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टोल कंपनी ने नेशनल हाईवे पर कट बंद किया, रास्ते में गड्ढे कराए
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बागपत की खबर के साथ ::: जिवाना टोल के पास हाईवे पर रखे ड्रम।
- फोटो : BAGHPAT
- जिवाना टोल से पहले नेशनल हाईवे को पार करने के लिए बनाए गए गोल चक्कर पर ड्रम रखकर बंद किया
- पूर्वी यमुना नहर की पटरी में गड्ढे भी किए, आधा दर्जन गांवों के लोग हो रहे परेशान
- टोल देकर पार करना पड़ रहा नेशनल हाईवे, गलत दिशा में चलने से हादसे का डर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/रमाला। जिवाना टोल के पास कंपनी के अधिकारियों ने दबंगई दिखाते हुए नेशनल हाईवे पार करने के लिए बनाए गोल चक्कर को ड्रम रखकर बंद कर दिया। साथ ही नहर किनारे की पटरी पर गड्ढे भी कर दिए गए है। इससे आधा दर्जन गांवों के लेागों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसका विरोध करने पर उनके साथ टोल पर अभद्रता तक की जाती है।
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से शामली तक निर्माण होने के बाद जिवाना गांव के पास टोल प्लाजा बनाया गया था। टोल प्लाजा से पहले नेशनल हाईवे पर डिवाइडर नहीं बनाया जाता है, ताकि किसी को हाईवे पार करना होता है तो वह बिना टोल दिए उसे पार कर जा सकता है। जिवाना टोल प्लाजा पर कंपनी ने टोल प्लाजा से पहले हाईवे पार करने के लिए बनाए गए ऐसे ही गोल चक्कर पर बड़े-बड़े ड्रम रख दिए है। ताकि कोई वाहन चालक टोल से पहले नेशनल हाईवे पार नहीं कर सके और उसे टोल पार करने के बाद दोबारा वापस आना पड़े। इस तरह वाहन चालकों व आसपास के गांव के लोगों को दो बार टोल देना पड़ता है। इसके अलावा पूर्वी यमुना नहर की पटरी मार्ग पर गड्ढे कर दिए गए है, जिससे वहां से कोई वाहन नहीं निकल सके। क्योंकि शामली जाने के लिए कोई भी वाहन चालक नहर पटरी से गांवों से होकर आगे निकल सकता है, जिससे टोल पीछे रह जाता है। अब मार्ग में गड्ढे होने के कारण सबसे ज्यादा किसानों को गन्ने की बुग्गी व अन्य वाहन लेकर जाने में परेशानी हो रही है। लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है और हाईवे से ड्रम नहीं हटाए जाने व नहर पटरी ठीक नहीं करने पर आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
इन गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ी
गोल चक्कर को बंद करने के लिए रखे गए ड्रम से किशनपुर बराल, कासिमपुर खेड़ी, कंडेरा, जिवाना, जिवानी, बासौली, बरवाला के लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों को गलत दिशा में वाहन लेकर आना पड़ता है या टोल देकर हाईवे पार करना पड़ता है। गलत दिशा में वाहन लेकर आने से हादसे का डर रहता है।
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टोल प्लाजा पर लोगों को उत्पीड़न किया जा रहा है। इससे किसान भी परेशान है। टोल से पहले ड्रम लगा दिए गए है तो नहर की पटरी भी तोड़ दी गई है। ताकि कोई वहां से नहीं निकल सके। इससे गन्ना किसान सबसे ज्यादा परेशान है। - राजेन्द्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू
टोल प्लाजा कर्मियों के कारण आसपास के कई गांवों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ड्रम लगाकर हाईवे को पार करने के लिए जगह बंद कर दी गई है। टोल पर लोगों के साथ अभद्रता होती है। इससे लोगों में रोष है। - डॉ. ओमप्रकाश तोमर
टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से बदतमीजी की जाती है, जबकि हाईवे पार करने की जगह ड्रम रखे गए है तो हाईवे पार करने वाले वाहन चालकों से टोल नहीं लिया जाना चाहिए। इसके अलावा आसपास के गांवों के लोगों से टोल नहीं लिया जाना चाहिए। इसका विरोध किया जाएगा। - रवींद्र मुखिया, पूर्व उपसभापति सहकारी चीनी मिल।
नेशनल हाईवे पर बीच में सुंदरीकरण के लिए ड्रम रखे गए है। नहर की पटरी हमने नहीं तोड़ी है, उसे पहले ही तोड़ा हुआ था। टोल पर किसी को परेशानी नहीं होने दी जाती है। - सचिन गौतम, मैनेजर कोरल एसोसिएट
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- पूर्वी यमुना नहर की पटरी में गड्ढे भी किए, आधा दर्जन गांवों के लोग हो रहे परेशान
- टोल देकर पार करना पड़ रहा नेशनल हाईवे, गलत दिशा में चलने से हादसे का डर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/रमाला। जिवाना टोल के पास कंपनी के अधिकारियों ने दबंगई दिखाते हुए नेशनल हाईवे पार करने के लिए बनाए गोल चक्कर को ड्रम रखकर बंद कर दिया। साथ ही नहर किनारे की पटरी पर गड्ढे भी कर दिए गए है। इससे आधा दर्जन गांवों के लेागों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसका विरोध करने पर उनके साथ टोल पर अभद्रता तक की जाती है।
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से शामली तक निर्माण होने के बाद जिवाना गांव के पास टोल प्लाजा बनाया गया था। टोल प्लाजा से पहले नेशनल हाईवे पर डिवाइडर नहीं बनाया जाता है, ताकि किसी को हाईवे पार करना होता है तो वह बिना टोल दिए उसे पार कर जा सकता है। जिवाना टोल प्लाजा पर कंपनी ने टोल प्लाजा से पहले हाईवे पार करने के लिए बनाए गए ऐसे ही गोल चक्कर पर बड़े-बड़े ड्रम रख दिए है। ताकि कोई वाहन चालक टोल से पहले नेशनल हाईवे पार नहीं कर सके और उसे टोल पार करने के बाद दोबारा वापस आना पड़े। इस तरह वाहन चालकों व आसपास के गांव के लोगों को दो बार टोल देना पड़ता है। इसके अलावा पूर्वी यमुना नहर की पटरी मार्ग पर गड्ढे कर दिए गए है, जिससे वहां से कोई वाहन नहीं निकल सके। क्योंकि शामली जाने के लिए कोई भी वाहन चालक नहर पटरी से गांवों से होकर आगे निकल सकता है, जिससे टोल पीछे रह जाता है। अब मार्ग में गड्ढे होने के कारण सबसे ज्यादा किसानों को गन्ने की बुग्गी व अन्य वाहन लेकर जाने में परेशानी हो रही है। लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है और हाईवे से ड्रम नहीं हटाए जाने व नहर पटरी ठीक नहीं करने पर आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
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इन गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ी
गोल चक्कर को बंद करने के लिए रखे गए ड्रम से किशनपुर बराल, कासिमपुर खेड़ी, कंडेरा, जिवाना, जिवानी, बासौली, बरवाला के लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों को गलत दिशा में वाहन लेकर आना पड़ता है या टोल देकर हाईवे पार करना पड़ता है। गलत दिशा में वाहन लेकर आने से हादसे का डर रहता है।
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टोल प्लाजा पर लोगों को उत्पीड़न किया जा रहा है। इससे किसान भी परेशान है। टोल से पहले ड्रम लगा दिए गए है तो नहर की पटरी भी तोड़ दी गई है। ताकि कोई वहां से नहीं निकल सके। इससे गन्ना किसान सबसे ज्यादा परेशान है। - राजेन्द्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू
टोल प्लाजा कर्मियों के कारण आसपास के कई गांवों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ड्रम लगाकर हाईवे को पार करने के लिए जगह बंद कर दी गई है। टोल पर लोगों के साथ अभद्रता होती है। इससे लोगों में रोष है। - डॉ. ओमप्रकाश तोमर
टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से बदतमीजी की जाती है, जबकि हाईवे पार करने की जगह ड्रम रखे गए है तो हाईवे पार करने वाले वाहन चालकों से टोल नहीं लिया जाना चाहिए। इसके अलावा आसपास के गांवों के लोगों से टोल नहीं लिया जाना चाहिए। इसका विरोध किया जाएगा। - रवींद्र मुखिया, पूर्व उपसभापति सहकारी चीनी मिल।
नेशनल हाईवे पर बीच में सुंदरीकरण के लिए ड्रम रखे गए है। नहर की पटरी हमने नहीं तोड़ी है, उसे पहले ही तोड़ा हुआ था। टोल पर किसी को परेशानी नहीं होने दी जाती है। - सचिन गौतम, मैनेजर कोरल एसोसिएट