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बागपत: सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर एसपी को कॉल करने वाले दो गिरफ्तार

Tue, 16 Feb 2021 12:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 16 Feb 2021 12:05 AM IST
सार

  • सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर एसपी को कॉल करने वाले दो गिरफ्तार
  • कुख्यात सुनील राठी के ममेरे भाई को छुड़ाने के लिए की थी सिफारिश
  • एक आरोपी गाजियाबाद और दूसरा मुजफ्फरनगर का रहने वाला

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Two arrested  for calling SP Baghpat in the name of supreme court judge
बागपत कोतवाली में पुलिस हिसरासत में आरोपियों के बारे में जानकारी देते भसीओ मंगल सिंह रावत - फोटो : BAGHPAT

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बागपत में खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर एसपी बागपत के सीयूजी नंबर पर कॉल करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। युवकों ने पिस्टल और रायफल के साथ पकड़े गए कुख्यात सुनील राठी के ममेरे भाई रविंद्र फौजी को छुड़ाने के लिए कॉल की थी। एक आरोपी मुजफ्फरनगर और दूसरा गाजियाबाद का रहने वाला है।
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सीओ मंगल सिंह रावत ने बागपत कोतवाली में पत्रकारों को बताया कि खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर 10 फरवरी को दो युवकों ने एसपी अभिषेक सिंह के सीयूजी नंबर पर कॉल की थी। कॉल पीआरओ मनोज कुमार ने रिसीव की। कॉल करने वाले ने छपरौली पुलिस द्वारा पकड़े गए रविंद्र फौजी को छोड़ने के लिए कहा था। पीआरओ को शक हुआ तो जांच कराई गई।
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जांच के बाद पुलिस ने सोमवार को राष्ट्रवंदना चौक के निकट मेरठ रोड से गाजियाबाद के साहिबाबाद में रह रहे मुजफ्फरनगर के तावली गांव निवासी खालिद हसन और गाजियाबाद के ही दुहाई गांव निवासी समय सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की गई।
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कॉल करने के दौरान समय सिंह पीएसओ (प्रोटेक्टिव सर्विस ऑफिसर) बना था, जबकि खालिद हसन सुप्रीम कोर्ट का जज बना था। दोनों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि अपना दल के प्रदेश अध्यक्ष बताने वाले अफसर जमाल के कहने पर उन्होंने एसपी को कॉल की थी। सीओ मंगल सिंह का कहना है कि प्रकरण की विस्तार से जांच कराई जा रही है।

अपना दल का नाम भी आया सामने
सीओ मंगल सिंह का कहना है कि दोनों आरोपियों ने अपना दल के कथित प्रदेश अध्यक्ष के कहने पर कॉल की थी। उसने ही दोनों को रविंद्र फौजी के विषय में जानकारी दी और लालच भी दिया था।

छुड़वाने के नाम पर रुपये कमाने का धंधा
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पहले भी खुद को बड़ा अधिकारी बताकर सिफारिश के लिए कॉल करते रहे हैं। दो-तीन मामलों में उनकी सिफारिश पर पुलिस ने संदिग्ध छोड़ दिए थे, जिस वजह से उनका दुस्साहस बढ़ता गया। खालिद हमेशा अधिकारी बनता था और समय सिंह पीएसओ बनकर बात कराता था।

गाजियाबाद में ही हुआ संपर्क
पिस्टल और रायफल के साथ पकड़ा गया रविंद्र फौजी गाजियाबाद में ही बैंक में नौकरी करता था। जांच में सामने आया है कि यहीं पर सबका संपर्क हुआ।
 
प्रकरण की जांच कराई जा रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 420 और 170 में मुकदमा दर्ज कराया गया है। - एसपी अभिषेक सिंह

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