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निराशा के बाद भी प्रयास करने वालों की कभी हार नहीं होती : आयुषी

Sat, 03 May 2025 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Sat, 03 May 2025 12:33 AM IST
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Those who try even after disappointment never lose: Aayushi
बड़ौत में खाप चौधरी सुरेंद्र के मकान पर आयुषी चौधरी का स्वागत करते लोग। स्रोत:स्वयं
बड़ौत। नगर पालिका में शुक्रवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जहां यूपीएससी में 190वीं रैंक प्राप्त करने पर आयुषी चौधरी को सम्मानित किया गया। शामली जिले के भभीसा गांव की रहने वाली आयुषी ने युवाओं को संदेश दिया कि निराशा मिलने पर हार नहीं माननी चाहिए। उसके बाद भी कोशिश करते रहना चाहिए तो कामयाबी जरूर मिलेगी।
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आयुषी चौधरी अपने पिता विवेक चौधरी, पति रोहताश चौधरी समेत अन्य परिजनों के साथ पहले अपने रिश्तेदारी में नेहरू रोड पर पूर्व सभासद चन्द्रबीरी राठी के यहां पहुंची। इसके बाद नगर पालिका में पहुंची। जहां पर उनका स्वागत किया गया। इसके बाद प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
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उन्होंने कहा कि युवाओं को यूपीएससी के अलावा अन्य क्षेत्र में भी प्रयास करना चाहिए। लक्ष्य से कभी दूर नहीं जाना चाहिए। मेहनत करने के बाद सफलता जरूर मिलती है। राज्यमंत्री केपी मलिक व चेयरमैन पति अश्वनी तोमर ने कहा कि आयुषी चौधरी ने शामली के साथ बड़ौत का भी नाम रोशन किया है।
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इस मौके पर पूर्व सभासद अमित राठी, धुरेंद्र शर्मा, अशोक तोमर, नगेंद्र तोमर, नीतू राठी, प्रमोद कुमार, सुंदरपाल सैनी आदि उपस्थित रहे। उधर, चौरासी चौधरी सुरेंद्र तोमर के आवास पर भी आयुषी चौधरी का स्वागत किया गया। इस मौके पर संजू चौधरी, गौरव तोमर आदि उपस्थित रहे।

तीन बार निराशा मिलने पर बीएड में लिया दाखिला
बड़ौत। आयुषी चौधरी ने बताया कि पहले प्रयास में प्री परीक्षा पास नहीं हुई। दूसरे प्रयास में मुख्य परीक्षा पास नहीं हुई, तीसरे प्रयास में एक बार फिर प्री परीक्षा पास नहीं हुई। तीसरी बार निराशा हाथ लगने पर वह पूरी तरह से टूट गई और बीएड में दाखिला ले लिया।
मगर, सिविल सेवा में जाने के सपने ने नींद नहीं आने दी। हिम्मत दिखाते हुए चौथा प्रयास किया, इस बार सफलता मिली। तीन बार असफलता मिलने का कारण पाठ्यक्रम की सही जानकारी न होने पर नोट्स अच्छे नहीं बने और परीक्षा के दौरान सवाल छूट जाते थे। चौथी बार में पाठ्यक्रम को समझकर दोबारा से नोट्स बनाए। इससे तैयारी कर परीक्षा में सभी सवाल हल किए।

बताया कि साक्षात्कार के दौरान उनसे गन्ने की खेती से जुड़े सवाल पूछे गए। आयुषी ने बताया कि दिल्ली से आईआईटी की है और वर्तमान में एक कंपनी में नौकरी कर रही हैं। बताया कि 190वीं रैंक पर उन्हें आईआरएस का पद मिल सकता है। मगर, वह अभी इससे संतुष्ट नहीं है और आगे आईएएस बनने के लिए प्रयास किया जाएगा।
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