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कंचनजंघा पर लहराएंगे तिरंगा
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 28 Feb 2016 01:12 AM IST
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बड़ौत नगर के आवास विकास कॉलोनी निवासी भाजपा नेता संजीव चौधरी और उनकी पत्नी मनीषा चौधरी ने विश्व की तीसरी सबसे ऊंचे पर्वत कंचनजंघा पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराने की ठानी है। खास बात यह है कि इस साहसिक कदम में उनके तीन बच्चे भी शामिल रहेंगे। एक से दस मार्च तक यह अभियान चलेगा।
संजीव चौधरी भाजपा में बुद्घिजीवी प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य है, जबकि उनकी पत्नी मनीषा चौधरी चाइल्ड डेवलेपमेेंट एक्सपर्ट है। दोनों करीब एक साल से पर्वतारोहण की तैयारी कर रहे है। उद्देश्य है कि 8586 मीटर ऊंचे कंचनजंघा पर्वत पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना और राष्ट्रगान गाकर विश्व कीर्तिमान बनाना, वो भी परिवार के साथ। इस अभियान में उनके तीन बच्चे सूर्यस्संज्ञिनी (7), वास्संज्ञान (11), मनस्संज्ञिनी (10) भी शामिल है।
इस ट्रेकिंग अभियान शून्य से 10 डिग्री नीचे तापमान और बर्फीले ग्लेशियर के बीच का रास्ता तय करके पूरा किया जाता है। आक्सीजन की कमी, बर्फीले वातावरण और मुश्किल चढ़ाई इस अभियान में बाधक होती है। अधिकारिक रिकार्ड्स के मुताबिक आज तक 21 वर्ष से कम आयु के किसी व्यक्ति ने इस बेस कैंप पर कदम नहीं रखा है।
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तीनों बच्चों ने अपने माता-पिता से योग, आयुर्वेद एवं प्राणायाम की कठिन ट्रेनिंग भी ली है। एक मार्च से 10 मार्च 2016 तक यह अभियान चलेगा। शनिवार को पांचों इस अभियान के लिए रवाना हुए।
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संजीव चौधरी भाजपा में बुद्घिजीवी प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य है, जबकि उनकी पत्नी मनीषा चौधरी चाइल्ड डेवलेपमेेंट एक्सपर्ट है। दोनों करीब एक साल से पर्वतारोहण की तैयारी कर रहे है। उद्देश्य है कि 8586 मीटर ऊंचे कंचनजंघा पर्वत पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना और राष्ट्रगान गाकर विश्व कीर्तिमान बनाना, वो भी परिवार के साथ। इस अभियान में उनके तीन बच्चे सूर्यस्संज्ञिनी (7), वास्संज्ञान (11), मनस्संज्ञिनी (10) भी शामिल है।
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इस ट्रेकिंग अभियान शून्य से 10 डिग्री नीचे तापमान और बर्फीले ग्लेशियर के बीच का रास्ता तय करके पूरा किया जाता है। आक्सीजन की कमी, बर्फीले वातावरण और मुश्किल चढ़ाई इस अभियान में बाधक होती है। अधिकारिक रिकार्ड्स के मुताबिक आज तक 21 वर्ष से कम आयु के किसी व्यक्ति ने इस बेस कैंप पर कदम नहीं रखा है।
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तीनों बच्चों ने अपने माता-पिता से योग, आयुर्वेद एवं प्राणायाम की कठिन ट्रेनिंग भी ली है। एक मार्च से 10 मार्च 2016 तक यह अभियान चलेगा। शनिवार को पांचों इस अभियान के लिए रवाना हुए।