UP: रातोंरात करोड़पति बने थे सॉल्वर गैंग के कई सदस्य, वसूली गई करोड़ों की धनराशि, पुलिस ने फेल किया नया प्लान
कंप्यूटर ऑपरेटर की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में पकड़े सॉल्वर गैंग से पूछताछ में नए खुलासे हुए हैं। इन्होंने बताया कि कैसे इनका गैंग पश्चिमी यूपी के कई जिलों में सक्रिय रहा है। पूर्व में इनके गैंग के सदस्यों से करोड़ों की धनराशि वसूली जा चुकी है।
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उल्लेखनीय है कि एसटीएफ की मेरठ टीम व कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बड़ौत की आवास विकास काॅलोनी में स्थित एक मकान में उप्र पुलिस में कंप्यूटर ऑपरेटर की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में सेंधमारी कर रहे सॉल्वर गैंग के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। जिनसे पुलिस ने तीन लैपटॉप, एक कंप्यटूर, एक डेस्क टॉप कम्पयूटर, आठ मोबाइल फोन, छह स्क्रीन शॉट, आठ एडमिट कार्ड बरामद भी बरामद किए थे। सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
पुलिस पूछताछ मेें सॉल्वर गैंग के कुछ सदस्यों ने बयान देकर वसूली गई धनराशि को आपस में बांटने की पुष्टि भी की है। जिसके बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है और ऐसे युवाओं से संपर्क साधने की कोशिश रह रहा है, जो सॉल्वर गैंग के सदस्यों को धनराशि दे चुका है, हालांकि पकड़े जाने के डर से अभी ठगी का शिकार हुए युवा सामने नहीं आ रहे है। पुलिस अपने स्तर पर ही जांच करने में जुटी हुई है।
सभी सॉल्वर गैंग के सदस्यों की थी अलग-अलग जिम्मेदारी
पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि पकड़े गए सॉल्वर गैंग के सदस्यों में से प्रत्येक की अलग-अलग जिम्मेदारी थी। जहां रजनीश पुत्र अर्जुन प्रसाद महतो बेगूसराय बिहार और अश्वनी पुत्र नरेश कूकड़ा जनपद मुजफ्फरनगर सीआरपीएफ के जवान बिजेन्द्र चौहान निवासी गढ़ी श्याम जनपद शामली को जिम्मेदारी दी गईं।
दुहाई गाजियाबाद में स्थित विधान पब्लिक स्कूल में रखे 250 कंप्यूटर सिस्टम को चालू रखने के लिए प्रतिदिन 1000 रुपये वसूलते थे, जबकि इंजीनियर राम चौहान एक अभ्यर्थी को स्क्रीन शेयर करने के बदले 50 हजार रुपये लेता था। बड़ौत निवासी दानवीर को अभ्यार्थियों से संपर्क साधने व उनसे रुपये वसूलने, तो ग्राम सचिव कर्मवीर निवासी बिहारीपुर पेपर सॉल्वर करने में मदद करता था।
पुलिस की जांच अभी चल रही है। एसटीएफ मेरठ की टीम की पूछताछ में सॉल्वर गैंग के कुछ सदस्यों ने वसूली गई धनराशि को आपस में बांटने की पुष्टि अपने बयान में की है। बाकी फरार सदस्यों को पकड़ने के लिए भी पुलिस टीम लगी हुई है। जल्द ही पुलिस को सफलता मिलेगी। - सविरत्न गौतम सीओ बड़ौत।