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तीन सरकारी ऑक्सीजन प्लांट 20 तक शुरू होंगे
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बागपत के जिला अस्तपाल स्थित ऑक्सीजन प्लांट
- फोटो : BAGHPAT
बागपत। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए ऑक्सीजन प्लांट लगाने शुरू कर दिए। जिला अस्पताल में 500 एलपीएम, खेकड़ा सीएचसी में 466 एलपीएम, सरूरपुर में 333 एलपीएम का प्लांट लगाया गया है। तीनों सरकारी ऑक्सीजन प्लांट 20 अगस्त तक शुरू कर दिए जाएंगे। दूसरी लहर में जिला अस्पताल, खेकड़ा व सरूरपुर में प्रतिदिन ऑक्सीजन के 80-100 सिलिंडर की खपत होती थी, वहीं इन प्लांट से प्रतिदिन 241 सिलिंडर ऑक्सीजन का उत्पादन हो सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल, खेकड़ा सीएचसी व सरूरपुर सीएचसी को एल-2 के कोविड सेंटर बनाया हुआ है। कोरोना की दूसरी लहर का पीक होने पर ऑक्सीजन की किल्लत शुरू हुई तो प्रशासन ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वालों के सिलिंडर कब्जे में लेकर खुद पूरी व्यवस्था संभाली थी। इसके बावजूद स्थिति काफी खराब रही और ऑक्सीजन की किल्लत दूर नहीं हो सकी। इसको देखते हुए ही तीनों जगह ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना बनाई गई और जिला अस्पताल में पीएम केयर फंड से 500 एलपीएम, खेकड़ा में विधायक निधि से 466 एलपीएम व सरूरपुर में मवाना शुगर मिल से 333 एलपीएम का प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया। अब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्लांट लगाने का फाउंडेशन बनाने से लेकर लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है और प्लांट को इंस्टाल करना बाकी है। यह काम भी अगले दस दिन में पूरा कराकर 20 अगस्त से तीनों ऑक्सीजन प्लांट शुरू किए जाएंगे। इस तरह ऑक्सीजन की किल्लत पूरी तरह से दूर हो जाएगी।
241 सिलिंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन मिलेगी, आईसीयू के 75 बिस्तर की पूर्ति होगी
जिला अस्पताल में लग रहे 500 एलपीएम के प्लांट से करीब 100 सिलिंडर, खेकड़ा सीएचसी पर लग रहे 466 एलपीएम के प्लांट से करीब 78 सिलिंडर व सरूरपुर में लग रहे 333 एलपीएम के प्लांट से करीब 63 सिलिंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन मिलेगी। अगर ऑक्सीजन को लाइन से सीधे बिस्तर तक पहुंचाया जाएगा तो जिला अस्पताल में सामान्य वाले 125 बिस्तर व आईसीयू वाले 30 बिस्तर के लिए ऑक्सीजन की पूर्ति एक दिन में प्लांट से होगी। इस तरह ही खेकड़ा में सामान्य वाले 100 बिस्तर व आईसीयू वाले 25 बिस्तर और सरूरपुर में सामान्य वाले 80 बिस्तर व आईसीयू वाले 20 बिस्तर के लिए ऑक्सीजन की पूर्ति होगी।
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93-95 प्रतिशत शुद्धता जरूरी तो प्रेशर पहुंचाना भी चुनौती
प्लांट से निकलने वाली ऑक्सीजन का शुद्ध होना बहुत जरूरी है और उनसे 93-95 प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन निकलती है तो तभी उसका फायदा होगा। लेकिन ऑक्सीजन की शुद्धता के साथ बिस्तर तक पूरा प्रेशर पहुंचाना भी चुनौती होगी। बिस्तर तक पूरा प्रेशर पहुंचने पर ही वेंटिलेटर काम कर सकेंगे।
तीनों सरकारी ऑक्सीजन प्लांट को 20 अगस्त तक शुरू कर दिया जाएगा। उसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। लाइन भी बिछाई जा चुकी है और अब जिले में ऑक्सीजन को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। - डा. यशवीर सिंह, डिप्टी सीएमओ।
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स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल, खेकड़ा सीएचसी व सरूरपुर सीएचसी को एल-2 के कोविड सेंटर बनाया हुआ है। कोरोना की दूसरी लहर का पीक होने पर ऑक्सीजन की किल्लत शुरू हुई तो प्रशासन ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वालों के सिलिंडर कब्जे में लेकर खुद पूरी व्यवस्था संभाली थी। इसके बावजूद स्थिति काफी खराब रही और ऑक्सीजन की किल्लत दूर नहीं हो सकी। इसको देखते हुए ही तीनों जगह ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना बनाई गई और जिला अस्पताल में पीएम केयर फंड से 500 एलपीएम, खेकड़ा में विधायक निधि से 466 एलपीएम व सरूरपुर में मवाना शुगर मिल से 333 एलपीएम का प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया। अब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्लांट लगाने का फाउंडेशन बनाने से लेकर लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है और प्लांट को इंस्टाल करना बाकी है। यह काम भी अगले दस दिन में पूरा कराकर 20 अगस्त से तीनों ऑक्सीजन प्लांट शुरू किए जाएंगे। इस तरह ऑक्सीजन की किल्लत पूरी तरह से दूर हो जाएगी।
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241 सिलिंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन मिलेगी, आईसीयू के 75 बिस्तर की पूर्ति होगी
जिला अस्पताल में लग रहे 500 एलपीएम के प्लांट से करीब 100 सिलिंडर, खेकड़ा सीएचसी पर लग रहे 466 एलपीएम के प्लांट से करीब 78 सिलिंडर व सरूरपुर में लग रहे 333 एलपीएम के प्लांट से करीब 63 सिलिंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन मिलेगी। अगर ऑक्सीजन को लाइन से सीधे बिस्तर तक पहुंचाया जाएगा तो जिला अस्पताल में सामान्य वाले 125 बिस्तर व आईसीयू वाले 30 बिस्तर के लिए ऑक्सीजन की पूर्ति एक दिन में प्लांट से होगी। इस तरह ही खेकड़ा में सामान्य वाले 100 बिस्तर व आईसीयू वाले 25 बिस्तर और सरूरपुर में सामान्य वाले 80 बिस्तर व आईसीयू वाले 20 बिस्तर के लिए ऑक्सीजन की पूर्ति होगी।
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93-95 प्रतिशत शुद्धता जरूरी तो प्रेशर पहुंचाना भी चुनौती
प्लांट से निकलने वाली ऑक्सीजन का शुद्ध होना बहुत जरूरी है और उनसे 93-95 प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन निकलती है तो तभी उसका फायदा होगा। लेकिन ऑक्सीजन की शुद्धता के साथ बिस्तर तक पूरा प्रेशर पहुंचाना भी चुनौती होगी। बिस्तर तक पूरा प्रेशर पहुंचने पर ही वेंटिलेटर काम कर सकेंगे।
तीनों सरकारी ऑक्सीजन प्लांट को 20 अगस्त तक शुरू कर दिया जाएगा। उसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। लाइन भी बिछाई जा चुकी है और अब जिले में ऑक्सीजन को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। - डा. यशवीर सिंह, डिप्टी सीएमओ।