{"_id":"625af28e876a0d68462a1abd","slug":"two-toll-workers-arrested-for-digging-canal-tracks-baghpat-news-mrt584700552","type":"story","status":"publish","title_hn":"रमजान में कुरान-ए-पाक की तिलावत करना बडा सबाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रमजान में कुरान-ए-पाक की तिलावत करना बडा सबाब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
अग्रवाल मंडी टटीरी। कस्बे की देशवाल पट्टी की मस्जिद में मौलाना हाजी जहीर अहमद ने फज्र की नमाज के बाद तकरीर करते हुए कहा कि रोजे हर मुसलमान पर फर्ज है।
उन्होंने कहा कि रमजान मुबारक की रातों में से एक रात शबे कद्र है। यह बहुत ही बरकत और खैर की रात है। कलाम ए पाक में उसको हजार माह से अफजल बताया है। खुश नसीब है वह शख्स जिसे इस रात की इबादत नसीब हो जाए। जो रात को इबादत में गुजार दें उसने 83 बरस 4 माह से ज्यादा जमाने की इबादत में गुजार दिया और अल्लाह ताला का यह बहुत बड़ा इनाम है। सभी को रमजान मुबारक माह की कदर करनी चाहिए। रमजान मुबारक के रोजे रखकर अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा करनी चाहिए। अल्लाह बड़े नरम दिल वाले हैं जरा-जरा सी बातों पर बख्श देते हैं। रमजान मुबारक माह में कुराने पाक की तिलावत करना बहुत बड़ा सबाब है। सभी को कुराने पाक की तिलावत करनी चाहिए। इसी तरह कुराने पाक का सुनना भी बहुत बड़ा सबाब है। कुराने पाक को सुनते समय इंसान को इधर-उधर ध्यान नहीं रखना चाहिए। केवल कुराने पाक सुनने की पर ध्यान रखें। कुराने पाक के बताए रास्ते पर चलकर अल्लाह से अपनी मगफिरत कराने की दुआ करनी चाहिए।
विज्ञापन
अग्रवाल मंडी टटीरी। कस्बे की देशवाल पट्टी की मस्जिद में मौलाना हाजी जहीर अहमद ने फज्र की नमाज के बाद तकरीर करते हुए कहा कि रोजे हर मुसलमान पर फर्ज है।
उन्होंने कहा कि रमजान मुबारक की रातों में से एक रात शबे कद्र है। यह बहुत ही बरकत और खैर की रात है। कलाम ए पाक में उसको हजार माह से अफजल बताया है। खुश नसीब है वह शख्स जिसे इस रात की इबादत नसीब हो जाए। जो रात को इबादत में गुजार दें उसने 83 बरस 4 माह से ज्यादा जमाने की इबादत में गुजार दिया और अल्लाह ताला का यह बहुत बड़ा इनाम है। सभी को रमजान मुबारक माह की कदर करनी चाहिए। रमजान मुबारक के रोजे रखकर अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा करनी चाहिए। अल्लाह बड़े नरम दिल वाले हैं जरा-जरा सी बातों पर बख्श देते हैं। रमजान मुबारक माह में कुराने पाक की तिलावत करना बहुत बड़ा सबाब है। सभी को कुराने पाक की तिलावत करनी चाहिए। इसी तरह कुराने पाक का सुनना भी बहुत बड़ा सबाब है। कुराने पाक को सुनते समय इंसान को इधर-उधर ध्यान नहीं रखना चाहिए। केवल कुराने पाक सुनने की पर ध्यान रखें। कुराने पाक के बताए रास्ते पर चलकर अल्लाह से अपनी मगफिरत कराने की दुआ करनी चाहिए।
विज्ञापन