भेजी शिकायत में बताया कि गांव में सैकड़ों साल पुराना श्री कालेश्वर शिव मंदिर है। मंदिर के पास ही कुआं बना हुआ है। कुएं को कुछ लोगों ने पहले बंद कर दिया और उसके बाद कब्जा कर लिया। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कब्जा मुक्त नहीं किया जा रहा है। कुएं पर कब्जा होने के कारण श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है। उस कुएं में पानी भी रहता था, मगर उसको बंद कर दिया गया तो वहां पूजन कार्य नहीं हो रहा है। यदि कोई कब्जे का विरोध करता है तो मारपीट व अभद्रता की जाती है।इस तरह ही तालाब पर भी कब्जा किया गया है। उन्होंने कुआं व तालाब को कब्जा मुक्त कराए जाने की मांग की।
वहीं पीएमओ व गृह मंत्रालय से मामले में शासन को पत्र भेजकर जमीन की पैमाइश कराकर कुआं व तालाब को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं। इस पत्र की प्रति जिला प्रशासन को प्राप्त हो गई है।
वहीं पीएमओ व गृह मंत्रालय से मामले में शासन को पत्र भेजकर जमीन की पैमाइश कराकर कुआं व तालाब को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं। इस पत्र की प्रति जिला प्रशासन को प्राप्त हो गई है।