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एक महीने में सूख गए दो लाख पौधे, कागजों में खूब हरियाली
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बालैनी के वाल्मीकि मंदिर में सूखा पड़ा पौधा
- फोटो : BAGHPAT
बागपत। वन महोत्सव में लगाए गए करीब दो लाख पौधे भले ही सूख गए हो, लेकिन कागजों में एक भी पौधा नहीं सूखा है और खूब हरियाली दिखाई जा रही है। उन जगहों पर पौधे हरे-भरे बताकर जियो टैगिंग तक कर दी गई। इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी विभागों ने वन महोत्सव के नाम पर किस तरह से खानापूर्ति की गई।
बागपत में वन महोत्सव पांच जुलाई को मनाया था और बालैनी के वाल्मीकि मंदिर से इसकी शुरूआत की गई थी। जहां अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी व नोडल अधिकारी डॉ. सेंथिल पांडियन सी ने सबसे पहले पौधा लगाया था। इसके साथ ही सभी सरकारी विभागों को पौधे लगाने का लक्ष्य दिया था। सभी विभागों ने अपना लक्ष्य पूरा करने का दावा किया था।
वन विभाग ने जिले में करीब 11 लाख पौधे लगाने का दावा किया था, लेकिन एक महीना पूरा होने पर जब इनकी पड़ताल की गई तो अधिकतर जगह पौधे सूख गए तो काफी जगह से सूखकर उखड़ भी गए। इस तरह करीब दो लाख पौधे यहां सूख गए हैं। वहीं उन जगहों की जियो टैगिंग हो रही है, जहां पौधे लगाए गए थे। जहां पौधे भी बताए जा रहे हैं और वह हरे-भरे भी दिखाए गए हैं। इस तरह से पौधे सूखने के बावजूद कागजों में पूरी हरियाली बनी हुई है।
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इन जगहों पर स्थिति खराब
औद्योगिक क्षेत्र, पुलिस लाइन रोड, वाल्मीकि मंदिर, मेरठ रोड का डिवाइडर, पुलिस लाइन, अस्पताल के पार्क, मेरठ-बड़ौत मार्ग किनारे, सीएचसी बागपत समेत अन्य जगह लगाए गए पौधों की स्थिति खराब है। इनमें कई जगह पौधे ही गायब हो गए।
जियो टैग भी अचानक बढ़ गए
वन विभाग के रिकार्ड के अनुसार 20 जुलाई तक केवल दो लाख पौधों की जियो टैगिंग हो सकी थी। इनमें उद्यान, कृषि, पंचायतीराज समेत अन्य कई विभाग ऐसे थे, जिनकी जियो टैगिंग दो प्रतिशत तक हुई थी, लेकिन इसमें अचानक से उछाल आया और यहां की जियो टैगिंग 90 प्रतिशत पूरी होने की बात कही जा रही है।
ट्री गार्ड में पौधे फेंकते हुए वीडियो वायरल
पौधे किस तरह से लगाए गए हैं, इसका इसी बात से पता चलता है कि वन विभाग कर्मियों की एक वीडियो वायरल हो रही है। उस वीडियो में दिख रहा है कि वन विभाग के कर्मी ट्री गार्ड में पौधे फेंक रहे हैं। वह ट्री गार्ड भी सीमेंट के बने हुए हैं, जिनमें खोदाई नहीं की जा सकती है।
पौधे लगाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। किसी जगह पौधे सूख गए हैं तो उनको दिखवाया जाएगा। जियो टैगिंग 90 प्रतिशत हो चुकी है और अधिकतर विभागों ने जिया टैग कर दिया है। - हेमंत कुमार सेठ, जिला वन अधिकारी
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बागपत में वन महोत्सव पांच जुलाई को मनाया था और बालैनी के वाल्मीकि मंदिर से इसकी शुरूआत की गई थी। जहां अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी व नोडल अधिकारी डॉ. सेंथिल पांडियन सी ने सबसे पहले पौधा लगाया था। इसके साथ ही सभी सरकारी विभागों को पौधे लगाने का लक्ष्य दिया था। सभी विभागों ने अपना लक्ष्य पूरा करने का दावा किया था।
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वन विभाग ने जिले में करीब 11 लाख पौधे लगाने का दावा किया था, लेकिन एक महीना पूरा होने पर जब इनकी पड़ताल की गई तो अधिकतर जगह पौधे सूख गए तो काफी जगह से सूखकर उखड़ भी गए। इस तरह करीब दो लाख पौधे यहां सूख गए हैं। वहीं उन जगहों की जियो टैगिंग हो रही है, जहां पौधे लगाए गए थे। जहां पौधे भी बताए जा रहे हैं और वह हरे-भरे भी दिखाए गए हैं। इस तरह से पौधे सूखने के बावजूद कागजों में पूरी हरियाली बनी हुई है।
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इन जगहों पर स्थिति खराब
औद्योगिक क्षेत्र, पुलिस लाइन रोड, वाल्मीकि मंदिर, मेरठ रोड का डिवाइडर, पुलिस लाइन, अस्पताल के पार्क, मेरठ-बड़ौत मार्ग किनारे, सीएचसी बागपत समेत अन्य जगह लगाए गए पौधों की स्थिति खराब है। इनमें कई जगह पौधे ही गायब हो गए।
जियो टैग भी अचानक बढ़ गए
वन विभाग के रिकार्ड के अनुसार 20 जुलाई तक केवल दो लाख पौधों की जियो टैगिंग हो सकी थी। इनमें उद्यान, कृषि, पंचायतीराज समेत अन्य कई विभाग ऐसे थे, जिनकी जियो टैगिंग दो प्रतिशत तक हुई थी, लेकिन इसमें अचानक से उछाल आया और यहां की जियो टैगिंग 90 प्रतिशत पूरी होने की बात कही जा रही है।
ट्री गार्ड में पौधे फेंकते हुए वीडियो वायरल
पौधे किस तरह से लगाए गए हैं, इसका इसी बात से पता चलता है कि वन विभाग कर्मियों की एक वीडियो वायरल हो रही है। उस वीडियो में दिख रहा है कि वन विभाग के कर्मी ट्री गार्ड में पौधे फेंक रहे हैं। वह ट्री गार्ड भी सीमेंट के बने हुए हैं, जिनमें खोदाई नहीं की जा सकती है।
पौधे लगाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। किसी जगह पौधे सूख गए हैं तो उनको दिखवाया जाएगा। जियो टैगिंग 90 प्रतिशत हो चुकी है और अधिकतर विभागों ने जिया टैग कर दिया है। - हेमंत कुमार सेठ, जिला वन अधिकारी

बालैनी के वाल्मीकि मंदिर में सूखा पड़ा पौधा- फोटो : BAGHPAT

बालैनी के वाल्मीकि मंदिर में सूखा पड़ा पौधा- फोटो : BAGHPAT