{"_id":"580a5baa4f1c1b1030704d2f","slug":"tight-security-in-the-testimony-of-witness","type":"story","status":"publish","title_hn":"कड़ी सुरक्षा में गवाह अनंगपाल की गवाही ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कड़ी सुरक्षा में गवाह अनंगपाल की गवाही
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 22 Oct 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
बागपत कोर्ट में सुरक्षा के बीच गवाही देने जाता अनंगपाल।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। परीक्षित की हत्या के गवाह अनंगपाल पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पीड़ित अनंगपाल ने शुक्रवार को कोर्ट में गवाही दी। अधिवक्ता ने बताया कि उसने अपने ऊपर हुए हमले के विषय में अदालत को बताया।
वाजिदपुर निवासी अनंगपाल के अधिवक्ता सतेंद्र खोखर ने बताया कि एडीजे द्वितीय समरपाल बालियान की कोर्ट में अनंगपाल की मुख्य परीक्षा (बयान दर्ज) हुई। अधिवक्ता के मुताबिक अनंगपाल ने बताया कि वह अपनी बहन सविता और उसके जेठ के लड़के सचिन के साथ बुग्गी पर सवार होकर 30 अक्टूबर 2014 को खेत से घर लौट रहा था। रास्ते में नहर के पास गांगनौली गांव का रवि अपने भाई प्रमोद और साथियों के साथ वहां पर पहुंचा।
पहले रवि ने कहा कि इनको जान से मार दो, उसके बाद रवि ने प्रमोद व साथियों के साथ मिलकर गोली चला दी थी। इसमें भैंसें की मौत हो गई थी। सविता और सचिन ने ईख के खेत में कूदकर अपनी जान बचाई थी। वह गोली के छर्रे लगने सेे घायल हो गया था। आरोपियों ने उन पर हमला इसलिए किया था कि वह अपने भांजे परीक्षित की हत्या का मुख्य गवाह है। अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में पेश हुए आरोपी रवि ने अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट से समय मांगा। कोर्ट ने केस की सुनवाई के लिए अगली तिथि 28 अक्टूबर नियत कर दी है।
विज्ञापन
पूरे दिन कचहरी परिसर में घूमते रहे संदिग्ध युवक
बागपत। अनंगपाल की कोर्ट में गवाह के लिए कचहरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उसके बाद भी कई संदिग्ध युवक पूरे दिन कचहरी परिसर में घूमते रहे। पुलिस वालों ने उनको पकड़ना तो दूर उनको टोका तक नहीं।
विज्ञापन
वाजिदपुर निवासी अनंगपाल के अधिवक्ता सतेंद्र खोखर ने बताया कि एडीजे द्वितीय समरपाल बालियान की कोर्ट में अनंगपाल की मुख्य परीक्षा (बयान दर्ज) हुई। अधिवक्ता के मुताबिक अनंगपाल ने बताया कि वह अपनी बहन सविता और उसके जेठ के लड़के सचिन के साथ बुग्गी पर सवार होकर 30 अक्टूबर 2014 को खेत से घर लौट रहा था। रास्ते में नहर के पास गांगनौली गांव का रवि अपने भाई प्रमोद और साथियों के साथ वहां पर पहुंचा।
विज्ञापन
पहले रवि ने कहा कि इनको जान से मार दो, उसके बाद रवि ने प्रमोद व साथियों के साथ मिलकर गोली चला दी थी। इसमें भैंसें की मौत हो गई थी। सविता और सचिन ने ईख के खेत में कूदकर अपनी जान बचाई थी। वह गोली के छर्रे लगने सेे घायल हो गया था। आरोपियों ने उन पर हमला इसलिए किया था कि वह अपने भांजे परीक्षित की हत्या का मुख्य गवाह है। अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में पेश हुए आरोपी रवि ने अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट से समय मांगा। कोर्ट ने केस की सुनवाई के लिए अगली तिथि 28 अक्टूबर नियत कर दी है।
विज्ञापन
पूरे दिन कचहरी परिसर में घूमते रहे संदिग्ध युवक
बागपत। अनंगपाल की कोर्ट में गवाह के लिए कचहरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उसके बाद भी कई संदिग्ध युवक पूरे दिन कचहरी परिसर में घूमते रहे। पुलिस वालों ने उनको पकड़ना तो दूर उनको टोका तक नहीं।