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Baghpat News: कुर्डी टीले पर बिखरी ईंटों से मिल रहा मानव बस्ती का इशारा
Fri, 24 Jan 2025 12:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Fri, 24 Jan 2025 12:22 AM IST
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कुर्डी टीले पर बातचीत करते शोधार्थी। स्रोत ग्रामीण
- फोटो : जिला अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट।
बागपत, बड़ौत। कुर्डी टीले पर पुरातत्वविदों व शोधार्थियों ने बृहस्पतिवार को सभी ट्रेंचों पर खोदाई का काम करना शुरू कर दिया। टीले की ऊपरी सतह पर दिखाई दे रहे खंडित पुरावशेष, ईंटें और दीवारें मानव सभ्यता की ओर इशारा करने का काम कर रहे हैं।
भारतीय विरासत संस्थान के महानिदेशक एवं कुलपति डॉ. बुद्ध रश्मि मणि के निर्देशन में कुर्डी टीले पर 14 शोधार्थियों, पुराविदों द्वारा तीन स्थानों पर कुल 12 ट्रेंच पर खोदाई की जा रही है। टीम द्वारा उत्खनन से पहले ट्रेंच की ऊपरी सतह पर बिखरे साक्ष्यों को एकत्रित किया गया था। अब टीम ने टीले पर प्राचीन समय में बसी मानव सभ्यता, बस्ती का पता लगाने का भी काम शुरू कर दिया है।
टीले पर शिव मंदिर भी मौजूद हैं और इस मंदिर के चारों ओर बड़ी एवं पुरानी ईंटों की परत साफ दिखाई देती है। यह इस बात की ओर इशारा करती है कि टीले पर कोई बड़ा भवन रहा हो। महानिदेशक डॉ. बुद्ध रश्मि मणि इस बात को पहले ही कह चुके हैं कि ऊपरी सतह पर जो पुरावशेष मौजूद हैं, वह 1500 ईसा पूर्व या इससे पूर्व के हैं। इसे उम्मीद लगाई जा रही है कि यहां भी मानव सभ्यता मौजूद थी, जो काफी विकसित और सम्पन्न भी थी। मानव बस्ती के संंबंध में अभी पुरातत्वविद व शोधार्थी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।
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भारतीय विरासत संस्थान के महानिदेशक एवं कुलपति डॉ. बुद्ध रश्मि मणि के निर्देशन में कुर्डी टीले पर 14 शोधार्थियों, पुराविदों द्वारा तीन स्थानों पर कुल 12 ट्रेंच पर खोदाई की जा रही है। टीम द्वारा उत्खनन से पहले ट्रेंच की ऊपरी सतह पर बिखरे साक्ष्यों को एकत्रित किया गया था। अब टीम ने टीले पर प्राचीन समय में बसी मानव सभ्यता, बस्ती का पता लगाने का भी काम शुरू कर दिया है।
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टीले पर शिव मंदिर भी मौजूद हैं और इस मंदिर के चारों ओर बड़ी एवं पुरानी ईंटों की परत साफ दिखाई देती है। यह इस बात की ओर इशारा करती है कि टीले पर कोई बड़ा भवन रहा हो। महानिदेशक डॉ. बुद्ध रश्मि मणि इस बात को पहले ही कह चुके हैं कि ऊपरी सतह पर जो पुरावशेष मौजूद हैं, वह 1500 ईसा पूर्व या इससे पूर्व के हैं। इसे उम्मीद लगाई जा रही है कि यहां भी मानव सभ्यता मौजूद थी, जो काफी विकसित और सम्पन्न भी थी। मानव बस्ती के संंबंध में अभी पुरातत्वविद व शोधार्थी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।
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