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Baghpat News: नलकूप के हौज में गिरकर डूबने से ढाई साल की इकलौती बेटी की मौत

Sun, 08 Feb 2026 12:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:54 AM IST
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Two-and-a-half-year-old only daughter dies after faTwo-and-a-half-year-old only daughter dies after falling into tap welllling into tap well
छपरौली(बागपत)। बाछौड़ गांव में घर के पास नलकूप पर खेलते समय राहुल की ढाई वर्ष की इकलौती बेटी मनु पैर फिसलने से हौज में गिरकर माैत हो गई। आधे घंटे तक मनु नजर नहीं आई तो परिजनों ने उसे तलाश किया। तब नलकूप की हौज में मनु का शव पड़ा मिला। परिजनों ने पुलिस को जानकारी दिए बिना उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
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बाछौड़ गांव निवासी राहुल एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं, जो शुक्रवार को ड्यूटी पर गए थे। पत्नी और इकलौती बेटी मनु घर में थे। शुक्रवार शाम को पत्नी घर में काम करने लगी। इसी बीच घर के बाहर खेल रही बेटी नलकूप पर चली गई। वहां पैर फिसलने से मनु नलकूप की हौज में गिर गई। काफी देर तक बेटी नजर नहीं आई तो उसे तलाश किया गया। नलकूप पर जाकर देखा तो मनु हौज में पड़ी मिली। बच्ची को लेकर परिवार वाले बड़ौत के निजी अस्पताल में पहुंचे, लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इकलौती बेटी की मौत होने से परिवार में शोक छा गया। ग्रामीण संजय, विकास आदि ने बताया कि राहुल के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है और उसकी बहन की शादी भी हो गई।
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-आधे घंटे तक नहीं मिली मनु
ग्रामीणों ने बताया कि बच्ची को परिवार वालों के साथ आसपास के लोग भी खिलाते रहते थे। शुक्रवार दोपहर मनु जब नजर नहीं आई तो उसे तलाशना शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे तक मनु को तलाश किया गया। बाद में नलकूप के पास जाकर हौज में देखा गया।
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वर्जन-
बाछौड़ गांव में हौज में डूबने से बच्ची की मौत के बारे में कोई लिखित सूचना पुलिस को नहीं दी गई है। अभिभावकों को छोटे बच्चों का ध्यान रखने की जरूरत है। छोटे बच्चों के खेलते समय उनके आसपास ही रहें, जिससे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। -विजय कुमार, सीओ।
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खेल-खेल में पहले भी जा चुकी है मासूमों की जान
छपरौली। जिले में खेल-खेल में पहले भी मासूमों की जान जाने के मामले समने आ चुके हैं। इनमें वर्ष 2021 में ट्योढ़ी के ईंट भट्ठे पर गड्ढे में भरे पानी में डूबने से तीन बच्चों की मौत होने के अलावा कई घटनाएं हो चुकी हैं।
केस एक-मई 2021 में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर ट्योढ़ी स्थित ईंट भट्ठे के बराबर में पथेर के लिए गड्ढे की खोदाई कर पानी जमा किया हुआ था। भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे खेलते-खेलते गड्ढे में नहाने के लिए कूद पड़े। वहां पर पानी में डूबने से अनीस (9) निवासी गौरीपुर, सावन (15), मनु (14) निवासी किरठल की मौत हो गई थी।
केस दो- फरवरी 2024 को रटौल निवासी असलम की बेटी अलीशा (2) अपने घर के आंगन में खेल रही थी, तभी पानी से भरे ड्रम में गिर गई और बाहर नहीं निकल पाई। ड्रम में डूबने से उसकी मौत हो गई।

केस तीन-जुलाई 2023 में दिल्ली-देहरादून इकॉनमिक कॉरिडोर के निर्माण कार्य के दौरान बारिश हो गई थी। इससे वाजिदपुर गांव के पास फ्लाईओवर बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे में पानी भर गया। आसपास खेलने आए चार बच्चे उसमें नहाने लगे। इस दौरान चार बच्चे लविश, उसका भाई कुणाल, चांद और निहाल पानी में डूब गए। इसमें लविश और चांद की मौत हो गई।
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