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सर्वे हुआ और उद्घाटन भी, आज भी निर्माण का इंतजार
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वर्ष 2015 के रेल बजट में की गई थी मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन की घोषणा
रेलवे लाइन को सत्र 2016-17 की पिंक बुक में भी शामिल किया गया
तत्कालीन रेल मंत्री ने 1099 करोड़ से तीन वर्ष में इसका निर्माण करने का एलान किया था
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। लंबे समय से लटकी मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन का सर्वे और उद्घाटन तक करा दिया गया, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। पश्चिम उत्तर प्रदेश की लाइफलाइन साबित होने वाली 104 किमी की रेल लाइन स्वीकृत होने के बावजूद अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। जिले से होकर गुजरने वाली इस रेल लाइन का ग्रामीणों को इंतजार है।
वर्ष 2015 के रेल बजट में मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन की घोषणा की गई थी। रेलवे लाइन को सत्र 2016-17 की पिंक बुक में भी शामिल किया गया। तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 1099 करोड़ से इस लाइन को तीन वर्षों में पूरा करने का एलान किया था। छह फरवरी 2019 को पूर्व मंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने टीकरी में रेलवे लाइन के नए सर्वे का उद्घाटन भी किया था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। मुजफ्फरनगर और बागपत के लोगों के बीच भी रेल लाइन को लेकर मतभेद दिखे। अपने-अपने जिले से रेल लाइन को निकलवाने का प्रयास किया गया, लेकिन लाइन कब और कहां से निकलेगी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन से मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली को लाभ होगा। सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद और हापुड़ और अन्य जिलों के लोग भी पानीपत जाने के लिए इस रेल मार्ग का प्रयोग कर सकेंगे। हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों में रेल सफर के लिए पहले दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग सीधे मेरठ से पानीपत तक का सफर तय कर सकेंगे। एक फरवरी को आने वाले बजट में भी बेहतर रेल सेवा की उम्मीद ग्रामीण कर रहे हैं।
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रेलवे लाइन को सत्र 2016-17 की पिंक बुक में भी शामिल किया गया
तत्कालीन रेल मंत्री ने 1099 करोड़ से तीन वर्ष में इसका निर्माण करने का एलान किया था
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। लंबे समय से लटकी मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन का सर्वे और उद्घाटन तक करा दिया गया, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। पश्चिम उत्तर प्रदेश की लाइफलाइन साबित होने वाली 104 किमी की रेल लाइन स्वीकृत होने के बावजूद अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। जिले से होकर गुजरने वाली इस रेल लाइन का ग्रामीणों को इंतजार है।
वर्ष 2015 के रेल बजट में मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन की घोषणा की गई थी। रेलवे लाइन को सत्र 2016-17 की पिंक बुक में भी शामिल किया गया। तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 1099 करोड़ से इस लाइन को तीन वर्षों में पूरा करने का एलान किया था। छह फरवरी 2019 को पूर्व मंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने टीकरी में रेलवे लाइन के नए सर्वे का उद्घाटन भी किया था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। मुजफ्फरनगर और बागपत के लोगों के बीच भी रेल लाइन को लेकर मतभेद दिखे। अपने-अपने जिले से रेल लाइन को निकलवाने का प्रयास किया गया, लेकिन लाइन कब और कहां से निकलेगी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन से मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली को लाभ होगा। सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद और हापुड़ और अन्य जिलों के लोग भी पानीपत जाने के लिए इस रेल मार्ग का प्रयोग कर सकेंगे। हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों में रेल सफर के लिए पहले दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग सीधे मेरठ से पानीपत तक का सफर तय कर सकेंगे। एक फरवरी को आने वाले बजट में भी बेहतर रेल सेवा की उम्मीद ग्रामीण कर रहे हैं।
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