फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Transactions worth one crore rupees affected by the strike of banks

बैंकों की हड़ताल से एक करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित

Mon, 28 Mar 2022 10:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 10:54 PM IST
विज्ञापन
Transactions worth one crore rupees affected by the strike of banks
अपनी वर भिन्न मांगों को लेकर बागपत मेरठ रोड स्थित बैंक के बाहर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी - फोटो : BAGHPAT
- बैंकों के निजीकरण के विरोध में ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर हड़ताल पर रहे कर्मचारी
विज्ञापन

- खाताधारकों को उठानी पड़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत। ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर निजीकरण के विरोध में सोमवार को बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल रखी। इस कारण खाताधारकों को परेशानी उठानी पड़ी। किसी को भांजे के उपचार के लिए रुपये निकालने थे तो किसी को छात्रवृत्ति के रुपये निकालने थे, लेकिन बैंक में काम नहीं होने से परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि कुछ बैंकों में मैनेजर व अन्य अधिकारियों ने कार्य किया, लेकिन इसके बावजूद जिलेभर में करीब एक करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
बैंकों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू की। इस हड़ताल से स्टेट बैंक के कर्मचारी बाहर रहे। अन्य बैंकों में कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण मैनेजर व अधिकारियों ने कार्य किया। इसके बावजूद अन्य बैंकों में लेनदेन काफी प्रभावित हुआ। यूएफबीयू के संयोजक विक्रम सिंह आर्य व बैंक कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेश सहायक सचिव सत्यपाल सिंह ने बताया कि सरकार बैंकों में भर्तियां नहीं कर रही हैं। संविदा पर कर्मचारी रखकर उनका शोषण कर रही है। स्टाफ की कमी के कारण एनपीए खाताधारकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस कारण बैंकों का डिपॉजिट लोन अनुपात असंतुलित हो गया है। कहा कि बैंकों का निजीकरण रोककर उनको ज्यादा सशक्त बनाने की जरूरत है। इस दौरान बागपत में बिजेंद्र कुमार, धीरज शर्मा, प्रवेश, महेंद्र सिंह, सुशील, नरेंद्र सिंह, अजय कुमार, अमित शर्मा, श्रीओम व बड़ौत में सचिन कुमार, भूपेन्द्र, राजकुमार, अर्जुन सिंह, अनुज कुमार, दीपक कुमार, गणेश, नीरज कुमार, राम, देवेंद्र कुमार, धीर सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

खाताधारकों को उठानी पड़ी परेशानी, रुपये नहीं मिल सके
संतोषपुर के रहने वाले जगत सिंह ने बताया कि उनका भांजा योगेश बीमार है, जिसके उपचार के लिए रुपये निकालने केनरा बैंक में गए थे। दो दिन की हड़ताल होने की बात कही गई। नया गांव की रहने वाली बबीता ने बताया कि उसे छात्रवृत्ति के रुपये निकालने थे, लेकिन हड़ताल के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। बड़ौली गांव के किसान राजबीर फसल में खाद आदि डालने के लिए खरीदने को दस हजार रुपये निकालने बैंक पर आए थे, लेकिन निराश लौटे। बड़ौत की रहने वाली ममता ने बताया कि घर का राशन खरीदने के लिए रुपयों की जरूरत थी। बैंक में आने पर पता चला कि हड़ताल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
ये है मांग
- निजीकरण खत्म करने के साथ ही ग्रुप तीन और चार की नियुक्तियों को खोलने की मांग की गई।
- पुरानी पेंशन की बहाली की मांग।
- 25000 रुपये न्यूनतम वेतन करने।
- मेडिकल से जीएसटी हटाने।
--
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल थी, जिससे करीब एक करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। लेकिन अधिकतर बैंकों में मैनेजर व अन्य अधिकारियों ने खुद व्यवस्था संभाली थी। इस तरह ही दूसरे दिन भी कार्य किया जाएगा। - राजेश पंत, एलडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed