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नेताओं के 125 सोशल मीडिया एकाउंट पर पुलिस की नजर
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पुलिस ने नजर रखने के लिए सोशल मीडिया सेल बनाया, अभी तक चार मुकदमे हो चुके हैं दर्ज
सोशल मीडिया पर वीडियो व फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच कराने के बाद मुकदमा दर्ज कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण विधानसभा चुनाव में रैलियों व बड़ी सभाओं पर रोक लगी हुई है। इसलिए सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से प्रचार चल रहा है। ऐसे में नेताओं के करीब 125 सोशल मीडिया अकाउंट पर पुलिस की नजर है। जिससे कोई भडक़ाऊ व आपत्तिजनक पोस्ट नहीं डाली जाए और ऐसा करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके लिए पुलिस ने सोशल मीडिया सेल बनाकर उसे जिम्मेदारी सौंपी है।
चुनाव के दौरान एक-दूसरे पर नेता व उनके समर्थक सोशल मीडिया पर टिप्पणी कर आपत्तिजनक पोस्ट डाल देते हैं। जिससे कई बार बवाल हो जाता है। इसके अतिरिक्त चुनाव प्रचार के लिए भड़क़ाऊ पोस्ट भी डाल दी जाती हैं। इस कारण पुलिस ने सोशल मीडिया सेल बनाया है। वह नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर रखे हुए हैं। इसके लिए नेताओं के करीब 125 अकाउंट चिह्नित किए हैं। जिनमें सभी प्रत्याशी व पार्टियों के बड़े नेता भी शामिल हैं। ट्वीटर व फेसबुक अकाउंट देखे जा रहे हैं।
सोशल मीडिया के सहारे दर्ज हुए चार मुकदमे
पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन के अभी तक चार मुकदमे सोशल मीडिया के सहारे ही दर्ज किए हैं। इनमें भाजपा, रालोद व अन्य की आचार संहिता उल्लंघन की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिनकी जांच कराई गई तो वे सही मिलने पर आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे दर्ज किए गए।
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ये दी गई हिदायत
- ऐसी कोई पोस्ट नहीं हो, जिससे किसी धर्म व जाति के अतिरिक्त राजनीतिक दलों की भावनाएं आहत हों।
- किसी प्रत्याशी के व्यक्तिगत जीवन पर टिप्पणी नहीं की जाए।
- जातीय या धार्मिक भावनाओं को भडक़ाने वाली पोस्ट नहीं डाली जाए।
- वोट के बदले किसी को प्रलोभन देने की पोस्ट नहीं डाली जाए।
चुनाव को देखते हुए सोशल मीडिया सेल को प्रत्याशियों व नेताओं के अकाउंट पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोशल मीडिया के सहारे ही आचार संहिता उल्लंघन के कई मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इसलिए कोई भी सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी तरह की आपत्तिजनक पोस्ट न करें।-नीरज कुमार जादौन, एसपी
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सोशल मीडिया पर वीडियो व फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच कराने के बाद मुकदमा दर्ज कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण विधानसभा चुनाव में रैलियों व बड़ी सभाओं पर रोक लगी हुई है। इसलिए सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से प्रचार चल रहा है। ऐसे में नेताओं के करीब 125 सोशल मीडिया अकाउंट पर पुलिस की नजर है। जिससे कोई भडक़ाऊ व आपत्तिजनक पोस्ट नहीं डाली जाए और ऐसा करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके लिए पुलिस ने सोशल मीडिया सेल बनाकर उसे जिम्मेदारी सौंपी है।
चुनाव के दौरान एक-दूसरे पर नेता व उनके समर्थक सोशल मीडिया पर टिप्पणी कर आपत्तिजनक पोस्ट डाल देते हैं। जिससे कई बार बवाल हो जाता है। इसके अतिरिक्त चुनाव प्रचार के लिए भड़क़ाऊ पोस्ट भी डाल दी जाती हैं। इस कारण पुलिस ने सोशल मीडिया सेल बनाया है। वह नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर रखे हुए हैं। इसके लिए नेताओं के करीब 125 अकाउंट चिह्नित किए हैं। जिनमें सभी प्रत्याशी व पार्टियों के बड़े नेता भी शामिल हैं। ट्वीटर व फेसबुक अकाउंट देखे जा रहे हैं।
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सोशल मीडिया के सहारे दर्ज हुए चार मुकदमे
पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन के अभी तक चार मुकदमे सोशल मीडिया के सहारे ही दर्ज किए हैं। इनमें भाजपा, रालोद व अन्य की आचार संहिता उल्लंघन की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिनकी जांच कराई गई तो वे सही मिलने पर आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे दर्ज किए गए।
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ये दी गई हिदायत
- ऐसी कोई पोस्ट नहीं हो, जिससे किसी धर्म व जाति के अतिरिक्त राजनीतिक दलों की भावनाएं आहत हों।
- किसी प्रत्याशी के व्यक्तिगत जीवन पर टिप्पणी नहीं की जाए।
- जातीय या धार्मिक भावनाओं को भडक़ाने वाली पोस्ट नहीं डाली जाए।
- वोट के बदले किसी को प्रलोभन देने की पोस्ट नहीं डाली जाए।
चुनाव को देखते हुए सोशल मीडिया सेल को प्रत्याशियों व नेताओं के अकाउंट पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोशल मीडिया के सहारे ही आचार संहिता उल्लंघन के कई मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इसलिए कोई भी सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी तरह की आपत्तिजनक पोस्ट न करें।-नीरज कुमार जादौन, एसपी