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नौकरी व गाड़ी वाले भी गरीब बनकर डकार गए मुफ्त का राशन

Thu, 05 May 2022 12:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 12:57 AM IST
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Those with jobs and cars also stole free ration by becoming poor
अपात्र होने के बावजूद राशनकार्ड बनवाकर लाभ लेने वाले 125 लाभार्थियों ने किया सरेंडर
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शासन के आदेश पर 15 मई तक बढ़ाई गई राशनकार्ड सरेंडर करने की समय सीमा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मकान, गाड़ी व नौकरी के साथ सभी सुख सुविधाएं हैं। इसके बाद भी खुद को गरीब दिखाकर सरकारी राशन डकारने में जुटे रहे। ऐसे कोई एक नहीं बल्कि अभी तक करीब 125 कार्ड धारक मिले हैं। वे कई साल से गरीबों का राशन डकार रहे हैं। अब सरकार ने सख्ती दिखाई तो वसूली के डर से राशनकार्ड का सरेंडर कर दिया। वहीं, सरकार ने कार्ड सरेंडर होते देख समय सीमा बढ़ाकर 15 मई कर दी है।
जिले में एक लाख 96 हजार 364 राशनकार्ड धारक परिवार हैं। जिनमें से आठ लाख 92 हजार 980 लाभार्थी हर माह शासन से संचालित योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसके अतिरिक्त 7678 अंत्योदय राशनकार्ड धारक परिवारों के 27 हजार 961 लाभार्थी हर माह राशन ले रहे हैं। जिनमें बड़ी संख्या में अपात्र भी मिलीभगत से पात्र बनकर योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इन पर शिकंजा कसने के लिए एक माह पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपात्रों के लिए गाइउलाइन जारी की थी। जिसमें 30 अप्रैल तक अपात्रों को राशनकार्ड सरेंडर करने के निर्देश दिए थे। जिससे एक माह में 125 राशनकार्ड धारकों ने वसूली से बचने के लिए 30 अप्रैल से पहले ही राशनकार्ड सरेंडर कर दिए।
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कोरोना काल से पहले से ले रहे थे राशन
जिला आपूर्ति विभाग की माने तो सरेंडर करने वाले राशन कार्डों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। वे कब से राशन का लाभ ले रहे थे। जिसमें कुछ राशनकार्ड धारक तो कोरोना काल से पहले से राशन ले रहे थे। जिन्होंने निशुल्क राशन योजना का लाभ लिया।
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अपात्रों की भेजे गोपनीय शिकायत
जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारी शहरी व ग्रामीण इलाकों के लोगों से अपील कर रहे हैं कि राशन का लाभ लेने वाले अपात्रों की शिकायत उनके कार्यालय पर भेजी जाए। जिससे अपात्रों के खिलाफ कार्रवाई सही ढंग से की जा सकेगी।
इन राशनकार्ड धारकों से होगी वसूली
शासन ने पात्रों व अपात्रों की पहचान के लिए गाइड लाइन जारी की है। जिसमें आयकर दाता, घर में चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, एसी या अधिक क्षमता का जेनरेटर हो। इसके अतिरिक्त पांच एकड़ भूमि के साथ शहरी क्षेत्र में 100 वर्ग मीटर का मकान होना चाहिए। ग्रामीण इलाकों में दो लाख रुपये सालाना और शहरी इलाकों में तीन लाख रुपये सालाना आय वालों को अपात्र माने जाएंगे। समयावधि पूरी होने पर 24 रुपये किलो गेहूं व 32 रुपये किलो चावल के हिसाब से वसूली की जाएगी।

राशन कार्ड सरेंडर करने की समय सीमा बढ़ाकर 15 मई कर दी गई है। अभी तक सरेंडर करने वाले राशनकार्ड धारक शासन से जारी गाइडलाइन के अनुसार पूरी तरह अपात्र हैं। उनके पास मकान, प्रॉपर्टी, नौकरी समेत सभी सुविधाएं हैं। 15 मई तक सरेंडर नहीं करने वाले अपात्रों को तलाशकर वसूली शुरू कर दी जाएगी।-केबी सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी
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