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लाखों मोबाइल से झटके में छू मंतर हुए चीनी एप
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लाखों मोबाइल से झटके में छू मंतर हुए चीन के एप
बागपत। टिकटॉक समेत 59 चीन के एप पर प्रतिबंध का असर मोबाइल धारकों और बाजार में दिखा। लोगों ने अपने मोबाइल से चीन के एप हटा दिए हैं। चीन में बनें मोबाइल का बाजार भी धड़ाम हो गया। मांग घटने से मोबाइल की कीमत भी तीन-तीन हजार रुपये कम कर दी गई है, लेकिन ग्राहक चीन में बनें मोबाइल खरीदने के लिए तैयार नहीं है। सरकार के एलान के बाद जिले में बड़ी संख्या में एंड्रायड मोबाइल धारकों ने चीन एप मोबाइल से हटा दिए। यही नहीं एक-दूसरे को इसके लिए प्रेरित भी किया। सोशल मीडिया के जरिये भी लोगों को जानकारी दी गई कि चीन के एप अब प्रतिबंधित हो गए हैं।
क्या कहते हैं दुकानदार
मोबाइल विक्रेता अभिषेक जैन ने बताया कि बाजार में चीन के मोबाइल की मांग कम हो गई है। सरकार के टिकटॉक समेत 59 चीनी एप पर रोक लगाने के बाद ग्राहकों का रुझान चीन के मोबाइल की ओर कम हो गया है। दो से तीन हजार रुपये मोबाइल के दाम गिर गए हैं, इसके बावजूद ग्राहक तैयार नहीं है।
दुकानदार पीयूष जैन का कहना है कि चीन निर्मित मोबाइल की बाजार में मांग घट गई है। अधिकांश ग्राहक चीन निर्मित मोबाइल को खरीदने के लिए तैयार नहीं है। दाम घटे हैं, लेकिन बाजार में चीन के मोबाइल की कीमत नहीं है।
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क्या कहते हैं मोबाइल धारक
अनिरुद्ध शर्मा ने कहा प्रतिबंध के साथ ही उन्होंने चीन के एप हटा दिए हैं। परिवार के लोगों को भी सलाह दी गई है।
निशांत कौशिक ने बताया उनके फ्रेंड सर्किल में सबने चीन के एप हटा दिए हैं। देश के साथ हैं। अब टिकटॉक नहीं चलाएंगे।
रजत कुमार ने बताया कि चीन के एप आज डिलीट कर दिए। देश की सेना के लिए वह लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
बॉबी कुमार ने कहा वह सरकार के फैसले का समर्थन करते हैं। चीनी के एप अब नहीं चलाएंगे। सरकार का कदम सही है।
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बागपत। टिकटॉक समेत 59 चीन के एप पर प्रतिबंध का असर मोबाइल धारकों और बाजार में दिखा। लोगों ने अपने मोबाइल से चीन के एप हटा दिए हैं। चीन में बनें मोबाइल का बाजार भी धड़ाम हो गया। मांग घटने से मोबाइल की कीमत भी तीन-तीन हजार रुपये कम कर दी गई है, लेकिन ग्राहक चीन में बनें मोबाइल खरीदने के लिए तैयार नहीं है। सरकार के एलान के बाद जिले में बड़ी संख्या में एंड्रायड मोबाइल धारकों ने चीन एप मोबाइल से हटा दिए। यही नहीं एक-दूसरे को इसके लिए प्रेरित भी किया। सोशल मीडिया के जरिये भी लोगों को जानकारी दी गई कि चीन के एप अब प्रतिबंधित हो गए हैं।
क्या कहते हैं दुकानदार
मोबाइल विक्रेता अभिषेक जैन ने बताया कि बाजार में चीन के मोबाइल की मांग कम हो गई है। सरकार के टिकटॉक समेत 59 चीनी एप पर रोक लगाने के बाद ग्राहकों का रुझान चीन के मोबाइल की ओर कम हो गया है। दो से तीन हजार रुपये मोबाइल के दाम गिर गए हैं, इसके बावजूद ग्राहक तैयार नहीं है।
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दुकानदार पीयूष जैन का कहना है कि चीन निर्मित मोबाइल की बाजार में मांग घट गई है। अधिकांश ग्राहक चीन निर्मित मोबाइल को खरीदने के लिए तैयार नहीं है। दाम घटे हैं, लेकिन बाजार में चीन के मोबाइल की कीमत नहीं है।
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क्या कहते हैं मोबाइल धारक
अनिरुद्ध शर्मा ने कहा प्रतिबंध के साथ ही उन्होंने चीन के एप हटा दिए हैं। परिवार के लोगों को भी सलाह दी गई है।
निशांत कौशिक ने बताया उनके फ्रेंड सर्किल में सबने चीन के एप हटा दिए हैं। देश के साथ हैं। अब टिकटॉक नहीं चलाएंगे।
रजत कुमार ने बताया कि चीन के एप आज डिलीट कर दिए। देश की सेना के लिए वह लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
बॉबी कुमार ने कहा वह सरकार के फैसले का समर्थन करते हैं। चीनी के एप अब नहीं चलाएंगे। सरकार का कदम सही है।