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Baghpat News: अफसरों को दिया तीन प्रतिशत कमीशन
Fri, 10 May 2024 01:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Fri, 10 May 2024 01:35 AM IST
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बागपत। स्वच्छ भारत मिशन फेज टू के बजट में सचिवों ने अफसरों को तीन प्रतिशत कमीशन दिया। गावों में कराए गए कार्यों में घपला सामने आने के बाद यह खुलासा खुद एक सचिव ने बड़ौत ब्लॉक व सीडीओ को पत्र देकर किया है। अफसरों को कमीशन देकर ही कई सचिवों ने खुलकर खेल किया और कार्य कराए बिना ही बजट का पैसा लुटा दिया।
बरवाला में स्वच्छ भारत मिशन फेज टू के तहत 32 लाख 83 हजार रुपये का बजट आया था। वहां के सचिव लोकेंद्र राठी ने करीब 32 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इस तरह अचानक 32 लाख रुपये का भुगतान होने पर जांच कराई गई तो बड़ौत ब्लॉक के अभियंता गुलफाम अली ने रिपोर्ट में कहा कि सचिव ने कोई भी प्रस्ताव व जांच के बिना पैसा जारी किया है। जिसके बाद डीपीआरओ ने खुद जाकर जांच की तो वहां बड़ा खुलासा हुआ। वहां कई कार्य पूरे भी नहीं और उनका पूरा पैसा निकाल लिया गया। इस तरह अन्य गांवों की जांच कराई जा रही है। जिसके बाद सचिवों पर शिकंजा कसा जा रहा है। इस बीच ही सचिव लोकेंद्र राठी के एक पत्र ने हड़कंप मचा दिया है। उसने बड़ौत ब्लॉक व सीडीओ के पास एक पत्र दिया। जिसमें उसने लिखा है कि स्वच्छ भारत मिशन फेज टू के तहत आए बजट में तीन प्रतिशत पंचायतीराज के अफसरों ने लिया है और उसे कहा गया कि तुम्हारा इसमें कोई मतलब नहीं है। इसमें अफसरों व ग्राम प्रधानों का मतलब है। हालांकि तीन प्रतिशत कमीशन देने की बात में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद ही साफ होगा।
66 गांवों में 30 करोड़ का बजट आया, सांसद तक ने लगाए आरोप
स्वच्छ भारत मिशन फेज-टू के तहत गांवों को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए वर्ष 2023 में 66 गांवों के लिए 30 करोड़ से ज्यादा रुपये जारी किए गए थे। जिससे गांवों में खाद के गड्ढे, आरसीसी सेंटर, शॉकपिट, पानी निकासी की नाली, नाले, कूड़ा एकत्र करने को ई-रिक्शा खरीदने समेत अन्य कार्य कराए जाने थे। स्वच्छ भारत मिशन फेज-टू के तहत जुलाई 2023 तक करीब 70 प्रतिशत बजट खर्च कर दिया गया था। उसमें आरोप लगने लगे कि गांवों में काफी कार्य कराए बिना ही पैसा निकाल लिया गया तो कम पैसा खर्च करके ज्यादा दिखाया जा रहा है। इसमें खुद सांसद डाॅ. सत्यपाल सिंह ने घोटाले का आरोप लगाया था। जिसके बाद 66 गांवों में जांच शुरू कराई गई, मगर वह जांच अभी तक दबी पड़ी है। अब सचिव ने जिस तरह से पत्र में अफसरों को तीन प्रतिशत कमीशन देने की बात कही है तो उससे सांसद के आरोपों को बल मिल रहा है।
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स्वच्छ भारत मिशन फेज टू में तीन प्रतिशत कमीशन देने का पत्र सचिव ने दिया है। यह मेरी जानकारी में जरूर है। मगर उसने पत्र मुझे नहीं दिया है। यह पता चला था कि उसने सीधे सीडीओ कार्यालय में पत्र दिया था। ऐसा भी हो सकता है कि उसने ब्लॉक में एडीओ को यह पत्र दिया और यहां से तब सीडीओ को भेजा गया। ज्योति बाला, बीडीओ बड़ौत
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स्वच्छ भारत मिशन फेज टू में जिस-जिस ने गड़बड़ी की है। उसमें सचिव या कोई अधिकारी भी शामिल होगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के मामले में बख्शा किसी को नहीं जाएगा। बरवाला का मामला जरूर मेरे संज्ञान में आया हुआ है। जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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बरवाला में स्वच्छ भारत मिशन फेज टू के तहत 32 लाख 83 हजार रुपये का बजट आया था। वहां के सचिव लोकेंद्र राठी ने करीब 32 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इस तरह अचानक 32 लाख रुपये का भुगतान होने पर जांच कराई गई तो बड़ौत ब्लॉक के अभियंता गुलफाम अली ने रिपोर्ट में कहा कि सचिव ने कोई भी प्रस्ताव व जांच के बिना पैसा जारी किया है। जिसके बाद डीपीआरओ ने खुद जाकर जांच की तो वहां बड़ा खुलासा हुआ। वहां कई कार्य पूरे भी नहीं और उनका पूरा पैसा निकाल लिया गया। इस तरह अन्य गांवों की जांच कराई जा रही है। जिसके बाद सचिवों पर शिकंजा कसा जा रहा है। इस बीच ही सचिव लोकेंद्र राठी के एक पत्र ने हड़कंप मचा दिया है। उसने बड़ौत ब्लॉक व सीडीओ के पास एक पत्र दिया। जिसमें उसने लिखा है कि स्वच्छ भारत मिशन फेज टू के तहत आए बजट में तीन प्रतिशत पंचायतीराज के अफसरों ने लिया है और उसे कहा गया कि तुम्हारा इसमें कोई मतलब नहीं है। इसमें अफसरों व ग्राम प्रधानों का मतलब है। हालांकि तीन प्रतिशत कमीशन देने की बात में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद ही साफ होगा।
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66 गांवों में 30 करोड़ का बजट आया, सांसद तक ने लगाए आरोप
स्वच्छ भारत मिशन फेज-टू के तहत गांवों को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए वर्ष 2023 में 66 गांवों के लिए 30 करोड़ से ज्यादा रुपये जारी किए गए थे। जिससे गांवों में खाद के गड्ढे, आरसीसी सेंटर, शॉकपिट, पानी निकासी की नाली, नाले, कूड़ा एकत्र करने को ई-रिक्शा खरीदने समेत अन्य कार्य कराए जाने थे। स्वच्छ भारत मिशन फेज-टू के तहत जुलाई 2023 तक करीब 70 प्रतिशत बजट खर्च कर दिया गया था। उसमें आरोप लगने लगे कि गांवों में काफी कार्य कराए बिना ही पैसा निकाल लिया गया तो कम पैसा खर्च करके ज्यादा दिखाया जा रहा है। इसमें खुद सांसद डाॅ. सत्यपाल सिंह ने घोटाले का आरोप लगाया था। जिसके बाद 66 गांवों में जांच शुरू कराई गई, मगर वह जांच अभी तक दबी पड़ी है। अब सचिव ने जिस तरह से पत्र में अफसरों को तीन प्रतिशत कमीशन देने की बात कही है तो उससे सांसद के आरोपों को बल मिल रहा है।
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स्वच्छ भारत मिशन फेज टू में तीन प्रतिशत कमीशन देने का पत्र सचिव ने दिया है। यह मेरी जानकारी में जरूर है। मगर उसने पत्र मुझे नहीं दिया है। यह पता चला था कि उसने सीधे सीडीओ कार्यालय में पत्र दिया था। ऐसा भी हो सकता है कि उसने ब्लॉक में एडीओ को यह पत्र दिया और यहां से तब सीडीओ को भेजा गया। ज्योति बाला, बीडीओ बड़ौत
स्वच्छ भारत मिशन फेज टू में जिस-जिस ने गड़बड़ी की है। उसमें सचिव या कोई अधिकारी भी शामिल होगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के मामले में बख्शा किसी को नहीं जाएगा। बरवाला का मामला जरूर मेरे संज्ञान में आया हुआ है। जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम