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खत्म हुआ इंतजार, आज बीआरसी पहुंच जाएंगी किताबें
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खत्म हुआ इंतजार, आज बीआरसी पहुंच जाएंगी किताबें
बागपत। स्कूलों में विद्यार्थियों का नई किताबों का इंतजार खत्म हो गया है। बृहस्पतिवार को बीआरसी पर किताबें पहुंच जाएंगी और वहां से बच्चों की संख्या के आधार पर स्कूलों में भिजवाई जाएंगी। शासन से फिलहाल विभाग को एक लाख 23 हजार किताबें मिली हैं।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को शासन स्तर से निशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जातीं हैं। अप्रैल में नया सत्र शुरू हो गया था, मगर किताबें उपलब्ध नहीं हो पाईं थीं। किताबें न मिलने के कारण स्कूलों में छात्रों को पुरानी किताबों से शिक्षण कार्य कराया जा रहा था। अब बच्चों का नई किताबों का इंतजार खत्म हो गया है। शासन स्तर से जिले में एक लाख 23 हजार चार सौ किताबें भिजवाई गईं हैं। विभाग की ओर से किताबों को जैन इंटर कालेज में रखवाया गया है। बृहस्पतिवार को बीआरसी पर पुस्तकें पहुंचाई जाएंगी और वहां से स्कूलों में भिजवाईं जाएंगी।
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जिले में 70 छात्र-छात्राएं है पंजीकृत
जिले के 535 विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक के लगभग 70 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन बच्चों को लगभग साढ़े तीन लाख किताबों की जरूरत है, मगर अभी तक विभाग को एक लाख 23 हजार पाठ्य पुस्तकें ही उपलब्ध हुईं हैं। जिला समन्वयक धर्मेंद्र यादव ने बताया कि विभाग को एक लाख 23 हजार चार पाठ्य पुस्तकें मिली हैं। किताबों का सत्यापन कार्य पूरा करा दिया है। परिवहन सेवा बंद होने के कारण अभी तक बीआरसी पर पुस्तकें नहीं भिजवाई गईं हैं। विभाग की ओर से शासन को बच्चों की संख्या के आधार पर डिमांड भेजी जा चुकी है, अन्य किताबें मिलने पर बच्चों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
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बागपत। स्कूलों में विद्यार्थियों का नई किताबों का इंतजार खत्म हो गया है। बृहस्पतिवार को बीआरसी पर किताबें पहुंच जाएंगी और वहां से बच्चों की संख्या के आधार पर स्कूलों में भिजवाई जाएंगी। शासन से फिलहाल विभाग को एक लाख 23 हजार किताबें मिली हैं।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को शासन स्तर से निशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जातीं हैं। अप्रैल में नया सत्र शुरू हो गया था, मगर किताबें उपलब्ध नहीं हो पाईं थीं। किताबें न मिलने के कारण स्कूलों में छात्रों को पुरानी किताबों से शिक्षण कार्य कराया जा रहा था। अब बच्चों का नई किताबों का इंतजार खत्म हो गया है। शासन स्तर से जिले में एक लाख 23 हजार चार सौ किताबें भिजवाई गईं हैं। विभाग की ओर से किताबों को जैन इंटर कालेज में रखवाया गया है। बृहस्पतिवार को बीआरसी पर पुस्तकें पहुंचाई जाएंगी और वहां से स्कूलों में भिजवाईं जाएंगी।
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जिले में 70 छात्र-छात्राएं है पंजीकृत
जिले के 535 विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक के लगभग 70 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन बच्चों को लगभग साढ़े तीन लाख किताबों की जरूरत है, मगर अभी तक विभाग को एक लाख 23 हजार पाठ्य पुस्तकें ही उपलब्ध हुईं हैं। जिला समन्वयक धर्मेंद्र यादव ने बताया कि विभाग को एक लाख 23 हजार चार पाठ्य पुस्तकें मिली हैं। किताबों का सत्यापन कार्य पूरा करा दिया है। परिवहन सेवा बंद होने के कारण अभी तक बीआरसी पर पुस्तकें नहीं भिजवाई गईं हैं। विभाग की ओर से शासन को बच्चों की संख्या के आधार पर डिमांड भेजी जा चुकी है, अन्य किताबें मिलने पर बच्चों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
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