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Baghpat News: किसानों को कृषि की नई तकनीकों से प्रशिक्षित करें
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खेकड़ा कृषि विज्ञान केंद्र पर आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में शामिल कृषि वैज्ञानिक
- फोटो : KAHKRA
खेकड़ा। खेकड़ा कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में कृषि वैज्ञानिकों ने वर्ष 2022-23 की कार्य योजना प्रस्तुत की। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि किसानों को कृषि की नई तकनीकों से प्रशिक्षित किया जाए। इससे फसल की लागत कम हो और किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
बैठक में सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति डॉ. केके सिंह ने कहा कि कृषि वैज्ञानिक किसानों को खेती की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण देकर खेती को और अधिक लाभकारी बनाने में मददगार साबित हो।
केंद्र किसानों के लिए रोल मॉडल बने। किसानों के अनुरूप नई थीम पर कार्य करें। फसल उत्पाद का मूल्य संवर्धन किए बिना कृषकों को उचित लाभ प्राप्त नहीं हो सकता, इस पर कार्य करें। बुवाई से लेकर कटाई तक गन्ना, गेहूं, धान आदि फसलों में प्रयोग होने वाले कृषि यंत्रों की पूरी जानकारी किसानों को दें।
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विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ. पीके सिंह ने बताया कि केंद्र पर उत्तर प्रदेश बीज निगम के बीजोत्पादन कार्य को किया जाए। किसानों को मोटे अनाज की जानकारी दे। केवीके प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी ने केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किए कार्यों की प्रगति एवं वर्ष 2023 की कार्य योजना प्रस्तुत की।
केंद्र पर प्राकृतिक खेती के प्रदर्शनों को बढ़ावा देने की जानकारी दी। इस दौरान उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार, डीडीएम नाबार्ड सोमेश पुरी, चौधरी चरण सिंह पशु संस्थान के निदेशक डॉ. अजित यादव, महिला कृषक मीरा देवी, कविता यादव, विजय कुमार, पंकज कुमार मौजूद रहे।
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बैठक में सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति डॉ. केके सिंह ने कहा कि कृषि वैज्ञानिक किसानों को खेती की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण देकर खेती को और अधिक लाभकारी बनाने में मददगार साबित हो।
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केंद्र किसानों के लिए रोल मॉडल बने। किसानों के अनुरूप नई थीम पर कार्य करें। फसल उत्पाद का मूल्य संवर्धन किए बिना कृषकों को उचित लाभ प्राप्त नहीं हो सकता, इस पर कार्य करें। बुवाई से लेकर कटाई तक गन्ना, गेहूं, धान आदि फसलों में प्रयोग होने वाले कृषि यंत्रों की पूरी जानकारी किसानों को दें।
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विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ. पीके सिंह ने बताया कि केंद्र पर उत्तर प्रदेश बीज निगम के बीजोत्पादन कार्य को किया जाए। किसानों को मोटे अनाज की जानकारी दे। केवीके प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी ने केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किए कार्यों की प्रगति एवं वर्ष 2023 की कार्य योजना प्रस्तुत की।
केंद्र पर प्राकृतिक खेती के प्रदर्शनों को बढ़ावा देने की जानकारी दी। इस दौरान उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार, डीडीएम नाबार्ड सोमेश पुरी, चौधरी चरण सिंह पशु संस्थान के निदेशक डॉ. अजित यादव, महिला कृषक मीरा देवी, कविता यादव, विजय कुमार, पंकज कुमार मौजूद रहे।