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सपा नेता की पत्नी समेत दो की डेंगू से मौत, 40 से ज्यादा डेंगू व वायरल से पीड़ित
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बुखार से मृतक सत्येद्र राठी का फाइल फोटो
- फोटो : BAGHPAT
बागपत/चांदीनगर/दोघट। डेंगू व वायरल कहर बरपा रहे हैं। यहां डेंगू से दौझा निवासी समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष की पत्नी व टीकरी में ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं, मंसूरपुर गांव में डेंगू के छह मरीज मिले हैं। उधर, दौझा व मंसूरपुर में करीब 35 ग्रामीण वायरल से पीड़ित हैं। अस्पताल में भी मरीजों की तादाद बढ़ रही है।
दौझा गांव निवासी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष वसीम खोखर की पत्नी रेहाना बेगम की दो दिन पहले तबीयत खराब हुई थी। उन्हें बड़ौत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से हालत खराब होने पर मेरठ के लिए रेफर कर दिया। वहां मंगलवार रात उपचार के दौरान रेहाना बेगम की मौत हो गई। वसीम खोखर ने बताया कि गांव में बुखार का प्रकोप है। वहां सुरेश त्यागी, राहुल, कांता, सुनीता, वकीला, तेजू, भावना, कनक, सुमैया, गुरफरान, राजो समेत करीब 20 लोग बीमार हैं। उनका उपचार कराया जा रहा है। वहीं, टीकरी निवासी सतेंद्र राठी कि बुधवार को डेंगू से मौत हो गई। वे पांच दिन से बुखार से पीड़ित थे। उनका टीकरी में ही निजी चिकित्सक से उपचार कराया जा रहा था। हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उन्हें शामली के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। चौगामा क्षेत्र के गांवों में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है।
मंसूरपुर में डेंगू के छह मरीज, करीब 15 बुखार से पीड़ित
मंसूरपुर निवासी दीपा पुत्री करन, रवि पुत्र करन, पदम सिंह पुत्र खड़क सिंह, अनुज पुत्र अमरेश, बलराज व सूरज को डेंगू की पुष्टि हुई है। इनका खेकड़ा व गाजियाबाद के नर्सिंग होम में उपचार कराया जा रहा है। इनके अतिरिक्त गांव के आरव, रेखा, कशिश, बॉबी, सतेंद्र, वासु समेत समेत करीब एक दर्जन से अधिक बच्चे व युवक वायरल से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कैंप लगाकर जांच तथा फॉगिंग कराने की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव के तालाब ओरवेरफ्लो होने जलभराव की समस्या है। ग्रामीण निकासी व तालाब की सफाई की कई बार मांग कर चुके हैं परंतु सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीण ओमवीर सिंह का कहना है कि गांव में पंद्रह दिन से करीब 70 फीसदी लोग बुखार से पीड़ित हैं। चिकित्सा सुविधा न होने से निजी चिकित्सकों से उपचार कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है। ग्रामीणों करन, सतेंद्र, बॉबी, ओमवीर सिंह, अनुज, पदम सिंह, संजय ने गांव में निकासी की व्यवस्था व कैंप लगाकर जांच कराने की मांग की है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर का कहना है कि गांव में कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई जाएगी।
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दौझा गांव निवासी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष वसीम खोखर की पत्नी रेहाना बेगम की दो दिन पहले तबीयत खराब हुई थी। उन्हें बड़ौत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से हालत खराब होने पर मेरठ के लिए रेफर कर दिया। वहां मंगलवार रात उपचार के दौरान रेहाना बेगम की मौत हो गई। वसीम खोखर ने बताया कि गांव में बुखार का प्रकोप है। वहां सुरेश त्यागी, राहुल, कांता, सुनीता, वकीला, तेजू, भावना, कनक, सुमैया, गुरफरान, राजो समेत करीब 20 लोग बीमार हैं। उनका उपचार कराया जा रहा है। वहीं, टीकरी निवासी सतेंद्र राठी कि बुधवार को डेंगू से मौत हो गई। वे पांच दिन से बुखार से पीड़ित थे। उनका टीकरी में ही निजी चिकित्सक से उपचार कराया जा रहा था। हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उन्हें शामली के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। चौगामा क्षेत्र के गांवों में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है।
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मंसूरपुर में डेंगू के छह मरीज, करीब 15 बुखार से पीड़ित
मंसूरपुर निवासी दीपा पुत्री करन, रवि पुत्र करन, पदम सिंह पुत्र खड़क सिंह, अनुज पुत्र अमरेश, बलराज व सूरज को डेंगू की पुष्टि हुई है। इनका खेकड़ा व गाजियाबाद के नर्सिंग होम में उपचार कराया जा रहा है। इनके अतिरिक्त गांव के आरव, रेखा, कशिश, बॉबी, सतेंद्र, वासु समेत समेत करीब एक दर्जन से अधिक बच्चे व युवक वायरल से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कैंप लगाकर जांच तथा फॉगिंग कराने की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव के तालाब ओरवेरफ्लो होने जलभराव की समस्या है। ग्रामीण निकासी व तालाब की सफाई की कई बार मांग कर चुके हैं परंतु सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीण ओमवीर सिंह का कहना है कि गांव में पंद्रह दिन से करीब 70 फीसदी लोग बुखार से पीड़ित हैं। चिकित्सा सुविधा न होने से निजी चिकित्सकों से उपचार कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है। ग्रामीणों करन, सतेंद्र, बॉबी, ओमवीर सिंह, अनुज, पदम सिंह, संजय ने गांव में निकासी की व्यवस्था व कैंप लगाकर जांच कराने की मांग की है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर का कहना है कि गांव में कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई जाएगी।

रिहान बेगम का फाइल फोटो- फोटो : BAGHPAT