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हेड मोहर्रिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होते ही मिल गई रिवाल्वर

Wed, 29 Jun 2022 11:00 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 11:00 PM IST
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The revolver was found as soon as the report was filed against Head Mohrir
बागपत : दोघट थाने में बरामद की गई रिवाल्वर। - फोटो : BAGHPAT
बागपत। दोघट थाने के मालखाने से जिस रिवाल्वर को गायब बताकर देने से इंकार कर दिया गया था। वह रिवाल्वर अब हेड मोहर्रिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होते ही मिल गई है। रिवाल्वर मिलते ही पीड़ित को थाने बुलाया गया और उसे उसके सुपुर्द किया गया।
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भगवानपुर मौजिजाबाद नांगल गांव के रहने वाले परीक्षित पंवार उर्फ केतन के पिता पूर्व प्रधान सुक्रमपाल के नाम एक शस्त्र लाइसेंस था। जिस पर इंग्लैंड निर्मित पांच लाख रुपये की रिवाल्वर दर्ज थी। उसके पिता का 11 अगस्त 2019 को निधन होने पर 21 नवंबर 2019 को दोघट थाने में हेड मोहर्रिर मामचंद सागर के पास मालखाने में रिवाल्वर जमा करा दी थी। अब 18 मई 2022 को विरासत में शस्त्र लाइसेंस उसके नाम ट्रांसफर हो गया, तो वह रिवाल्वर लेने थाने में पहुंचे।
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उनको बताया गया कि रिवाल्वर गायब हो गई है और वह नहीं मिल रही है। परीक्षित के थाने में दस बार चक्कर काटने पर रिवाल्वर देने से इंकार कर दिया गया था और अभद्रता तक की गई थी। इस मामले को अमर उजाला ने उठाया तो एसपी ने यहां से तबादला होने पर गाजियाबाद जा चुके हेड मोहर्रिर मामचंद सागर को बुलाने के लिए एसएसपी गाजियाबाद को पत्र लिखा।
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क्योंकि मालखाने की चाबी भी उसके ही पास थी। पत्र भेजने के बाद भी वह नहीं आया तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद वह थाने पहुंचा और वहां रिवाल्वर को कई घंटे तक तलाश करने के बाद निकाला गया। दोघट थाना प्रभारी जनक सिंह चौहान ने बताया कि रिवाल्वर मिलने पर मालिक को सौंप दी गई है। अब हेड मोहर्रिर के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट खत्म की जाएगी।

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अमर उजाला के कारण मिला रिवाल्वर
परीक्षित पंवार का कहना है कि थाने के चक्कर काटने के बाद जब उसके साथ अभद्रता की जाने लगी तो वह पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय पहुंचा। उसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। जब अमर उजाला में खबर प्रकाशित हुई तो अधिकारी हरकत में आए और अब उसे रिवाल्वर मिल गया है। उसने कहा कि इंग्लैंड निर्मित रिवाल्वर को दादा ने मंगवाया था और उसके बाद पिता तो अब उसको मिला है।
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