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शिक्षकों की कमी नहीं हुई पूरी, खेल प्रतिभा निखारने के लिए कोच भी नहीं मिले
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बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल बागपत
- फोटो : BAGHPAT
- माध्यमिक विद्यालयों में 150 शिक्षकों की कमी, एक कोच के सहारे खेल विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में वर्ष 2021 में माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो सकीं और न ही खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए कोच मिले। आयोग से वर्ष 2021 में जिले के एडेड विद्यालयों के लिए 200 शिक्षक जरूर मिले, लेकिन अभी भी डेढ़ सौ शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालयों में ट्यूटरों के सहारे शिक्षण कराया जा रहा है। उधर, खेल विभाग भी एक कोच के सहारे चल रहा है।
जिले में 142 माध्यमिक विद्यालय है। इनमें 71 सहायता प्राप्त, 19 राजकीय व 52 वित्तविहीन विद्यालय है। सहायता प्राप्त 71 विद्यालयों को वर्ष 2021 में दो सौ शिक्षक मिलने के बाद भी 150 शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालयों में ट्यूटरों के सहारे बच्चों को शिक्षण कराया जा रहा है। इसके अलावा खिलाड़ियों को प्रैक्टिस कराने के लिए जिले में कोच भी नहीं है।
एक कोच के सहारे चल रहा खेल विभाग
बागपत जिले के खिलाड़ियों की देश-विदेश में धाक है। इसके बावजूद जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए कोच नहीं है। जिला खेल विभाग एक मात्र एथलेटिक्स कोच के सहारे चल रहा है। वेट लिफ्टिंग की जिम्मेदारी खुद जिला क्रीड़ा अधिकारी सरिता रानी संभाल रही है।
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इन खेलों के नहीं कोच
जिले में कुश्ती, कबड्डी, शूटिंग, तीरंदाजी, क्रिकेट, बैडमिंटन, तैराकी, वॉलीबाल, बास्केटबाल के कोच नहीं है। जुलाई 2021 में एथलेटिक्स का एक कोच मिला है, जो तीन दिन खेकड़ा स्टेडियम और तीन दिन जिला क्रीड़ा हॉल में प्रशिक्षण देता है।
जिले के एडेड विद्यालयों में 262 शिक्षकों की कमी थी। आयोग से 200 शिक्षक मिले थे, जिन्हें विद्यालयों में तैनाती दे दी गई। इस वर्ष 90 शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए है। जिले में अब 150 शिक्षकों की कमी है। - रवींद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
कोच के अभाव में जिले में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नहीं मिल रहा है। कई बार शासन को कोच की डिमांड भेजी जा चुकी है। - सरिता रानी, जिला क्रीड़ा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में वर्ष 2021 में माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो सकीं और न ही खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए कोच मिले। आयोग से वर्ष 2021 में जिले के एडेड विद्यालयों के लिए 200 शिक्षक जरूर मिले, लेकिन अभी भी डेढ़ सौ शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालयों में ट्यूटरों के सहारे शिक्षण कराया जा रहा है। उधर, खेल विभाग भी एक कोच के सहारे चल रहा है।
जिले में 142 माध्यमिक विद्यालय है। इनमें 71 सहायता प्राप्त, 19 राजकीय व 52 वित्तविहीन विद्यालय है। सहायता प्राप्त 71 विद्यालयों को वर्ष 2021 में दो सौ शिक्षक मिलने के बाद भी 150 शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालयों में ट्यूटरों के सहारे बच्चों को शिक्षण कराया जा रहा है। इसके अलावा खिलाड़ियों को प्रैक्टिस कराने के लिए जिले में कोच भी नहीं है।
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एक कोच के सहारे चल रहा खेल विभाग
बागपत जिले के खिलाड़ियों की देश-विदेश में धाक है। इसके बावजूद जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए कोच नहीं है। जिला खेल विभाग एक मात्र एथलेटिक्स कोच के सहारे चल रहा है। वेट लिफ्टिंग की जिम्मेदारी खुद जिला क्रीड़ा अधिकारी सरिता रानी संभाल रही है।
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इन खेलों के नहीं कोच
जिले में कुश्ती, कबड्डी, शूटिंग, तीरंदाजी, क्रिकेट, बैडमिंटन, तैराकी, वॉलीबाल, बास्केटबाल के कोच नहीं है। जुलाई 2021 में एथलेटिक्स का एक कोच मिला है, जो तीन दिन खेकड़ा स्टेडियम और तीन दिन जिला क्रीड़ा हॉल में प्रशिक्षण देता है।
जिले के एडेड विद्यालयों में 262 शिक्षकों की कमी थी। आयोग से 200 शिक्षक मिले थे, जिन्हें विद्यालयों में तैनाती दे दी गई। इस वर्ष 90 शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए है। जिले में अब 150 शिक्षकों की कमी है। - रवींद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
कोच के अभाव में जिले में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नहीं मिल रहा है। कई बार शासन को कोच की डिमांड भेजी जा चुकी है। - सरिता रानी, जिला क्रीड़ा अधिकारी