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रमाला मिल के क्रय केंद्र लगने का खामियाजा भुगत रहे नौ गांवों के 20 हजार से ज्यादा किसान
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रमाला चीनी मिल का क्रय केंद्र।
- फोटो : ????? ???? ??? ?? ???? ???????
फैजपुर निनाना, फैजल्लापुर, नैथला, सुल्तानपुर हटाना, खेड़ा इस्लामपुर, सरूरपुर कलां समेत अन्य गांवों के किसान परेशान
गेहूं की अगेती फसल बुआई पिछड़ा, पछेती फसल की बुआई भी 20 दिसंबर तक नहीं होने पर उत्पादन कम होगा
फोटो दो की सीरिज
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। रमाला शुगर मिल के नौ गांवों में पहली बार क्रय केंद्र लगने का खामियाजा 20 हजार से ज्यादा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। गांवों में तौल बंद पड़ी है और अब किसानों के सामने गेहूं बुआई का संकट खड़ा हो गया है। अगेती प्रजाति की बुआई का समय निकल चुका है। वहीं, पछेती प्रजाति की बुआई भी जल्द नहीं हुई तो उसकी पैदावार पर असर पड़ सकता है।
बागपत शुगर मिल की क्षमता कम होने के कारण फैजपुर निनाना, फैजल्लापुर, नैथला, बिहारीपुर, सुल्तानपुर हटाना, खेड़ा इस्लामपुर, सरूरपुर कलां ए व बी, खेडक़ी में रमाला शुगर मिल के क्रय केंद्र लगाए गए थे। यहां पहले बागपत शुगर मिल के केंद्र होने पर किसानों को धीरे-धीरे इंडेंट जारी किया जाता था। मिल पर आखिरी दिनों तक गन्ना डाला जाता था। वहीं, रमाला शुगर मिल के क्रय केंद्र लगने पर इन गांवों के 20 हजार से ज्यादा किसानों को उम्मीद थी कि वे शुगर मिल पर गन्ना जल्द डाल सकेंगे। हालांकि रमाला शुगर मिल के क्रय केंद्र लगने पर उनकी परेशानी बढ़ गई है। किसानों को आज तक 24 नवंबर को एक बार इंडेंट जारी किया गया। इसके बाद से कभी इंडेंट जारी नहीं हुआ। कई किसानों का एक भी इंडेंट जारी नहीं हुआ। इससे उनके सामने गेहूं की बुआई का संकट है। गेहूं की अगेती प्रजाति की बुआई का समय निकल चुका है और पछेती प्रजाति के लिए भी अगला सप्ताह बचा है।
समस्या और बढ़ गई
गांवों में पहली बार रमाला मिल के क्रय केंद्र लगाए हैं। इससे समस्या बढ़ गई है। क्रय केंद्र से एक दिन तौल होने के बाद गन्ना नहीं उठा और इंडेंट जारी नहीं किया जा रहा है। किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।-रोहित धनकड़, फैजपुर निनाना
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गेहूं की बुआई पिछड़ी
तौल शुरू न होने से इंडेंट जारी नहीं हो रहा है। इससे किसान भुखमरी के कगार पर हैं। जब तक गन्ना मिल पर नहीं डलेगा, तब तक गेहूं की बुआई नहीं होगी। इस तरह से गेहूं की बुआई पिछड़ गई है।-सुभाष नैन, प्रगतिशील किसान सरूरपुर
गन्ना किसान परेशान
रमाला मिल के क्रय केंद्र लगाने के बाद कुछ किसानों का केवल एक बार इंडेंट जारी हुआ है। इसके बाद से तौल बंद है। गेहूूं की बुआई नहीं हो रही है। जिससे किसान परेशान हैं। इस सप्ताह भी तौल शुरू नहीं हुई तो पछेती बुआई भी नहीं हो सकेगी।-पिंकेश त्यागी, नैथला
आंदोलन के लिए मजबूर
क्रय केंद्रों पर तौल नहीं हो रही है। इससे किसान परेशान हैं। अब केवल दो दिन इंतजार किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन शुरू करेंगे। समस्या का समाधान नहीं होने पर गेहूं की बुआई न होने से अनाज की समस्या खड़ी हो जाएगी।-सचिन उर्फ भीम, प्रधान सुल्तानपुर हटाना
समस्या का जल्द समाधान जरूरी
पहली बार रमाला मिल के क्रय केंद्र लगाए गए हैं। पहली बार किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। पहले बागपत मिल में कम इंडेंट जारी होता था तो इस बार इंडेंट जारी ही नहीं हो रहा है। समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए। मनोज, फैजल्लापुर
कम जोत वाले भी परेशान
जिन गांवों में रमाला शुगर मिल के क्रय केंद्र लगाए हैं, इनमें अधिकतर किसान कम जोत वाले हैं। इनके पास दो से पांच बीघा जमीन है। यदि उनका भी गन्ना नहीं डाला गया तो गेहूं बुआई नहीं होने से समस्या पैदा हो जाएगी। देवप्रिय, प्रधान बिहारीपुर
पैदावार पर पड़ेगा असर
गेहूं की अगेती बुआई का समय निकल चुका है। अब पछेती प्रजाति की फसल की बुआई की जा सकती है। इसके लिए भी ज्यादा समय नहीं बचा है। यदि इसकी अगले सप्ताह तक बुआई नहीं की गई तो पैदावार पर असर पड़ सकता है।-डॉ. संदीप चौधरी, कृषि वैज्ञानिक
गन्ना उठान को लेकर समस्या है। इसे धीरे-धीरे दुरुस्त किया जा रहा है। जिस तरह गन्ना उठान शुरू होगा, उसी तरह से इंडेंट जारी किया जाएगा। किसानों को किसी भी तरह से समस्या नहीं होने दी जाएगी।-जीके पोदार, उप प्रबंधक रमाला शुगर मिल
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गेहूं की अगेती फसल बुआई पिछड़ा, पछेती फसल की बुआई भी 20 दिसंबर तक नहीं होने पर उत्पादन कम होगा
फोटो दो की सीरिज
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। रमाला शुगर मिल के नौ गांवों में पहली बार क्रय केंद्र लगने का खामियाजा 20 हजार से ज्यादा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। गांवों में तौल बंद पड़ी है और अब किसानों के सामने गेहूं बुआई का संकट खड़ा हो गया है। अगेती प्रजाति की बुआई का समय निकल चुका है। वहीं, पछेती प्रजाति की बुआई भी जल्द नहीं हुई तो उसकी पैदावार पर असर पड़ सकता है।
बागपत शुगर मिल की क्षमता कम होने के कारण फैजपुर निनाना, फैजल्लापुर, नैथला, बिहारीपुर, सुल्तानपुर हटाना, खेड़ा इस्लामपुर, सरूरपुर कलां ए व बी, खेडक़ी में रमाला शुगर मिल के क्रय केंद्र लगाए गए थे। यहां पहले बागपत शुगर मिल के केंद्र होने पर किसानों को धीरे-धीरे इंडेंट जारी किया जाता था। मिल पर आखिरी दिनों तक गन्ना डाला जाता था। वहीं, रमाला शुगर मिल के क्रय केंद्र लगने पर इन गांवों के 20 हजार से ज्यादा किसानों को उम्मीद थी कि वे शुगर मिल पर गन्ना जल्द डाल सकेंगे। हालांकि रमाला शुगर मिल के क्रय केंद्र लगने पर उनकी परेशानी बढ़ गई है। किसानों को आज तक 24 नवंबर को एक बार इंडेंट जारी किया गया। इसके बाद से कभी इंडेंट जारी नहीं हुआ। कई किसानों का एक भी इंडेंट जारी नहीं हुआ। इससे उनके सामने गेहूं की बुआई का संकट है। गेहूं की अगेती प्रजाति की बुआई का समय निकल चुका है और पछेती प्रजाति के लिए भी अगला सप्ताह बचा है।
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समस्या और बढ़ गई
गांवों में पहली बार रमाला मिल के क्रय केंद्र लगाए हैं। इससे समस्या बढ़ गई है। क्रय केंद्र से एक दिन तौल होने के बाद गन्ना नहीं उठा और इंडेंट जारी नहीं किया जा रहा है। किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।-रोहित धनकड़, फैजपुर निनाना
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गेहूं की बुआई पिछड़ी
तौल शुरू न होने से इंडेंट जारी नहीं हो रहा है। इससे किसान भुखमरी के कगार पर हैं। जब तक गन्ना मिल पर नहीं डलेगा, तब तक गेहूं की बुआई नहीं होगी। इस तरह से गेहूं की बुआई पिछड़ गई है।-सुभाष नैन, प्रगतिशील किसान सरूरपुर
गन्ना किसान परेशान
रमाला मिल के क्रय केंद्र लगाने के बाद कुछ किसानों का केवल एक बार इंडेंट जारी हुआ है। इसके बाद से तौल बंद है। गेहूूं की बुआई नहीं हो रही है। जिससे किसान परेशान हैं। इस सप्ताह भी तौल शुरू नहीं हुई तो पछेती बुआई भी नहीं हो सकेगी।-पिंकेश त्यागी, नैथला
आंदोलन के लिए मजबूर
क्रय केंद्रों पर तौल नहीं हो रही है। इससे किसान परेशान हैं। अब केवल दो दिन इंतजार किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन शुरू करेंगे। समस्या का समाधान नहीं होने पर गेहूं की बुआई न होने से अनाज की समस्या खड़ी हो जाएगी।-सचिन उर्फ भीम, प्रधान सुल्तानपुर हटाना
समस्या का जल्द समाधान जरूरी
पहली बार रमाला मिल के क्रय केंद्र लगाए गए हैं। पहली बार किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। पहले बागपत मिल में कम इंडेंट जारी होता था तो इस बार इंडेंट जारी ही नहीं हो रहा है। समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए। मनोज, फैजल्लापुर
कम जोत वाले भी परेशान
जिन गांवों में रमाला शुगर मिल के क्रय केंद्र लगाए हैं, इनमें अधिकतर किसान कम जोत वाले हैं। इनके पास दो से पांच बीघा जमीन है। यदि उनका भी गन्ना नहीं डाला गया तो गेहूं बुआई नहीं होने से समस्या पैदा हो जाएगी। देवप्रिय, प्रधान बिहारीपुर
पैदावार पर पड़ेगा असर
गेहूं की अगेती बुआई का समय निकल चुका है। अब पछेती प्रजाति की फसल की बुआई की जा सकती है। इसके लिए भी ज्यादा समय नहीं बचा है। यदि इसकी अगले सप्ताह तक बुआई नहीं की गई तो पैदावार पर असर पड़ सकता है।-डॉ. संदीप चौधरी, कृषि वैज्ञानिक
गन्ना उठान को लेकर समस्या है। इसे धीरे-धीरे दुरुस्त किया जा रहा है। जिस तरह गन्ना उठान शुरू होगा, उसी तरह से इंडेंट जारी किया जाएगा। किसानों को किसी भी तरह से समस्या नहीं होने दी जाएगी।-जीके पोदार, उप प्रबंधक रमाला शुगर मिल